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पीएमईजीपी योजना: 22,259 नई इकाइयों को ₹504.68 करोड़ की सब्सिडी, 2.44 लाख रोज़गार का लक्ष्य

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पीएमईजीपी योजना: 22,259 नई इकाइयों को ₹504.68 करोड़ की सब्सिडी, 2.44 लाख रोज़गार का लक्ष्य

सारांश

पीएमईजीपी के तहत केवीआईसी ने एक झटके में 22,259 नई इकाइयों को ₹504.68 करोड़ की सब्सिडी जारी की — साथ में ₹1,485 करोड़ के बैंक ऋण और 2.44 लाख रोज़गार का लक्ष्य। 12 वर्षों में 10.84 लाख इकाइयाँ और ₹29,623 करोड़ की सब्सिडी — खादी क्षेत्र अब ₹2.51 लाख करोड़ के कारोबार लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

केवीआईसी ने पीएमईजीपी के तहत 22,259 नई इकाइयों को ₹504.68 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की।
बैंकों ने इन परियोजनाओं के लिए लगभग ₹1,485 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए; करीब 2,44,849 लोगों को रोज़गार मिलने की उम्मीद।
वितरण सिवानी, भिवानी (हरियाणा) में आयोजित 'खादी रोज़गार उत्सव' में हुआ; 7 राज्यों के 972 कारीगरों को 3,645 मशीनें और टूलकिट दिए गए।
पिछले 12 वर्षों में पीएमईजीपी के तहत 10.84 लाख से अधिक इकाइयाँ स्थापित; ₹29,623 करोड़ की सब्सिडी; 97.95 लाख रोज़गार सृजित।
खादी-ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार ₹1.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर; नया लक्ष्य ₹2.51 लाख करोड़ ।
हरियाणा में खादी कारीगरों में 80% महिलाएँ; राज्य में 58,796 कारीगरों को सक्रिय रोज़गार।

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत देशभर के ग्रामीण कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमों की 22,259 नई परियोजनाओं के लिए ₹504.68 करोड़ की ऑनलाइन मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा गुरुवार, 18 जून को जारी बयान के अनुसार, बैंकों ने इन परियोजनाओं के लिए लगभग ₹1,485 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए हैं, जिनसे करीब 2,44,849 लोगों को रोज़गार मिलने की उम्मीद है।

खादी रोज़गार उत्सव में हुआ वितरण

यह सब्सिडी राशि हरियाणा के भिवानी जिले के सिवानी में आयोजित 'खादी रोज़गार उत्सव' के दौरान वितरित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 972 कारीगरों को वर्चुअल माध्यम से 3,645 आधुनिक मशीनें और टूलकिट भी वितरित किए गए। लाभान्वित राज्यों में हरियाणा, नई दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और त्रिपुरा शामिल हैं।

खादी-ग्रामोद्योग क्षेत्र की उपलब्धियाँ

केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने बताया कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कुल उत्पादन बढ़कर लगभग ₹1.25 लाख करोड़ तक पहुँच गया है, जबकि कारोबार ₹1.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने देशभर में 2.04 करोड़ लोगों को रोज़गार उपलब्ध कराया है। गोयल ने इस उपलब्धि का श्रेय लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और खादी संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र ने अब ₹2.51 लाख करोड़ के कारोबार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

पीएमईजीपी की 12 वर्षों की उपलब्धि

गोयल के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में पीएमईजीपी योजना के तहत देशभर में 10.84 लाख से अधिक नई इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। सरकार ने इन इकाइयों के लिए ₹29,623 करोड़ की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 97.95 लाख लोगों को रोज़गार मिला है। यह आँकड़ा ग्रामीण स्वरोज़गार के क्षेत्र में योजना की व्यापक पहुँच को रेखांकित करता है।

हरियाणा में महिला सशक्तिकरण की तस्वीर

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खादी स्वदेशी का प्रतीक है और स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और आत्मगौरव का प्रतिनिधित्व करती रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 96 सक्रिय खादी और ग्रामोद्योग संस्थानों के ज़रिए लगभग 58,796 कारीगरों को रोज़गार मिल रहा है और ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत राज्य में 1.27 लाख से अधिक लोगों को रोज़गार प्राप्त हुआ है। सैनी ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि खादी क्षेत्र से जुड़े कारीगरों में 80 प्रतिशत महिलाएँ हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा, 'हम ऐसी व्यापक व्यवस्था विकसित कर रहे हैं जिससे स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्कृष्ट उत्पाद देश और विदेश के बाज़ारों तक पहुँच सकें। इसके लिए स्थानीय बिक्री केंद्रों के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा।' यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण रोज़गार और कुटीर उद्योग को डिजिटल बाज़ार से जोड़ने की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

623 करोड़ की सब्सिडी — आँकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि इन इकाइयों में से कितनी पाँच वर्ष बाद भी चालू हैं। सूक्ष्म उद्यमों में उत्तरजीविता दर एक पुरानी चुनौती रही है जिस पर सरकारी बयानों में प्रायः चुप्पी रहती है। खादी क्षेत्र का ₹1.87 लाख करोड़ का कारोबार उत्साहजनक है, परंतु 80% महिला कारीगरों की भागीदारी के बावजूद उनकी औसत आय और सामाजिक सुरक्षा कवरेज पर पारदर्शी डेटा सार्वजनिक नहीं है — यही वह अंतर है जो नीतिगत सफलता के दावों को जाँचने के लिए ज़रूरी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमईजीपी योजना क्या है और इसका लाभ किसे मिलता है?
प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) केंद्र सरकार की एक सब्सिडी-आधारित योजना है जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए मार्जिन मनी सब्सिडी और बैंक ऋण उपलब्ध कराती है। इसका संचालन MSME मंत्रालय के तहत केवीआईसी करता है और मुख्य लाभार्थी ग्रामीण कारीगर, बुनकर और पहली बार उद्यम शुरू करने वाले युवा हैं।
इस बार जारी ₹504.68 करोड़ की सब्सिडी से कितने लोगों को रोज़गार मिलेगा?
मंत्रालय के बयान के अनुसार, 22,259 नई परियोजनाओं के लिए जारी ₹504.68 करोड़ की सब्सिडी और ₹1,485 करोड़ के बैंक ऋण से करीब 2,44,849 लोगों को रोज़गार मिलने की उम्मीद है। यह अनुमान परियोजनाओं के पूर्ण संचालन पर आधारित है।
पीएमईजीपी के तहत पिछले 12 वर्षों में क्या उपलब्धियाँ रही हैं?
केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में पीएमईजीपी के तहत देशभर में 10.84 लाख से अधिक नई इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। सरकार ने इनके लिए ₹29,623 करोड़ की सब्सिडी दी है और लगभग 97.95 लाख लोगों को रोज़गार मिला है।
'खादी रोज़गार उत्सव' में किन राज्यों के कारीगरों को मशीनें मिलीं?
हरियाणा के सिवानी में आयोजित इस कार्यक्रम में सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 972 कारीगरों को वर्चुअल माध्यम से 3,645 आधुनिक मशीनें और टूलकिट वितरित किए गए। इनमें हरियाणा, नई दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और त्रिपुरा शामिल हैं।
खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का अगला कारोबार लक्ष्य क्या है?
केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल के अनुसार, खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने ₹2.51 लाख करोड़ के कारोबार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में क्षेत्र का कारोबार ₹1.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर है और कुल उत्पादन लगभग ₹1.25 लाख करोड़ है।
राष्ट्र प्रेस
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