पुणे नसरापुर रेप-हत्याकांड: राज ठाकरे ने की त्वरित और कड़ी सजा की मांग, महाराष्ट्र की मूल्य-व्यवस्था पर उठाए सवाल
पुणे जिले की भोर तहसील के नसरापुर इलाके में चार साल की एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या की घटना के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने मंगलवार, 5 मई को राज्य के सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोपियों के लिए कड़ी और त्वरित सजा की मांग करते हुए महाराष्ट्र की बिखरती मूल्य-व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की आवश्यकता पर बल दिया।
राज ठाकरे का बयान और मुख्य माँगें
राज ठाकरे ने X (ट्विटर) पर एक भावुक और विस्तृत बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने उस राज्य की नींव पर सवाल उठाया जो कभी महिला सशक्तीकरण में देश का नेतृत्व करता था। उन्होंने आरोपी को 'हैवान' करार देते हुए कहा कि उसे कानूनी बारीकियों की परवाह किए बिना जल्द से जल्द सख्त सजा दी जानी चाहिए। MNS प्रमुख ने सरकार की तथाकथित 'फास्ट-ट्रैक' कार्रवाई को भी निशाने पर लिया और कहा कि यह अक्सर महज दिखावे तक सीमित रह जाती है।
पुलिस की कार्यशैली पर तीखा प्रहार
ठाकरे ने यह भी कहा कि नसरापुर में शोक व्यक्त कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने जितनी तेज़ी से लाठीचार्ज किया, उतनी ही तत्परता अगर लड़कियों और महिलाओं पर हमला करने वाले अपराधियों में डर पैदा करने में दिखाई जाती, तो स्थिति भिन्न होती। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के अपहरण और उन पर हमले के मामले हर साल तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि अपराधियों में प्रशासन का भय समाप्त हो चुका है।
सामाजिक गिरावट और 1995 का निर्णायक मोड़
राज ठाकरे ने इस घटना को समाज में फैल रही व्यापक गिरावट से जोड़ते हुए कहा कि महाराष्ट्र अपने मूल उद्देश्यों से भटक गया है। उन्होंने 1995 को राज्य के लिए एक निर्णायक मोड़ बताया और कहा कि 1992 में उदारीकरण की लहर आने पर महाराष्ट्र उसे सही तरीके से आत्मसात नहीं कर पाया। उनके शब्दों में,