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मंगलुरु कैबिनेट पर भाजपा की टिप्पणी से भड़के प्रियांक खड़गे: करावली को ₹32,611 करोड़ का विकास पैकेज

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मंगलुरु कैबिनेट पर भाजपा की टिप्पणी से भड़के प्रियांक खड़गे: करावली को ₹32,611 करोड़ का विकास पैकेज

सारांश

मंगलुरु में कांग्रेस की कैबिनेट बैठक सियासी तूफ़ान की वजह बन गई। भाजपा की 'नाक पर घी मलने' वाली टिप्पणी पर गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने करावली के लिए ₹32,611 करोड़ का हवाला देते हुए पलटवार किया — यह बहस दरअसल भाजपा के परंपरागत गढ़ में कांग्रेस की सेंधमारी की कोशिश का राजनीतिक प्रतिबिंब है।

मुख्य बातें

कर्नाटक गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने 19 सितंबर 2026 को भाजपा की 'नाक पर घी मलने वाली कैबिनेट' टिप्पणी पर कड़ा पलटवार किया।
खड़गे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा पर करावली को 'सांप्रदायिकता की प्रयोगशाला' बनाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सरकार ने करावली के 3 ज़िलों के लिए ₹32,611 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की है।
सरकार ने क्षेत्र में डेटा सेंटर, वॉटर मेट्रो, मरीन बायोटेक और IT जैसे प्रगतिशील विषयों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।
करावली पारंपरिक रूप से भाजपा का गढ़ माना जाता है; यह विवाद आगामी स्थानीय चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक रूप से अहम है।

कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने 19 सितंबर 2026 को मंगलुरु कैबिनेट बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना पर कड़ा पलटवार किया। भाजपा नेताओं ने मंगलुरु में हुई कैबिनेट बैठक को 'नाक पर घी मलने वाली कैबिनेट' की संज्ञा दी थी, जिसके जवाब में खड़गे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए भाजपा पर विकास-विरोधी राजनीति का आरोप लगाया।

खड़गे का भाजपा पर हमला

गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, 'मंगलुरु कैबिनेट को 'नाक पर घी मलने वाली कैबिनेट' कहना भाजपा सदस्यों की हताशा भरी आलोचना है। जिस भाजपा ने करावली में खून-खराबा करना अपना काम बना लिया था, वह हमारे विकास के नज़रिए को देखकर घबरा गई है।' उन्होंने आगे कहा कि जहाँ भाजपा ने करावली को 'सांप्रदायिकता की प्रयोगशाला' बना दिया था, वहीं वर्तमान सरकार उसे 'विकास की प्रयोगशाला' में बदलने के लिए काम कर रही है।

करावली विकास पर सरकार का दृष्टिकोण

खड़गे ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि वह करावली को केवल 'वोट बैंक वाले इलाके' के रूप में देखती थी और वहाँ उसके नेताओं का आना-जाना केवल 'भड़काऊ भाषण' देने के लिए होता था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने इस क्षेत्र में डेटा सेंटर, वॉटर मेट्रो, पर्यटन, मरीन बायोटेक और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर सकारात्मक विमर्श की शुरुआत की है। यह ऐसे समय में आया है जब करावली क्षेत्र लंबे समय से सांप्रदायिक तनाव और विकास की धीमी रफ़्तार के लिए चर्चा में रहा है।

₹32,611 करोड़ की ऐतिहासिक घोषणा

गृहमंत्री ने करावली के 3 ज़िलों के लिए ₹32,611 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि भाजपा इस क्षेत्र के लिए विकास का ऐसा नज़रिया क्यों नहीं अपना सकी। उन्होंने कहा कि जब लोग सांप्रदायिक मुद्दों की बजाय प्रगतिशील विषयों के बारे में सोचने लगते हैं, तो भाजपा को 'अपने अस्तित्व पर ही खतरा मंडराता' दिखने लगता है।

सरकार की विकास प्रतिबद्धता

इससे पहले भी प्रियांक खड़गे ने कहा था कि तटीय इलाके के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए ही मंगलुरु में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा, 'चाहे कल्याण कर्नाटक हो या तटीय इलाका, सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब समाज में सद्भाव, समानता और जागरूकता हो।' गृहमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लोगों के दरवाज़े तक जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करना और रोज़गार पैदा करने वाली योजनाएँ शुरू करना पूरी तरह उचित है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार लगातार राज्य के विभिन्न हिस्सों में 'आउटरीच कैबिनेट बैठकें' आयोजित करती रही है, जिसे भाजपा ने राजनीतिक प्रचार करार दिया है। करावली क्षेत्र, जिसमें दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ ज़िले शामिल हैं, पारंपरिक रूप से भाजपा का गढ़ माना जाता है। ऐसे में मंगलुरु में कैबिनेट बैठक और उसके बाद उठा सियासी बवंडर आने वाले स्थानीय चुनावों की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

611 करोड़ का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि इन घोषणाओं का ज़मीनी क्रियान्वयन कितना होगा और कितने समय में। 'सांप्रदायिकता बनाम विकास' का यह फ्रेम कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, पर इसकी विश्वसनीयता तब बनेगी जब घोषित परियोजनाएँ समयबद्ध तरीके से पूरी हों। भाजपा की प्रतिक्रिया की धार कुंद पड़ती दिख रही है क्योंकि वह अपना सकारात्मक विकल्प पेश करने की बजाय टिप्पणी की राजनीति तक सिमटी है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियांक खड़गे ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने करावली को 'सांप्रदायिकता की प्रयोगशाला' बनाया और वहाँ केवल भड़काऊ भाषण देने के लिए आती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा करावली को वोट बैंक से अधिक कुछ नहीं समझती थी।
मंगलुरु कैबिनेट बैठक में करावली के लिए क्या घोषणा हुई?
कांग्रेस सरकार ने करावली के 3 ज़िलों के लिए ₹32,611 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की है। इसमें डेटा सेंटर, वॉटर मेट्रो, पर्यटन, मरीन बायोटेक और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर ज़ोर दिया गया है।
भाजपा ने मंगलुरु कैबिनेट को क्या कहा था?
भाजपा नेताओं ने मंगलुरु में हुई कांग्रेस सरकार की कैबिनेट बैठक को 'नाक पर घी मलने वाली कैबिनेट' की संज्ञा दी थी। इसे उन्होंने राजनीतिक दिखावा बताया, जिस पर गृहमंत्री खड़गे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
करावली राजनीतिक रूप से इतना महत्त्वपूर्ण क्यों है?
करावली क्षेत्र — जिसमें दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ ज़िले शामिल हैं — पारंपरिक रूप से भाजपा का गढ़ माना जाता है। ऐसे में कांग्रेस सरकार का वहाँ कैबिनेट बैठक आयोजित करना और बड़े विकास पैकेज की घोषणा करना आगामी चुनावों की दृष्टि से राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रियांक खड़गे ने 'विकास बनाम सांप्रदायिकता' पर क्या कहा?
खड़गे ने कहा कि जब लोग सांप्रदायिक मुद्दों की बजाय प्रगतिशील विषयों के बारे में सोचने लगते हैं, तो भाजपा को अपने अस्तित्व पर खतरा मंडराता दिखने लगता है। उन्होंने जोर दिया कि उनकी सरकार राजनीति से ऊपर लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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