पुणे: स्किन क्लिनिक में जल्दी अपॉइंटमेंट के लिए PSI बनी 25 वर्षीय युवती गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के कैंप इलाके में 6 जून 2026 को एक 25 वर्षीय युवती को नकली पुलिस वर्दी पहनकर स्किन क्लिनिक में घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि युवती ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) का वेश धारण कर संजीवनी स्किन क्लिनिक में प्राथमिकता के आधार पर अपॉइंटमेंट हासिल करने की कोशिश की। लश्कर पुलिस स्टेशन ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ भंडाफोड़
लश्कर पुलिस स्टेशन के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) महेश शिंदे 6 जून को सुबह करीब 10 बजे पुणे के कैंप इलाके में विक्ट्री थिएटर के सामने स्थित डॉ. अशफाक सैयद के संजीवनी स्किन क्लिनिक में अपने व्यक्तिगत इलाज के लिए गए थे।
क्लिनिक में प्रतीक्षा के दौरान उन्होंने खाकी पतलून और पुलिस जैसी जैकेट पहने एक युवती को देखा। जब वह युवती रजिस्ट्रेशन के लिए रिसेप्शन काउंटर पर पहुंची, तो ASI शिंदे का ध्यान उसकी वर्दी में कई विसंगतियों पर गया — लैनयार्ड, नेमप्लेट और नीला रिबन गलत तरीके से लगाए गए थे। युवती के पास पुलिस की टोपी और खाकी रंग का डंडा भी था।
पूछताछ और गिरफ्तारी
ASI शिंदे ने युवती से उसकी पोस्टिंग के बारे में पूछा। उसने दावा किया कि वह बानेर पुलिस स्टेशन से जुड़ी है और नाइट शिफ्ट के बाद क्लिनिक आई है। हालांकि, उसके जवाब असंगत लगे, जिस पर शिंदे ने लश्कर पुलिस स्टेशन को सूचित किया।
इसके बाद महिला पुलिसकर्मी पूजा पुंड और असरा बनसोडे क्लिनिक पहुंचीं और युवती को आगे की पूछताछ के लिए थाने ले गईं। पूछताछ में युवती की पहचान पुणे के म्हालुंगे निवासी समीना आसिफ इनामदार — जिसे समीना आयु पठान के नाम से भी जाना जाता है — के रूप में हुई।
आरोपी का कबूलनामा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान समीना ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह लंबे समय से पुलिस अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन भर्ती परीक्षा में सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उसने पुलिस जैसी वर्दी सिलवाई, उसे पहनकर तस्वीरें भी खिंचवाईं, और कथित तौर पर प्राथमिकता के आधार पर इलाज पाने की उम्मीद में इसी वर्दी में क्लिनिक पहुंची। समीना एक निजी संस्था में कार्यरत है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की जांच
पुलिस उपायुक्त संदीप भाजीभाकरे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि समीना ने एक और नकली पुलिस वर्दी भी सिलवाई थी। पुलिस अब उसके पूरे बैकग्राउंड की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में है कि क्या उसने पहले भी किसी अन्य स्थान पर पुलिस अधिकारी बनकर कोई अनुचित लाभ उठाया है। जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि वर्दी के इस्तेमाल के पीछे कोई और मकसद तो नहीं था। मामले में आगे की जांच जारी है।