पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस बिखरेगी, SIR विरोध 'शर्मनाक': भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनन कुमार मिश्रा ने 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला और कहा कि पंजाब में आगामी चुनाव से पहले ही पार्टी 'कई टुकड़ों में बिखर जाएगी।' उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आलोचना करने वाले विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया।
पंजाब कांग्रेस में टूट की भविष्यवाणी
मिश्रा ने कहा, 'पंजाब एक उदाहरण है। कांग्रेस के अंदर की आपसी लड़ाई और विवाद दिन-ब-दिन सामने आ रहे हैं। जैसे-जैसे पंजाब में चुनाव और लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस टूटने की कगार पर है। यह अब साफ दिख रहा है।'
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में ऐसा कोई नेता नहीं है जिसे सभी कांग्रेसी स्वीकार करें। उनके अनुसार, पंजाब कांग्रेस पहले ही दो गुटों में विभाजित हो चुकी है और चुनाव से पहले यह विभाजन और गहरा होगा।
SIR पर विपक्ष को घेरा
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर मिश्रा ने कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय ने इस प्रक्रिया पर मुहर लगा दी है, तो किसी भी राजनीतिक दल द्वारा इसकी आलोचना करना 'शर्मनाक' है। उन्होंने कहा, 'SIR निष्पक्ष चुनाव और स्वच्छ मतदाता सूची के लिए चुनाव आयोग का सराहनीय कदम है। जब सभी को इसकी अहमियत का एहसास होगा, वे इसका स्वागत करेंगे।'
वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों पर BJP का रुख
मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने पर मिश्रा ने इसे 'अच्छा कदम' बताया। उन्होंने कहा कि इससे बोर्ड सभी पक्षों को सुनकर निष्पक्ष निर्णय ले सकेगा। यह बदलाव उस कानूनी प्रावधान के तहत किया गया है जो राज्य सरकारों को ऐसे संशोधन करने की अनुमति देता है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर प्रतिक्रिया
श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विवाद के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए मिश्रा ने कहा, 'सीएम योगी ने सही कहा है। राम मंदिर को लेकर जो भी गलत हुआ, उसके लिए जिम्मेदार लोगों ने सब गड़बड़ी की।' उन्होंने अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने 'इस मुद्दे का मजाक बनाया है।'
मिश्रा ने यह भी कहा कि विवाद की जांच के लिए SIT का गठन किया जा चुका है, जांच का दायरा बढ़ाया गया है और ट्रस्ट के कई सदस्यों ने इस्तीफा भी दे दिया है। उनके अनुसार, विपक्षी दल इस मामले को राजनीतिक हथियार बना रहे हैं। आने वाले दिनों में SIT की जांच रिपोर्ट और पंजाब में पार्टियों की रणनीति इस राजनीतिक बयानबाजी की दिशा तय करेगी।