राहुल गांधी पर उत्तराखंड एफआईआर: तारिक अनवर बोले — 'न नेता डरेंगे, न कांग्रेस'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 1 सितंबर को कटिहार में स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर न तो नेता प्रतिपक्ष को डरा सकती है और न ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को। अनवर ने कहा कि पार्टी जनता की तकलीफों के लिए आवाज़ उठाना जारी रखेगी।
एफआईआर पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
अनवर ने कहा, 'इस तरह के एफआईआर से न राहुल गांधी घबराने वाले हैं, न कांग्रेस पार्टी घबराने वाली है। हम संघर्ष करते रहेंगे, लड़ाई लड़ते रहेंगे, जनता की जो भी तकलीफ है, परेशानी है, उसके खिलाफ आवाज़ बुलंद करते रहेंगे।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सभी वर्गों की बात करते हैं और इसीलिए सत्तारूढ़ दल उन्हें निशाना बना रहा है।
जीडीपी आँकड़ों पर भाजपा को घेरा
भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.08 प्रतिशत रहने के सरकारी दावों पर तंज कसते हुए अनवर ने कहा कि अगर आँकड़ों से गरीबी मिट जाती और लोगों का पेट भर जाता तो इससे अच्छी बात क्या होती। उन्होंने कहा कि गाँव से लेकर शहर तक की असली हालत देश के लोग खुद महसूस कर रहे हैं, और सरकारी संख्याएँ ज़मीनी सच्चाई को नहीं दर्शातीं।
मदरसा बंदी और शिक्षा पर सवाल
मदरसों को बंद करने की सरकारी नीति को अनवर ने 'एक सूत्रीय कार्यक्रम' करार दिया और कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को व्यवस्थित तरीके से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश में एक लाख से अधिक सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं और शिक्षकों की नियुक्ति न होने से जो स्कूल बचे हैं, वे भी बंदी की कगार पर हैं। उनके अनुसार, जो लोग बच्चों की पढ़ाई के लिए मदरसे चला रहे हैं, उन्हें भी रोका जा रहा है — जो युवाओं को शिक्षा से वंचित रखने की कोशिश है।
मुंबई में प्रदर्शन और हिरासत का आरोप
मुंबई से कांग्रेस नेता जीनत शबरीन ने बताया कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित 'शुद्धिकरण की रस्म' के विरोध में प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं को घर से उठाया गया और पूरी रात हिरासत में रखा गया। शबरीन ने कहा कि हिरासत के दौरान किस धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, यह भी नहीं बताया गया, और युवाओं के साथ जो बर्ताव हुआ उसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लेनी होगी।
आगे क्या
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रहेगी। उत्तराखंड में दर्ज एफआईआर और मुंबई में कार्यकर्ताओं की कथित हिरासत — दोनों मुद्दों पर पार्टी कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर सक्रिय रहने का इरादा रखती है।