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राहुल गांधी पर उत्तराखंड एफआईआर: तारिक अनवर बोले — 'न नेता डरेंगे, न कांग्रेस'

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राहुल गांधी पर उत्तराखंड एफआईआर: तारिक अनवर बोले — 'न नेता डरेंगे, न कांग्रेस'

सारांश

उत्तराखंड में राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया है। तारिक अनवर ने साफ कहा — संघर्ष जारी रहेगा। मुंबई में कार्यकर्ताओं की रातभर कथित हिरासत ने मामले को नया आयाम दिया है।

मुख्य बातें

उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसे कांग्रेस ने राजनीति से प्रेरित बताया।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कटिहार में कहा — 'न राहुल गांधी घबराएँगे, न कांग्रेस।' अनवर ने देश में एक लाख से अधिक सरकारी स्कूल बंद होने का हवाला देते हुए मदरसा बंदी को 'एक सूत्रीय कार्यक्रम' बताया।
मुंबई से कांग्रेस नेता जीनत शबरीन ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी रैली-विरोध के बाद कार्यकर्ताओं को पूरी रात हिरासत में रखा गया।
कांग्रेस ने कहा कि BJP को युवाओं के साथ हुए बर्ताव की जवाबदेही लेनी होगी।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 1 सितंबर को कटिहार में स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर न तो नेता प्रतिपक्ष को डरा सकती है और न ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को। अनवर ने कहा कि पार्टी जनता की तकलीफों के लिए आवाज़ उठाना जारी रखेगी।

एफआईआर पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

अनवर ने कहा, 'इस तरह के एफआईआर से न राहुल गांधी घबराने वाले हैं, न कांग्रेस पार्टी घबराने वाली है। हम संघर्ष करते रहेंगे, लड़ाई लड़ते रहेंगे, जनता की जो भी तकलीफ है, परेशानी है, उसके खिलाफ आवाज़ बुलंद करते रहेंगे।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सभी वर्गों की बात करते हैं और इसीलिए सत्तारूढ़ दल उन्हें निशाना बना रहा है।

जीडीपी आँकड़ों पर भाजपा को घेरा

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.08 प्रतिशत रहने के सरकारी दावों पर तंज कसते हुए अनवर ने कहा कि अगर आँकड़ों से गरीबी मिट जाती और लोगों का पेट भर जाता तो इससे अच्छी बात क्या होती। उन्होंने कहा कि गाँव से लेकर शहर तक की असली हालत देश के लोग खुद महसूस कर रहे हैं, और सरकारी संख्याएँ ज़मीनी सच्चाई को नहीं दर्शातीं।

मदरसा बंदी और शिक्षा पर सवाल

मदरसों को बंद करने की सरकारी नीति को अनवर ने 'एक सूत्रीय कार्यक्रम' करार दिया और कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को व्यवस्थित तरीके से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश में एक लाख से अधिक सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं और शिक्षकों की नियुक्ति न होने से जो स्कूल बचे हैं, वे भी बंदी की कगार पर हैं। उनके अनुसार, जो लोग बच्चों की पढ़ाई के लिए मदरसे चला रहे हैं, उन्हें भी रोका जा रहा है — जो युवाओं को शिक्षा से वंचित रखने की कोशिश है।

मुंबई में प्रदर्शन और हिरासत का आरोप

मुंबई से कांग्रेस नेता जीनत शबरीन ने बताया कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित 'शुद्धिकरण की रस्म' के विरोध में प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं को घर से उठाया गया और पूरी रात हिरासत में रखा गया। शबरीन ने कहा कि हिरासत के दौरान किस धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, यह भी नहीं बताया गया, और युवाओं के साथ जो बर्ताव हुआ उसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लेनी होगी।

आगे क्या

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रहेगी। उत्तराखंड में दर्ज एफआईआर और मुंबई में कार्यकर्ताओं की कथित हिरासत — दोनों मुद्दों पर पार्टी कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर सक्रिय रहने का इरादा रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि हल्द्वानी में 'शुद्धिकरण की रस्म' की घटना की स्वतंत्र जाँच हुई या नहीं। जब तक एफआईआर में लगाई गई धाराएँ सार्वजनिक नहीं होतीं, तब तक दोनों पक्षों के दावों को उनके राजनीतिक संदर्भ में ही परखना होगा।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
रिपोर्टों के अनुसार, हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित 'शुद्धिकरण की रस्म' की घटना के विरोध में राहुल गांधी ने आवाज़ उठाई, जिसके बाद उत्तराखंड में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। कांग्रेस ने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताया है।
तारिक अनवर ने एफआईआर पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कटिहार में कहा कि इस तरह की एफआईआर से न राहुल गांधी घबराएँगे और न कांग्रेस पार्टी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता की परेशानियों के खिलाफ आवाज़ उठाना जारी रखेगी।
मुंबई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में क्यों लिया गया?
कांग्रेस नेता जीनत शबरीन के अनुसार, राहुल गांधी की एफआईआर के विरोध में मुंबई में प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं को घर से उठाया गया और पूरी रात हिरासत में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान किस धारा के तहत मुकदमा है, यह भी नहीं बताया गया।
तारिक अनवर ने मदरसा बंदी पर क्या कहा?
अनवर ने मदरसा बंदी को सरकार का 'एक सूत्रीय कार्यक्रम' बताया और कहा कि देश में एक लाख से अधिक सरकारी स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं। उनके अनुसार, जो लोग बच्चों की शिक्षा के लिए मदरसे चला रहे हैं, उन्हें भी रोकना युवाओं को अनपढ़ रखने की कोशिश है।
कांग्रेस इस मामले में आगे क्या करेगी?
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह उत्तराखंड एफआईआर और मुंबई हिरासत — दोनों मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर उठाती रहेगी। पार्टी ने BJP से युवा कार्यकर्ताओं के साथ हुए बर्ताव की जवाबदेही माँगी है।
राष्ट्र प्रेस
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