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राहुल गांधी का गांधी स्मृति मार्च: NEET पेपर लीक पीड़ित छात्रों के लिए न्याय की माँग

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राहुल गांधी का गांधी स्मृति मार्च: NEET पेपर लीक पीड़ित छात्रों के लिए न्याय की माँग

सारांश

राहुल गांधी ने 23 जुलाई को नई दिल्ली में गांधी स्मृति तक मार्च कर NEET पेपर लीक के बाद जान गँवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी। इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने फ्लैशलाइट जलाकर सरकार से जवाबदेही की माँग की — यह विवाद परीक्षा प्रणाली की साख पर एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने 23 जुलाई को नई दिल्ली के गांधी स्मृति में सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन NEET पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या कर चुके छात्रों और घायल प्रदर्शनकारियों के समर्थन में था।
राहुल गांधी , प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसदों को तीन बसों में गांधी स्मृति ले जाया गया।
इंडिया गेट पर विरोध-प्रदर्शन की प्रारंभिक योजना पुलिस ने अस्वीकार कर दी; बसों को अनुमति मिलने से पहले कुछ देर रोका गया।
विपक्ष ने सरकार से कथित पेपर लीक और उसके बाद की अशांति की जिम्मेदारी लेने की माँग की।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 23 जुलाई को नई दिल्ली के तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति तक मार्च किया और कथित NEET पेपर लीक के बाद जान गँवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ मिलकर किए गए इस सांकेतिक प्रदर्शन में विपक्ष ने सरकार से जवाबदेही और न्याय की माँग की।

मार्च का घटनाक्रम

दिन की शुरुआत में विपक्षी सांसद राहुल गांधी के आवास पर बैठक के लिए एकत्रित हुए, जिसके बाद वहाँ बैरिकेड लगा दिए गए। बैठक के बाद राहुल गांधी ने गांधी स्मृति तक मार्च करने की घोषणा की, जो उनके आवास से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसदों को तीन बसों में उस स्थान पर ले जाया गया।

अपनी पहचान बन चुकी सफेद टी-शर्ट पहने राहुल गांधी ने राष्ट्रीय ध्वज और संविधान की एक प्रति हाथ में थामी हुई थी। सांसदों ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर एक कैंडललाइट मार्च जैसा वातावरण बनाया।

राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्वक गांधी स्मृति की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया है, जो बच्चे NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान लेने के लिए मजबूर हुए थे। हम उन छात्रों के साथ खड़े हैं जो आज घायल पड़े हैं, जिन्हें शांतिपूर्वक न्याय और जवाबदेही की माँग करने पर पीटा गया है।'

बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इंडिया गेट पर निगरानी रखने की उनकी प्रारंभिक योजना को पुलिस अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया था। गांधी स्मृति की ओर जाने की अनुमति मिलने से पहले बसों को कुछ देर के लिए रोका भी गया। एक बस के भीतर का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'हमें भारत के छात्रों के साथ खड़े होने से कोई नहीं रोक सकता।'

विपक्ष का आरोप और माँग

इस प्रदर्शन का मकसद उस बात को उजागर करना था जिसे विपक्ष ने युवा उम्मीदवारों के भविष्य की सुरक्षा में सरकार की कथित विफलता बताया। इंडिया ब्लॉक ने सरकार से कथित पेपर लीक और उसके बाद हुई अशांति की जिम्मेदारी लेने की माँग की। यह विरोध-प्रदर्शन उन छात्रों के समर्थन में था जिन्होंने पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली थी और जो हाल के प्रदर्शनों में घायल हुए थे।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि कथित NEET पेपर लीक विवाद ने देशभर में परीक्षा की शुचिता, छात्रों की सुरक्षा और राष्ट्रीय संस्थानों में जनता के भरोसे को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के लाखों चिकित्सा अभिलाषी छात्रों का भविष्य NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पर टिका हुआ है। विपक्ष ने जवाबदेही की माँग जारी रखने का संकल्प लिया है और यह राजनीतिक लड़ाई आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह सड़क-प्रदर्शनों की उस लंबी सूची में शामिल हो जाएगा जो सुर्खियों के बाद बिना नतीजे के थम जाते हैं। पुलिस द्वारा इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति न देना और बसों को रोकना — ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि सत्ता पक्ष इस मुद्दे की राजनीतिक धार को भलीभाँति समझता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने गांधी स्मृति मार्च क्यों किया?
राहुल गांधी ने कथित NEET पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या कर चुके छात्रों को श्रद्धांजलि देने और घायल प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में 23 जुलाई को गांधी स्मृति तक मार्च किया। विपक्ष सरकार से इस मामले में जवाबदेही और न्याय की माँग कर रहा है।
NEET पेपर लीक विवाद क्या है?
NEET पेपर लीक एक कथित घटना है जिसमें राष्ट्रीय चिकित्सा प्रवेश परीक्षा (NEET) का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने के आरोप लगे हैं। इस विवाद के बाद देशभर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन हुए और कई दुखद मौतें भी हुईं।
इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं मिली?
राहुल गांधी के अनुसार, इंडिया गेट पर निगरानी रखने की उनकी प्रारंभिक योजना को पुलिस अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने गांधी स्मृति की ओर रुख किया, जहाँ जाने की अनुमति मिलने से पहले बसों को कुछ देर के लिए रोका गया।
23 जुलाई के मार्च में कौन-कौन शामिल थे?
इस मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया ब्लॉक के अन्य सांसद शामिल थे। सांसदों ने मोबाइल फ्लैशलाइट जलाकर कैंडललाइट मार्च जैसा माहौल बनाया।
विपक्ष आगे क्या करने की योजना बना रहा है?
इंडिया ब्लॉक ने जवाबदेही की माँग जारी रखने का संकल्प लिया है और सरकार से कथित पेपर लीक तथा उसके बाद हुई अशांति की जिम्मेदारी लेने को कहा है। विपक्ष परीक्षा प्रणाली की शुचिता और छात्रों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक दबाव बनाए रखने का इरादा रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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