राहुल गांधी का गांधी स्मृति मार्च: NEET पेपर लीक पीड़ित छात्रों के लिए न्याय की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 23 जुलाई को नई दिल्ली के तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति तक मार्च किया और कथित NEET पेपर लीक के बाद जान गँवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ मिलकर किए गए इस सांकेतिक प्रदर्शन में विपक्ष ने सरकार से जवाबदेही और न्याय की माँग की।
मार्च का घटनाक्रम
दिन की शुरुआत में विपक्षी सांसद राहुल गांधी के आवास पर बैठक के लिए एकत्रित हुए, जिसके बाद वहाँ बैरिकेड लगा दिए गए। बैठक के बाद राहुल गांधी ने गांधी स्मृति तक मार्च करने की घोषणा की, जो उनके आवास से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसदों को तीन बसों में उस स्थान पर ले जाया गया।
अपनी पहचान बन चुकी सफेद टी-शर्ट पहने राहुल गांधी ने राष्ट्रीय ध्वज और संविधान की एक प्रति हाथ में थामी हुई थी। सांसदों ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर एक कैंडललाइट मार्च जैसा वातावरण बनाया।
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्वक गांधी स्मृति की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया है, जो बच्चे NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान लेने के लिए मजबूर हुए थे। हम उन छात्रों के साथ खड़े हैं जो आज घायल पड़े हैं, जिन्हें शांतिपूर्वक न्याय और जवाबदेही की माँग करने पर पीटा गया है।'
बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इंडिया गेट पर निगरानी रखने की उनकी प्रारंभिक योजना को पुलिस अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया था। गांधी स्मृति की ओर जाने की अनुमति मिलने से पहले बसों को कुछ देर के लिए रोका भी गया। एक बस के भीतर का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'हमें भारत के छात्रों के साथ खड़े होने से कोई नहीं रोक सकता।'
विपक्ष का आरोप और माँग
इस प्रदर्शन का मकसद उस बात को उजागर करना था जिसे विपक्ष ने युवा उम्मीदवारों के भविष्य की सुरक्षा में सरकार की कथित विफलता बताया। इंडिया ब्लॉक ने सरकार से कथित पेपर लीक और उसके बाद हुई अशांति की जिम्मेदारी लेने की माँग की। यह विरोध-प्रदर्शन उन छात्रों के समर्थन में था जिन्होंने पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली थी और जो हाल के प्रदर्शनों में घायल हुए थे।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि कथित NEET पेपर लीक विवाद ने देशभर में परीक्षा की शुचिता, छात्रों की सुरक्षा और राष्ट्रीय संस्थानों में जनता के भरोसे को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के लाखों चिकित्सा अभिलाषी छात्रों का भविष्य NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पर टिका हुआ है। विपक्ष ने जवाबदेही की माँग जारी रखने का संकल्प लिया है और यह राजनीतिक लड़ाई आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत हैं।