31 अगस्त 2026
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हल्द्वानी FIR: राहुल गांधी पर UP के चार मंत्रियों का हमला, कपिल देव बोले — 'चाय में भी जाति खोज रहे'

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हल्द्वानी FIR: राहुल गांधी पर UP के चार मंत्रियों का हमला, कपिल देव बोले — 'चाय में भी जाति खोज रहे'

सारांश

हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ जातिगत टिप्पणी पर दर्ज FIR के बाद UP के चार मंत्री एक साथ मैदान में उतरे। कपिल देव अग्रवाल का तंज — 'चाय में भी जाति खोज रहे हैं' — इस पूरे विवाद का सबसे तीखा सियासी जवाब बन गया।

मुख्य बातें

हल्द्वानी में राहुल गांधी की जातिगत टिप्पणी पर दर्ज FIR के बाद UP के चार मंत्रियों ने 31 अगस्त को प्रतिक्रिया दी।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा — 'राहुल गांधी अब चाय में भी जाति तलाश रहे हैं।' अग्रवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी के पास कोई स्पष्ट राजनीतिक एजेंडा नहीं है।
मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी विदेशों में भी भारत की छवि को नुकसान पहुँचाते हैं।
मंत्री जेपीएस राठौड़ ने वाराणसी की ऐतिहासिक घटना का हवाला देकर कांग्रेस के आचरण पर सवाल उठाए।
मंत्री धर्मपाल प्रजापति ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा के अनुरूप गंभीरता राहुल गांधी में दिखाई नहीं देती।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में जातिगत टिप्पणी को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के चार वरिष्ठ मंत्रियों ने 31 अगस्त को लखनऊ में कड़ी प्रतिक्रिया दी। दयाशंकर सिंह, जेपीएस राठौड़, कपिल देव अग्रवाल और धर्मपाल प्रजापति ने राहुल गांधी पर गैर-जिम्मेदाराना राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उनकी कार्यशैली को विपक्ष के नेता पद के अनुरूप नहीं बताया।

कपिल देव अग्रवाल का तंज — 'चाय में भी जाति'

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में 'बेहद गैर-जिम्मेदार' करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जाति और धर्म जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अनावश्यक बयानबाजी करते रहते हैं। अग्रवाल ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'राहुल गांधी अब चाय में भी जाति तलाश रहे हैं।' उनका सवाल था कि आमतौर पर चाय पीने या बेचने वाले व्यक्ति की जाति पूछने की आवश्यकता ही क्यों होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के पास कोई स्पष्ट राजनीतिक एजेंडा नहीं है और राहुल गांधी ने पार्टी को नुकसान पहुँचाया है।

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संभावित गठबंधन पर भी अग्रवाल ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में दोनों दल साथ आते हैं, तो यह गठबंधन राजनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित होगा और जो भी दल राहुल गांधी के साथ जुड़ेगा, उसकी स्थिति भी कमज़ोर होगी।

दयाशंकर सिंह — 'देश-विदेश में भारत की छवि धूमिल'

मंत्री दयाशंकर सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में भी ऐसे बयान और गतिविधियाँ करते हैं जिनसे भारत के सम्मान और स्वाभिमान को ठेस पहुँचती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक कार्यशैली में इस तरह की प्रवृत्ति लगातार देखी जाती रही है।

जेपीएस राठौड़ — कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड का हवाला

मंत्री जेपीएस राठौड़ ने एफआईआर के संदर्भ में कांग्रेस के ऐतिहासिक आचरण का उल्लेख किया। उन्होंने वाराणसी की एक घटना का उदाहरण दिया, जिसमें उनके अनुसार बाबू जगजीवन राम द्वारा संपूर्णानंद की प्रतिमा का अनावरण किए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस प्रतिमा को धोया था। राठौड़ ने कहा कि यदि कांग्रेस भेदभाव के मामलों को मुद्दा बनाना चाहती है, तो उसे पहले अपने कार्यकर्ताओं के व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

धर्मपाल प्रजापति — 'नेता प्रतिपक्ष में गंभीरता ज़रूरी'

मंत्री धर्मपाल प्रजापति ने कहा कि विपक्ष के नेता के पद पर बैठे व्यक्ति में गंभीरता और जिम्मेदारी का भाव होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयानों में वह परिपक्वता दिखाई नहीं देती जो इस संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए।

आगे क्या

हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर पर कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब जाति-आधारित जनगणना और आरक्षण के मुद्दे राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं। आलोचकों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों जाति की राजनीति को अपने-अपने तरीके से भुनाने में लगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका उद्देश्य हल्द्वानी FIR की खबर को राहुल गांधी की 'जाति-राजनीति' के इर्द-गिर्द फ्रेम करना है। विडंबना यह है कि जाति-आधारित जनगणना की माँग और आरक्षण विस्तार पर BJP खुद भी सतर्क रही है, ऐसे में 'जाति न खोजो' का नारा दोधारी तलवार है। कपिल देव अग्रवाल का 'चाय में जाति' वाला तंज मीडिया में सुर्खी बनने के लिए गढ़ा गया वाक्य लगता है — लेकिन असली सवाल यह है कि क्या FIR कानूनी रूप से टिकाऊ है, जो अभी तक स्पष्ट नहीं।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ FIR किस बात पर दर्ज हुई?
राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में जातिगत टिप्पणी को लेकर FIR दर्ज की गई है। इस FIR पर उत्तर प्रदेश सरकार के चार मंत्रियों ने 31 अगस्त को तीखी प्रतिक्रिया दी।
कपिल देव अग्रवाल ने राहुल गांधी पर क्या टिप्पणी की?
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में 'बेहद गैर-जिम्मेदार' बताया और व्यंग्य किया कि 'राहुल गांधी अब चाय में भी जाति तलाश रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास कोई स्पष्ट राजनीतिक एजेंडा नहीं है।
UP के किन मंत्रियों ने राहुल गांधी पर प्रतिक्रिया दी?
उत्तर प्रदेश सरकार के चार मंत्रियों — दयाशंकर सिंह, जेपीएस राठौड़, कपिल देव अग्रवाल और धर्मपाल प्रजापति — ने 31 अगस्त को लखनऊ में राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
जेपीएस राठौड़ ने वाराणसी की किस घटना का ज़िक्र किया?
जेपीएस राठौड़ ने कहा कि वाराणसी में बाबू जगजीवन राम द्वारा संपूर्णानंद की प्रतिमा का अनावरण किए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस प्रतिमा को धोया था। उन्होंने इसे कांग्रेस के भेदभावपूर्ण आचरण के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
क्या कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन होने पर BJP की क्या राय है?
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यदि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भविष्य में गठबंधन करते हैं, तो यह दोनों दलों के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित होगा। उनका कहना था कि जो भी दल राहुल गांधी के साथ जुड़ेगा, उसकी स्थिति कमज़ोर होगी।
राष्ट्र प्रेस
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