राजकोट नगर निगम ने एक माह से कम में वसूले ₹100.17 करोड़ टैक्स, रूडा ने PMAY के 5 आवंटन रद्द किए
सारांश
मुख्य बातें
राजकोट नगर निगम (RMC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शुरू किए गए वार्षिक टैक्स वसूली अभियान के तहत मात्र एक माह से कम समय में ₹100.17 करोड़ की संपत्ति और जल कर वसूली की है। निगम अधिकारियों ने 7 मई 2026 को यह जानकारी साझा की।
टैक्स वसूली अभियान का विवरण
नगर निगम के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष के लिए यह अभियान 7 अप्रैल 2026 को शुरू किया गया था। 30 अप्रैल 2026 तक कुल 1,65,559 करदाताओं ने अपने बकाया कर का भुगतान किया, जिससे निगम को ₹100.17 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
संग्रहित कुल राशि में से ₹72.57 करोड़ की वसूली 1,22,141 करदाताओं ने ऑनलाइन माध्यम से की, जबकि शेष 43,418 करदाताओं ने चेक और नकद के ज़रिए ₹27.68 करोड़ जमा किए। यह आँकड़ा दर्शाता है कि डिजिटल भुगतान अब शहरी कर संग्रह में प्रमुख माध्यम बन चुका है।
करदाताओं को छूट का प्रावधान
अग्रिम भुगतान योजना के तहत अब तक करदाताओं को कुल ₹11.99 करोड़ की छूट दी जा चुकी है। टैक्स रिकवरी विभाग के अनुसार, 31 मई 2026 तक अग्रिम टैक्स जमा करने वाले सामान्य करदाताओं को 10 प्रतिशत और महिला करदाताओं को 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
वहीं, 1 जून से 30 जून 2026 के बीच भुगतान करने पर सामान्य करदाताओं को 5 प्रतिशत और महिला करदाताओं को 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर कर जमा कर इस छूट योजना का लाभ उठाएँ।
रूडा ने PMAY के 5 आवंटन किए रद्द
इस बीच, राजकोट अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (रूडा) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पाँच आवासीय आवंटन रद्द कर दिए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित लाभार्थियों ने बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद लंबित किस्तों का भुगतान नहीं किया।
यह निर्णय रूडा बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव के बाद लिया गया। रद्द किए गए आवंटनों में वृंदावन हाउसिंग को-ऑपरेटिव सर्विस सोसाइटी के फ्लैट डी-604 और के-104, परिश्रम हाउसिंग को-ऑपरेटिव सर्विस सोसाइटी का फ्लैट एफ-104, परिवार हाउसिंग को-ऑपरेटिव सर्विस सोसाइटी का फ्लैट ए-806 और शिवशक्ति हाउसिंग को-ऑपरेटिव सर्विस सोसाइटी का फ्लैट ए-1104 शामिल हैं।
आपत्ति दर्ज कराने का अवसर
रूडा ने संबंधित लाभार्थियों को सूचित किया है कि यदि उन्हें आवंटन रद्द किए जाने पर कोई आपत्ति या पक्ष रखना है, तो वे सात दिनों के भीतर कार्यालय के हाउसिंग ब्रांच से संपर्क कर सकते हैं। गौरतलब है कि PMAY के तहत आवंटन रद्द करना एक असाधारण कदम है, जो यह संकेत देता है कि प्राधिकरण अब डिफॉल्टर लाभार्थियों के प्रति सख्त रुख अपना रहा है।
राजकोट में नगर निगम की यह दोहरी कार्रवाई — टैक्स वसूली में तेज़ी और PMAY आवंटन रद्दीकरण — शहरी प्रशासन की वित्तीय अनुशासन की दिशा में बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि छूट योजना समाप्त होने के बाद टैक्स वसूली की गति बनी रहती है या नहीं।