राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों को VIP सुविधा के दावे निराधार, अयोध्या जेल प्रशासन ने किया खंडन
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या जिला कारागार प्रशासन ने 19 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में निरुद्ध आरोपियों को जेल में किसी प्रकार की विशेष सुविधा (वीआईपी ट्रीटमेंट) नहीं दी जा रही है। समाचार-पत्रों और डिजिटल मीडिया में प्रकाशित इन खबरों को जेल प्रशासन ने औपचारिक रूप से तथ्यहीन करार दिया है।
जेल अधीक्षक का स्पष्टीकरण
जिला कारागार के अधीक्षक मुकेश कुमार ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस मामले में कुल आठ आरोपी कारागार में निरुद्ध हैं और उनके साथ पूरी तरह नियमानुसार व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी बंदी को नियमों से हटकर कोई विशेष सुविधा प्रदान नहीं की गई है।
हाई सिक्योरिटी बैरक में रखे गए आरोपी
अधीक्षक मुकेश कुमार के अनुसार, सभी आठों आरोपियों को कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है, जहाँ चौबीसों घंटे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है। उन्होंने बताया कि सभी बंदी हर समय सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहते हैं और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय फुटेज की जाँच की जा सकती है।
मीडिया रिपोर्टों का औपचारिक खंडन
जेल प्रशासन ने मीडिया में प्रसारित वीआईपी सुविधा संबंधी खबरों को पूरी तरह तथ्यहीन बताया है। यह खंडन ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहले से ही सार्वजनिक चर्चा और जाँच के केंद्र में है। गौरतलब है कि इस संवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार की अनियमितता की खबर जनभावनाओं को गहराई से प्रभावित कर सकती है।
आगे क्या
जेल प्रशासन के इस स्पष्टीकरण के बाद अब यह देखना होगा कि जाँच एजेंसियाँ इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं। सभी आठों आरोपियों पर निगरानी जारी है और मामले की सुनवाई न्यायालय में प्रक्रियाधीन है।