11 अगस्त 2026
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राम मंदिर चंदा विवाद: कुमारी शैलजा बोलीं — कांग्रेस संत समाज के साथ, देहरादून में की संगठनात्मक समीक्षा

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राम मंदिर चंदा विवाद: कुमारी शैलजा बोलीं — कांग्रेस संत समाज के साथ, देहरादून में की संगठनात्मक समीक्षा

सारांश

राम मंदिर चंदे की पारदर्शिता पर उठे सवालों के बीच कांग्रेस ने संत समाज के साथ खड़े होने का एलान किया। उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने देहरादून में चुनावी रणनीति बैठक के दौरान यह रुख स्पष्ट किया — जो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले BJP को धार्मिक मोर्चे पर घेरने की कांग्रेस की कोशिश का संकेत देता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने 17 जून 2026 को देहरादून में प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
शैलजा ने कहा कि राम मंदिर चंदा विवाद में कांग्रेस पार्टी संत समाज के साथ खड़ी है और निरंतर संवाद बनाए हुए है।
बैठक में चल्ला वामशी चंद रेड्डी , सुरेंद्र शर्मा , मनोज यादव और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल उपस्थित रहे।
पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है।
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने संगठनात्मक गतिविधियाँ तेज की हैं।

कांग्रेस सांसद एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने 17 जून 2026 को देहरादून में राम मंदिर चंदा विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले में संत समाज के साथ मजबूती से खड़ी है। उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुँचीं शैलजा ने प्रदेश कांग्रेस के अनुषांगिक संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ व्यापक बैठक की।

बैठक में क्या हुआ

इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य एवं संगठन सृजन अभियान के प्रभारी चल्ला वामशी चंद रेड्डी, उत्तराखंड के सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, सह-प्रभारी मनोज यादव तथा उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल उपस्थित रहे। नेताओं ने संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

बैठक में प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न पदाधिकारियों के साथ आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। शैलजा ने बताया कि पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर तक अपनी उपस्थिति को सुदृढ़ करना है।

राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का रुख

राम मंदिर चंदा विवाद के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर कुमारी शैलजा ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर संत समाज से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के पदाधिकारी और जिलाध्यक्ष इस विषय पर संतों के साथ खड़े हैं और उनके साथ निरंतर संवाद बनाए हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े चंदे की पारदर्शिता को लेकर विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं।

संगठन को मजबूत करने की रणनीति

शैलजा ने कहा कि ये बैठकें पार्टी की नियमित संगठनात्मक गतिविधियों का हिस्सा हैं, लेकिन चुनाव नज़दीक आने के साथ अब संगठन को और अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएँगे।

गौरतलब है कि उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है और कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता वापसी के लिए जमीनी स्तर पर संगठन को पुनर्जीवित करने में जुटी है।

आगे की राह

कांग्रेस के केंद्रीय प्रभारी और वरिष्ठ नेता इस संगठनात्मक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हैं। पार्टी समय-समय पर विभिन्न विषयों पर बैठकें करती रहेगी और चुनावी माहौल को देखते हुए जनता के बीच और अधिक मजबूती से उतरने की तैयारी कर रही है। राम मंदिर चंदा विवाद पर संत समाज के साथ कांग्रेस की यह सक्रियता आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तराखंड चुनाव से पहले धार्मिक मतदाताओं को साधने की सोची-समझी रणनीति है। यह ऐसे समय में आया है जब BJP खुद को हिंदुत्व की एकमात्र प्रतिनिधि बताती रही है — कांग्रेस का यह कदम उस कथा को सीधे चुनौती देता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि बिना ठोस कार्रवाई के केवल 'संवाद बनाए रखने' का दावा चुनावी बयानबाज़ी से अधिक कुछ नहीं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह समर्थन ज़मीन पर दिखेगा या सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा विवाद क्या है और कांग्रेस का इस पर क्या रुख है?
राम मंदिर चंदे की पारदर्शिता को लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने 17 जून 2026 को स्पष्ट किया कि पार्टी इस मामले में संत समाज के साथ खड़ी है और जिलाध्यक्ष व पदाधिकारी संतों के साथ निरंतर संवाद बनाए हुए हैं।
कुमारी शैलजा का देहरादून दौरा किस उद्देश्य से था?
कुमारी शैलजा दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुँची थीं, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना था। उन्होंने अनुषांगिक संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ रणनीतिक बैठक की।
देहरादून की कांग्रेस बैठक में कौन-कौन से नेता शामिल थे?
बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य चल्ला वामशी चंद रेड्डी, सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, सह-प्रभारी मनोज यादव और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
उत्तराखंड में कांग्रेस की चुनावी रणनीति क्या है?
कांग्रेस का लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ करना है। पार्टी जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
क्या कांग्रेस का संत समाज के साथ जुड़ाव उत्तराखंड चुनाव को प्रभावित कर सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, धार्मिक रूप से संवेदनशील उत्तराखंड में संत समाज का समर्थन चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालाँकि, इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कांग्रेस यह समर्थन ज़मीनी स्तर पर कितना मजबूत कर पाती है।
राष्ट्र प्रेस
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