राम मंदिर चंदा विवाद: कांग्रेस संत समाज के साथ, कुमारी शैलजा ने देहरादून बैठक में दिया बयान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने 17 जून 2026 को देहरादून में स्पष्ट किया कि राम मंदिर चंदा विवाद में पार्टी संत समाज के साथ खड़ी है और पार्टी के पदाधिकारी व जिलाध्यक्ष संतों के साथ निरंतर संवाद बनाए हुए हैं। यह बयान उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस के संगठनात्मक बैठक के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में दिया।
देहरादून में संगठनात्मक बैठक
दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुँचीं कुमारी शैलजा ने प्रदेश कांग्रेस के अनुषांगिक संगठनों, विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक की। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य एवं संगठन सृजन अभियान के प्रभारी चल्ला वामशी चंद रेड्डी, उत्तराखंड के सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, सह-प्रभारी मनोज यादव तथा उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी उपस्थित रहे। नेताओं ने संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का रुख
राम मंदिर चंदा विवाद से जुड़े सवाल पर कुमारी शैलजा ने कहा कि यह मामला संत समाज से जुड़ा हुआ है और कांग्रेस के पदाधिकारी तथा जिलाध्यक्ष इस विषय पर संतों के साथ खड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी लगातार संतों के साथ संवाद बनाए हुए है।
गौरतलब है कि राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे को लेकर विभिन्न संत-महात्माओं और धार्मिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का यह रुख ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों की सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का लक्ष्य
कुमारी शैलजा ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस का लक्ष्य बूथ स्तर तक अपनी पहुँच को मजबूत करना है, ताकि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके।'
उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर तालमेल के साथ काम करेंगे। कांग्रेस के केंद्रीय प्रभारी और अन्य वरिष्ठ नेता भी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल बताए जा रहे हैं।
चुनावी तैयारी की रणनीति
कुमारी शैलजा ने स्पष्ट किया कि ये बैठकें पार्टी की नियमित संगठनात्मक गतिविधियों का हिस्सा हैं, हालांकि चुनाव नजदीक आने के कारण अब संगठन को और अधिक सक्रिय तथा प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी समय-समय पर विभिन्न विषयों पर बैठकें करती रहती है और चुनावी माहौल को देखते हुए जनता के बीच और अधिक मजबूती से जाने की तैयारी की जा रही है।
आने वाले दिनों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के उत्तराखंड दौरे और जनसंपर्क अभियानों में तेजी आने की संभावना है।