राम मंदिर चढ़ावा चोरी: दोषियों को सख्त सजा मिले, 'सबके राम' संदेश सही — विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने 7 जुलाई को नई दिल्ली में एक विशेष बातचीत में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हालिया बैठक और अयोध्या के चढ़ावा चोरी विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के ज़रिए सख्त सजा दिलाई जाए। उन्होंने ट्रस्ट के 'सबके राम' संदेश का भी समर्थन किया और कई राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर संगठन का पक्ष रखा।
चढ़ावा चोरी पर ट्रस्ट का रुख और आलोक कुमार की प्रतिक्रिया
आलोक कुमार ने कहा, 'मुझे इस बात की संतुष्टि है कि ट्रस्ट ने मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना को स्वीकार किया है और गंभीरता से लिया है।' उन्होंने बताया कि ट्रस्टियों ने माना कि इस घटना से देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं और इस मामले में जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त दंड दिया जाएगा। इस प्रकरण की एक उल्लेखनीय बात यह है कि जिस व्यक्ति पर आरोप लगाए गए हैं, उसी ने सबसे पहले प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आलोक कुमार ने कहा कि ट्रस्ट जांच एजेंसियों को हरसंभव सहयोग दे रहा है और निष्पक्ष जांच के बाद कानून के अनुसार दंड सुनिश्चित होगा।
'सबके राम' संदेश का समर्थन
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन द्वारा दिए गए 'सबके राम' संदेश पर विहिप अध्यक्ष ने कहा, 'भगवान श्रीराम किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं। राम भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन मूल्यों के केंद्र में हैं और सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राम मंदिर को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ हो रही है।
योगी की टिप्पणियों और 1990 की फायरिंग का संदर्भ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर की गई टिप्पणियों के संदर्भ में आलोक कुमार ने कहा कि इतिहास में ऐसे कई तथ्य मौजूद हैं जो इन बयानों की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करते हैं। उन्होंने 1990 में कार सेवकों पर हुई फायरिंग का उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर 16 लोगों की जान गई थी। आलोक कुमार के अनुसार, उस घटना के बाद एक नेता ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा था, 'सिर्फ 16 ही क्यों? अगर जरूरत पड़ती तो 30 लोगों की भी जान जा सकती थी।'
उन्होंने कहा कि पहले कार सेवकों पर फायरिंग हुई, फिर 16 लोगों की मौत हुई और बाद में उन मौतों का जिक्र लगभग किसी ट्रॉफी की तरह किया गया। आलोक कुमार ने सवाल उठाया कि आज वही लोग भगवान राम के प्रति भक्ति और 'सिया राम धाम' के विचार की बात कर रहे हैं।
यूसीसी विरोध और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर रुख
राजस्थान में कांग्रेस द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का विरोध किए जाने पर आलोक कुमार ने कड़ी आलोचना की। उनका कहना था, 'समान नागरिक संहिता का उल्लेख भारतीय संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में किया गया है और संविधान निर्माताओं ने भी इसकी परिकल्पना की थी। कांग्रेस राजनीतिक कारणों से इस विषय का विरोध कर रही है, जबकि यह राष्ट्रीय हित से जुड़ा मुद्दा है।'
पश्चिम बंगाल के पाठ्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि मुखर्जी देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित व्यक्तित्व थे और कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसे महान व्यक्तित्वों के जीवन और योगदान से प्रेरणा लेने का अवसर मिलना चाहिए।
आगे क्या होगा
चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी है और ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। विहिप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर प्रबंधन को लेकर विभिन्न हलकों में सवाल उठाए जा रहे हैं और ट्रस्ट पर जवाबदेही का दबाव बढ़ रहा है।