रसोई गैस संकट: राजनीतिक बयानबाजी में तेज़ी, पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
सारांश
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नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। देशभर में एलपीजी संकट को लेकर विभिन्न चर्चाएँ चल रही हैं। सरकार का कहना है कि एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता में कोई समस्या नहीं है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि सरकार जानकर भी अनजान बनी हुई है।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि सरकार का दावा है कि कोविड के समय की तरह ही वर्तमान स्थिति का सामना करेंगे। सवाल यह है कि यह कैसे होगा? कोई योजना तो होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर की रसोई बंद हो गई है, और दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन भी बंद है। आम आदमी के घरों में डर का माहौल है। मैं चुनौती देती हूँ कि गैस बुक कीजिए, आपके घर पर गैस नहीं आएगी। यह समस्या आम लोगों को हो रही है।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि स्थिति बहुत गंभीर हो गई है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, और रसोई गैस की कीमतें भी बढ़ रही हैं। सरकार इस पर चर्चा नहीं कर रही है। बेरोजगारी बढ़ रही है और किसान संकट में हैं।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि देशभर में एलपीजी की किल्लत है। खाना और चाय महंगे हो गए हैं। यह दुखद है कि अयोध्या में राम रसोई बंद कर दी गई है। तीर्थयात्रियों को प्रसाद नहीं मिल रहा है। इस सरकार का काला इतिहास लिखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैं 15 मार्च को अयोध्या जाकर गैस समस्या के समाधान के लिए प्रयास करूंगा।
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश, गोरखपुर और लखनऊ में न सिर्फ एलपीजी के दाम बढ़ रहे हैं, बल्कि कमर्शियल गैस की कीमतें भी बढ़ रही हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि सरकार समस्या को क्यों नहीं मान रही है।
टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि गैस की अनुपलब्धता के कारण हम सड़कों पर और संसद में प्रदर्शन कर रहे हैं। माताएं-बहनें क्या खाएंगी? यह गलत है।
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि ईरान का झगड़ा अमेरिका और इजरायल से है, भारत से नहीं। इसलिए मैं खुश हूँ कि ईरान ने यह फैसला लिया है, जिससे भारत के लिए चीजें आसान हो गई हैं।
राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देश और ईरान हमसे बात कर रहे हैं। वे सभी चाहते हैं कि भारत इस क्षेत्र में शांति लाने का प्रयास करे।
विपक्ष का कहना है कि गैस सिलेंडर की कमी हो रही है। जब भी आपदा जैसी स्थिति आती है, हमारी सरकार समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करती है।