ओडिशा विधानसभा में एलपीजी कीमतों में वृद्धि को लेकर विपक्ष का तीव्र हंगामा
सारांश
Key Takeaways
- विपक्ष का विरोध: ओडिशा विधानसभा में एलपीजी कीमतों में वृद्धि के खिलाफ जोरदार हंगामा।
- सरकारी प्रतिक्रिया: सरकार ने आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रण में लाने का आश्वासन दिया।
- जनता की समस्याएं: गरीब परिवारों के लिए रसोई चलाना मुश्किल।
- बीजद का बयान: गैस की आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंता।
- भाजपा की आलोचना: विपक्ष के प्रदर्शन की वैधता पर सवाल।
नई दिल्ली, 12 (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा विधानसभा में आज एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि और राज्य में गैस की कमी को लेकर विपक्ष का जोरदार विरोध देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सदन की कार्यवाही को बाधित कर दिया। इस हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
जैसे ही विधानसभा में प्रश्नकाल की शुरुआत हुई, कांग्रेस के विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर स्पीकर के आसन के पास पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान स्पीकर सुरमा पाधी ने सदन की कार्यवाही बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन शोर इतना बढ़ गया कि उन्हें सदन को सुबह 11:30 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
इसी बीच, बीजद के विधायक भी प्रश्नकाल के दौरान अपनी सीटों पर खड़े होकर नारे लगाते रहे और गैस की कीमतों में वृद्धि का विरोध करते रहे। विपक्ष का आरोप है कि एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम लोगों का बजट प्रभावित हो गया है और गरीब परिवारों के लिए रसोई चलाना मुश्किल हो गया है।
जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए। उन्होंने गैस की कीमतों और आपूर्ति की समस्या को लेकर फिर से हंगामा किया। स्थिति को देखते हुए स्पीकर सुरमा पाधी ने पहले सदन को 12:10 बजे तक स्थगित किया और फिर कार्यवाही को शाम 4 बजे तक टालना पड़ा।
सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक दास ने कहा कि एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में लगातार वृद्धि ने आम जनता और गरीब परिवारों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस हर घर की आवश्यकता है और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इसकी कीमतें आम लोगों की पहुँच में रहें।
अशोक दास ने बताया कि विपक्ष का यह प्रदर्शन जनता की आवाज को सरकार तक पहुँचाने के लिए किया गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि एलपीजी सिलेंडर पर पर्याप्त सब्सिडी फिर से बहाल की जाए और कीमतों को नियंत्रित किया जाए, ताकि आम नागरिक अपने रोजमर्रा के खर्च को संभाल सकें।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र की 'डबल इंजन सरकार' जनता की समस्याओं को हल करने में असफल रही है। उनके अनुसार महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
वहीं, बीजद नेता कलिकेश नारायण सिंह देव ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि रसोई गैस केवल घरों के लिए ही नहीं, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और कई छोटे व्यवसायों के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों और गैस आपूर्ति को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है।
कलिकेश नारायण सिंह देव ने आरोप लगाया कि गैस की सही आपूर्ति न होने और कीमतों में लगातार वृद्धि के कारण आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्यभर में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे, ताकि घरों और व्यवसायों की रसोई प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है और सरकार को तुरंत कदम उठाकर गैस की आपूर्ति को स्थिर करना चाहिए। साथ ही जरूरी वस्तुओं को आम लोगों के लिए सुलभ बनाए रखना चाहिए।
इस बीच, सत्तारूढ़ दल भाजपा के विधायक इरासिस आचार्य ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एलपीजी के मुद्दे पर बार-बार सदन की कार्यवाही बाधित करना उचित नहीं है।
आचार्य ने बताया कि विपक्ष प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को सदन में व्यवस्थित तरीके से उठा सकता था और इस पर चर्चा भी हो सकती थी।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार देशभर में एलपीजी की पहुंच बढ़ाने के लिए कई पहल कर रही है, खासकर गरीब परिवारों तक गैस कनेक्शन पहुंचाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं। उनके अनुसार सरकार ने गैस आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए हैं।