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आरजीपीवी भोपाल: बीटेक परीक्षा के 9 सीलबंद प्रश्नपत्र चोरी, परीक्षा रद्द और नियंत्रक को नोटिस

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आरजीपीवी भोपाल: बीटेक परीक्षा के 9 सीलबंद प्रश्नपत्र चोरी, परीक्षा रद्द और नियंत्रक को नोटिस

सारांश

भोपाल के आरजीपीवी में चौथे सेमेस्टर के 9 सीलबंद प्रश्नपत्र लिफाफे चोरी होने पर कुलगुरु ने परीक्षा रद्द कर परीक्षा नियंत्रक को नोटिस जारी किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इसे 'व्यवस्था की गंभीर विफलता' बताया।

मुख्य बातें

आरजीपीवी भोपाल में 4 जुलाई 2026 को चौथे सेमेस्टर के 9 सीलबंद प्रश्नपत्र लिफाफे चोरी हो गए।
आलोक शर्मा ने घटना की जानकारी मिलते ही परीक्षा तत्काल निरस्त कर दी।
परीक्षा नियंत्रक एवं स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की डायरेक्टर डॉ.
अर्चना तिवारी को 3 दिन में जवाब देने का नोटिस जारी किया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इसे 'व्यवस्था की गंभीर विफलता' बताया और छात्रों के भविष्य की चिंता जताई।
नई परीक्षा तिथि की घोषणा अभी तक नहीं हुई; जाँच जारी है।

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल में 4 जुलाई 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के 9 सीलबंद प्रश्नपत्र लिफाफे चोरी हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही कुलगुरु डॉ. आलोक शर्मा ने परीक्षा तत्काल निरस्त कर दी और परीक्षा नियंत्रक को नोटिस जारी किया।

मुख्य घटनाक्रम

आरजीपीवी में पीजी परीक्षाओं की श्रृंखला के बीच चौथे सेमेस्टर के 9 सील बंद लिफाफे अनाधिकृत रूप से लुप्त पाए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह प्रश्नपत्र या तो चोरी हुए हैं या किसी अज्ञात तरीके से गायब किए गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए कुलगुरु डॉ. आलोक शर्मा ने बिना देरी किए परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया।

परीक्षा नियंत्रक को नोटिस

स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की डायरेक्टर एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी को जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि प्रश्नपत्रों का इस प्रकार लुप्त होना 'अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला' है। नोटिस में यह भी रेखांकित किया गया है कि इस घटना से विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर 'प्रतिकूल असर' पड़ता है। डॉ. तिवारी को तीन दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह 'महज लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता है।' उन्होंने सवाल उठाया — 'जब परीक्षा की गोपनीयता ही सुरक्षित नहीं, तो युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा?' यादव ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में इस तरह की घटनाएँ बार-बार हो रही हैं और प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

आम छात्रों पर असर

परीक्षा अचानक रद्द होने से चौथे सेमेस्टर के उन सभी छात्रों की परीक्षा स्थगित हो गई जो परीक्षा केंद्रों पर पहुँच चुके थे। नई परीक्षा तिथि की घोषणा अभी तक नहीं की गई है, जिससे छात्रों में अनिश्चितता बनी हुई है। गौरतलब है कि इस प्रकार की घटनाएँ छात्रों के शैक्षणिक कैलेंडर और मानसिक तनाव दोनों पर सीधा असर डालती हैं।

क्या होगा आगे

विश्वविद्यालय प्रशासन ने जाँच शुरू कर दी है। डॉ. अर्चना तिवारी के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यह भी देखना होगा कि क्या पुलिस को मामले में शामिल किया जाएगा और प्रश्नपत्र लीक की संभावना की जाँच होगी। नई परीक्षा तिथि की घोषणा जल्द अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सीलबंद लिफाफे परीक्षा केंद्र तक पहुँचने से पहले कैसे गायब हुए — और इसमें कितने लोग शामिल थे। जब तक पुलिस जाँच और स्वतंत्र ऑडिट नहीं होता, केवल आंतरिक नोटिस से जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी। लाखों छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए तंत्र में संरचनात्मक बदलाव जरूरी है, न कि सिर्फ कागज़ी कार्रवाई।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरजीपीवी भोपाल में प्रश्नपत्र चोरी की घटना क्या है?
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के 9 सीलबंद प्रश्नपत्र लिफाफे 4 जुलाई 2026 को अनाधिकृत रूप से लुप्त पाए गए। इस पर कुलगुरु ने परीक्षा रद्द कर दी और परीक्षा नियंत्रक को नोटिस जारी किया।
आरजीपीवी परीक्षा रद्द होने से कौन से छात्र प्रभावित हुए?
चौथे सेमेस्टर के वे सभी छात्र प्रभावित हुए जिनकी परीक्षा उस दिन निर्धारित थी। नई परीक्षा तिथि की घोषणा अभी तक नहीं की गई है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी को क्यों नोटिस दिया गया?
कुलगुरु डॉ. आलोक शर्मा ने परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था में चूक के लिए परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी को जिम्मेदार ठहराते हुए नोटिस जारी किया। उन्हें 3 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस मामले पर क्या कहा?
अरुण यादव ने इसे 'महज लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता' बताया। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा की गोपनीयता सुरक्षित नहीं तो लाखों युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है।
आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होने की उम्मीद है?
विश्वविद्यालय प्रशासन ने जाँच शुरू कर दी है और डॉ. तिवारी के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। नई परीक्षा तिथि की घोषणा जल्द अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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