रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार का इस्तीफा, सीआईडी जांच के बीच डॉ. डीके सिन्हा बने प्रभारी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक डॉ. राजकुमार ने 25 जून 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब झारखंड सीआईडी संस्थान से जुड़े कथित अनियमितताओं की सक्रिय जांच कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इस्तीफा स्वीकार करते हुए सर्जरी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा को तत्काल प्रभाव से प्रभारी निदेशक नियुक्त किया है।
सीआईडी जांच का घटनाक्रम
24 जून को सीआईडी की दो टीमों ने रिम्स परिसर और निदेशक कार्यालय में कई घंटों तक जांच-पड़ताल की। इस दौरान विभिन्न दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई। सूत्रों के अनुसार, जांच कथित फर्जी नामांकन, टेंडर प्रक्रियाओं और कुछ नियुक्तियों से जुड़े मामलों पर केंद्रित है। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
डॉ. राजकुमार का पक्ष
डॉ. राजकुमार ने इस्तीफे के संबंध में कोई औपचारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कथित तौर पर अपने ऊपर अनावश्यक दबाव बनाए जाने की बात कही। उनका कहना रहा है कि उनके कार्यकाल में हुई नियुक्तियाँ और प्रशासनिक निर्णय संस्थान की नियमावली के अनुरूप थे।
नए प्रभारी निदेशक कौन हैं
नवनियुक्त प्रभारी निदेशक डॉ. डीके सिन्हा रिम्स के सर्जरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक और प्राध्यापक हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें अगले आदेश तक संस्थान के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी है।
रिम्स का महत्व और आगे की स्थिति
रिम्स झारखंड का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सा संस्थान है और राज्य के स्वास्थ्य ढाँचे में इसकी केंद्रीय भूमिका है। निदेशक स्तर पर इस अप्रत्याशित बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है और सीआईडी की जांच अभी जारी है।