ऋषिकेश का मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर: CM धामी ने की खास अपील, जानें इसकी पौराणिक महिमा
सारांश
मुख्य बातें
ऋषिकेश स्थित मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर उत्तराखंड के सबसे चर्चित आस्था केंद्रों में से एक है, जहाँ मान्यता है कि सच्चे मन से माँगी गई हर मुराद पूरी होती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर श्रद्धालुओं से इस पवित्र धाम के दर्शन करने की अपील की। देवभूमि उत्तराखंड की गोद में गंगा किनारे बसा यह मंदिर योग नगरी ऋषिकेश की आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है।
मुख्यमंत्री धामी की अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'ऋषिकेश में मौजूद मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर आस्था के बड़े केंद्रों में से एक है। मंगलवार और शनिवार को मंदिर में भक्तों की भीड़ खास तौर पर होती है। ऋषिकेश आने पर आपको भी इस पवित्र मंदिर में जाकर भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेना चाहिए।' धामी की इस पोस्ट के बाद मंदिर एक बार फिर देशभर के श्रद्धालुओं के बीच चर्चा में आ गया है।
मंदिर का पौराणिक और आध्यात्मिक महत्त्व
इस प्राचीन मंदिर में गुरु गोरखनाथ और भगवान हनुमान के स्वयं प्रकट हुए पवित्र पिंड (पिट्ठी) विद्यमान हैं। मान्यता के अनुसार, बाद में यहाँ बजरंगबली की भव्य पाषाण प्रतिमा स्थापित की गई। इस धाम का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है, जिससे इसकी पौराणिक महत्ता और भी प्रमाणित होती है।
लोकश्रुति है कि एक सिद्ध बाबा ने यहाँ कठोर तपस्या की थी, जिसके फलस्वरूप उन्हें हनुमान जी की सिद्धि प्राप्त हुई। तत्पश्चात् उन्होंने बजरंगबली की पाषाण प्रतिमा स्थापित की, और तभी से इस मंदिर का नाम 'सिद्धबली' पड़ा। एक अन्य आस्था यह भी है कि हनुमान जी ने अपने एक भक्त को दिए वचन को निभाने के लिए इस स्थान पर प्रहरी (रक्षक) के रूप में रहना स्वीकार किया था — और श्रद्धालुओं का विश्वास है कि वे आज भी यहाँ साक्षात् विराजमान हैं।
आम श्रद्धालुओं पर असर
पहाड़ियों और गंगा नदी के किनारे स्थित यह मंदिर न केवल भक्तों की आस्था का प्रतीक है, बल्कि यहाँ आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है — ऐसा श्रद्धालु बताते हैं। विशेषकर मंगलवार और शनिवार को यहाँ उत्तराखंड सहित देशभर से बड़ी संख्या में भक्त पहुँचते हैं।
मनोकामना पूरी होने पर भक्त यहाँ भंडारे का आयोजन कराते हैं। इस परंपरा की माँग इतनी अधिक है कि भंडारे के लिए वर्षों पहले बुकिंग करानी पड़ती है — यह तथ्य स्वयं बताता है कि मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था कितनी गहरी है।
ऋषिकेश में आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र
योग, ध्यान और गंगा आरती के लिए विश्वविख्यात ऋषिकेश में यह मंदिर आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है। गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार देवभूमि में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है, और मुख्यमंत्री धामी का यह पोस्ट उसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। आने वाले त्यौहारी सीजन में इस मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।