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पंढरपुर में 12 जून को किसान कर्जमाफी के लिए अन्न त्याग आंदोलन: रोहित पवार का ऐलान

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पंढरपुर में 12 जून को किसान कर्जमाफी के लिए अन्न त्याग आंदोलन: रोहित पवार का ऐलान

सारांश

NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने 12 जून को पंढरपुर में किसान कर्जमाफी के लिए अन्न त्याग आंदोलन का ऐलान किया है। साथ ही उन्होंने TMC-कांग्रेस विलय की अटकलों को निराधार बताया और BJP के खिलाफ विपक्षी एकता पर जोर दिया।

मुख्य बातें

NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने 12 जून 2026 को पंढरपुर में किसान कर्जमाफी के लिए अन्न त्याग आंदोलन का ऐलान किया।
आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की उम्मीद; लक्ष्य किसानों के लिए न्याय सुनिश्चित करना।
पवार ने कहा — जनता के मुद्दों पर सड़क पर उतरना ज़रूरी, किसी भी समझौते की गुंजाइश नहीं।
TMC और कांग्रेस के विलय की अटकलों को पवार ने अविश्वसनीय बताया; कहा — TMC प्रमुख का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
पवार ने विपक्षी दलों से BJP के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 10 जून 2026 को मुंबई में पत्रकारों को बताया कि वे 12 जून को महाराष्ट्र के पंढरपुर में किसानों की कर्जमाफी की माँग को लेकर अन्न त्याग आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और यह किसान भाइयों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।

आंदोलन का उद्देश्य और रणनीति

रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि जनता के मुद्दों — चाहे वह स्वास्थ्य हो, शिक्षा हो या कृषि — पर सड़क पर उतरकर आवाज बुलंद करना ही एकमात्र प्रभावी रास्ता है। उन्होंने कहा, 'हमें यही सिखाया गया है कि जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरो, उनके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा।' उनके अनुसार, बिना जन-दबाव के धरातल पर स्थिति बदलने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

किसानों के लिए न्याय की माँग

पवार ने कहा कि इस आंदोलन के ज़रिए वे किसानों के लिए न्याय का मार्ग प्रशस्त करना चाहते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसानों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए और उनके रास्ते में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं है। पंढरपुर में आयोजित यह आंदोलन महाराष्ट्र के किसान संकट को राष्ट्रीय विमर्श में लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

टीएमसी-कांग्रेस विलय की अटकलों को नकारा

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के संभावित विलय की चर्चाओं पर पवार ने कहा कि अब तक TMC प्रमुख की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उन्होंने इन अटकलों को 'दूसरे राजनीतिक दलों की ओर से फैलाई जा रही बातें' बताते हुए इन्हें अविश्वसनीय करार दिया।

विपक्षी एकता पर जोर

पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन संबंधी कोई भी निर्णय शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा और अभी तक ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे ज़रूरी यह है कि विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एकजुट हों। 12 जून का पंढरपुर आंदोलन इसी व्यापक राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर क्रियान्वयन की पारदर्शिता हमेशा सवालों के घेरे में रही। पंढरपुर जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र को आंदोलन की जगह चुनना प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है — यह किसान पीड़ा को नैतिक आयाम देने की कोशिश है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह आंदोलन सरकार पर ठोस नीतिगत दबाव बना पाता है या महज़ राजनीतिक संदेश बनकर रह जाता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहित पवार का 12 जून का आंदोलन क्या है?
NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने 12 जून 2026 को महाराष्ट्र के पंढरपुर में किसान कर्जमाफी की माँग को लेकर अन्न त्याग आंदोलन का ऐलान किया है। इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
अन्न त्याग आंदोलन क्यों किया जा रहा है?
पवार के अनुसार, किसानों को कर्जमाफी दिलाने और उनके लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर उतरना ज़रूरी है। उनका कहना है कि जन-दबाव के बिना धरातल पर स्थिति नहीं बदलती।
क्या TMC कांग्रेस में शामिल हो सकती है?
रोहित पवार ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि TMC प्रमुख की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और ये बातें दूसरे राजनीतिक दलों की ओर से कही जा रही हैं।
रोहित पवार ने विपक्षी एकता पर क्या कहा?
पवार ने कहा कि फिलहाल सबसे ज़रूरी है कि सभी विपक्षी दल BJP के खिलाफ एकजुट हों। गठबंधन संबंधी कोई भी निर्णय शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा।
पंढरपुर में आंदोलन की जगह क्यों चुनी गई?
पंढरपुर महाराष्ट्र का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। इस स्थान को चुनना किसान आंदोलन को व्यापक सामाजिक और नैतिक समर्थन दिलाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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