पंढरपुर में 12 जून को किसान कर्जमाफी के लिए अन्न त्याग आंदोलन: रोहित पवार का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 10 जून 2026 को मुंबई में पत्रकारों को बताया कि वे 12 जून को महाराष्ट्र के पंढरपुर में किसानों की कर्जमाफी की माँग को लेकर अन्न त्याग आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और यह किसान भाइयों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।
आंदोलन का उद्देश्य और रणनीति
रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि जनता के मुद्दों — चाहे वह स्वास्थ्य हो, शिक्षा हो या कृषि — पर सड़क पर उतरकर आवाज बुलंद करना ही एकमात्र प्रभावी रास्ता है। उन्होंने कहा, 'हमें यही सिखाया गया है कि जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरो, उनके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा।' उनके अनुसार, बिना जन-दबाव के धरातल पर स्थिति बदलने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
किसानों के लिए न्याय की माँग
पवार ने कहा कि इस आंदोलन के ज़रिए वे किसानों के लिए न्याय का मार्ग प्रशस्त करना चाहते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसानों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए और उनके रास्ते में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं है। पंढरपुर में आयोजित यह आंदोलन महाराष्ट्र के किसान संकट को राष्ट्रीय विमर्श में लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
टीएमसी-कांग्रेस विलय की अटकलों को नकारा
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के संभावित विलय की चर्चाओं पर पवार ने कहा कि अब तक TMC प्रमुख की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उन्होंने इन अटकलों को 'दूसरे राजनीतिक दलों की ओर से फैलाई जा रही बातें' बताते हुए इन्हें अविश्वसनीय करार दिया।
विपक्षी एकता पर जोर
पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन संबंधी कोई भी निर्णय शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा और अभी तक ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे ज़रूरी यह है कि विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एकजुट हों। 12 जून का पंढरपुर आंदोलन इसी व्यापक राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है।