शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट का 5वाँ स्थापना दिवस: तालकटोरा स्टेडियम में '5 साल बेमिसाल' कार्यक्रम संपन्न
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट (SADDS) ने 25 अगस्त 2026 को अपना 5वाँ स्थापना दिवस नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में '5 साल बेमिसाल' कार्यक्रम के रूप में मनाया, जिसमें बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग शामिल हुए। नेताओं ने पार्टी की स्थापना के पीछे की विचारधारा, पाँच वर्षों की उपलब्धियों और सिख समुदाय की सेवा में किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
स्थापना की पृष्ठभूमि और विचारधारा
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (DSGMC) धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन जसप्रीत सिंह करमसर ने कार्यक्रम में कहा कि SADDS की स्थापना उस मूल विचारधारा को पुनर्जीवित करने के लिए की गई थी, जो पंजाब के शिरोमणि अकाली दल से धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही थी। उन्होंने कहा, 'राजनीतिक दलों की एक विचारधारा होती है। हम उसी विचारधारा का अनुसरण कर रहे हैं, जिसके साथ शिरोमणि अकाली दल की स्थापना हुई थी। वह विचारधारा किसी तरह पंजाब में शिरोमणि अकाली दल से गायब हो गई थी, इसीलिए हमने उस विचारधारा को फिर से जिंदा करने और बनाए रखने के लिए पाँच साल पहले अपनी नई पार्टी बनाई।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी में काम के लिए केवल एक शर्त है — ईमानदारी।
पाँच वर्षों की प्रमुख उपलब्धियाँ
DSGMC के जूनियर वाइस प्रेसिडेंट आत्मा सिंह लुबाना ने पार्टी के कार्यकाल की उपलब्धियाँ गिनाते हुए बताया कि SADDS ने धार्मिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से लाल किले पर गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी वर्षगाँठ के आयोजन का उल्लेख किया, जिसे पार्टी की एक बड़ी सफलता के रूप में रेखांकित किया गया।
सामुदायिक सेवा और आगे की राह
DSGMC के जनरल सेक्रेटरी जगदीप सिंह कहलों ने कहा कि पाँच वर्षों में SADDS ने दिल्ली सिख समुदाय की सेवा धार्मिक प्रचार, शिक्षा और कानूनी मामलों सहित अनेक मोर्चों पर की है। उन्होंने कहा, 'हमें अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। यही वजह है कि आज आप कम्युनिटी में जोश देख सकते हैं।' कहलों ने दिल्ली सिख समुदाय को बधाई देते हुए पार्टी के भविष्य के प्रति आशावाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम का महत्त्व
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली में सिख राजनीतिक संगठनों की सक्रियता बढ़ रही है। गौरतलब है कि SADDS ने अपनी स्थापना के बाद से पंजाब की मूल अकाली राजनीति से अलग एक स्वतंत्र पहचान बनाने की कोशिश की है। तालकटोरा स्टेडियम में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि दिल्ली के सिख समुदाय में पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ी है। आने वाले समय में पार्टी अपनी सामुदायिक सेवाओं का विस्तार करने की योजना पर काम करती रहेगी।