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सेबी ने फोरेंसिक ऑडिट पैनल में 18 नई फर्में जोड़ीं, EY और KPMG भी शामिल

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सेबी ने फोरेंसिक ऑडिट पैनल में 18 नई फर्में जोड़ीं, EY और KPMG भी शामिल

सारांश

सेबी ने अपने फोरेंसिक ऑडिट पैनल में 18 नई फर्में जोड़ी हैं — जिनमें EY, KPMG और ग्रांट थॉर्नटन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। नवंबर 2025 की चयन प्रक्रिया के बाद यह विस्तार पूंजी बाजार में वित्तीय अनियमितताओं की जाँच की क्षमता को और मजबूत करता है।

मुख्य बातें

सेबी ने 19 जुलाई 2026 को फोरेंसिक ऑडिट पैनल में 18 नई फर्मों को शामिल किया।
पैनल में EY एलएलपी , केपीएमजी , ग्रांट थॉर्नटन भारत और नांगिया एंड कंपनी जैसी प्रमुख फर्में शामिल हैं।
चयन नवंबर 2025 में जारी पब्लिक प्रोक्योरमेंट नोटिस के तहत हुई प्रक्रिया के बाद किया गया।
नई फर्मों को अप्रैल 2025 की मौजूदा सूची में जोड़ा गया; पैनल की वैधता तीन वर्षों तक रहेगी।
इन फर्मों को सूचीबद्ध कंपनियों में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका वाले मामलों में फोरेंसिक जाँच का अधिकार होगा।

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 19 जुलाई 2026 को सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय विवरणों की फोरेंसिक जाँच के लिए अपने अधिकृत ऑडिटरों के पैनल में 18 नई फर्मों को शामिल किया है। इस विस्तार में अर्न्स्ट एंड यंग (EY) एलएलपी, केपीएमजी एश्योरेंस एंड कंसल्टिंग सर्विसेज एलएलपी, जेडएक्स ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी और नांगिया एंड कंपनी एलएलपी जैसी प्रमुख फर्में शामिल हैं। यह कदम पूंजी बाजार में पारदर्शिता और निवेशक सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

चयन प्रक्रिया और पृष्ठभूमि

इन फर्मों का चयन नवंबर 2025 में सेबी द्वारा जारी पब्लिक प्रोक्योरमेंट नोटिस के तहत शुरू की गई प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद किया गया है। नियामक की अधिसूचना के अनुसार, इन नई फर्मों को अप्रैल 2025 में प्रकाशित फोरेंसिक ऑडिटरों की मौजूदा सूची में जोड़ा गया है। पैनल में शामिल होने की वैधता नवीनतम सूची के प्रकाशन की तारीख से तीन वर्षों तक रहेगी।

पैनल में शामिल नई फर्मों की पूरी सूची

बिग फोर से जुड़ी फर्मों के अलावा, नई सूची में जे.सी. काबरा एंड एसोसिएट्स, जे. मंडल एंड कंपनी एलएलपी, जे. सिंह एंड एसोसिएट्स, जैन जगावत कामदार एंड कंपनी, पिपारा एंड कंपनी एलएलपी, आर. काबरा एंड कंपनी एलएलपी, आर.एस. पटेल एंड कंपनी, रवि राजन एंड कंपनी एलएलपी, एस.एस. पेरीवाल एंड कंपनी, सारथ एंड एसोसिएट्स, एसकेवीएम एंड कंपनी, वी. सिंघी एंड एसोसिएट्स, एएसए एंड एसोसिएट्स एलएलपी और सीएलए इंडस वैल्यू कंसल्टिंग भी शामिल हैं।

फोरेंसिक ऑडिट पैनल का उद्देश्य

सेबी के फोरेंसिक ऑडिट पैनल में वे फर्में शामिल होती हैं जिन्हें सूचीबद्ध कंपनियों में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका वाले मामलों में स्वतंत्र जाँच के लिए अधिकृत किया जाता है। इस तरह की ऑडिट का मुख्य उद्देश्य पूंजी बाजार की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को मजबूत करना, कॉरपोरेट पारदर्शिता बढ़ाना तथा निवेशकों के हितों की रक्षा करना है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में सूचीबद्ध कंपनियों में वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि के बीच यह विस्तार विशेष महत्व रखता है।

विशेषज्ञ की प्रतिक्रिया

नांगिया एंड कंपनी एलएलपी के फोरेंसिक एडवाइजरी के वरिष्ठ साझेदार श्रीनिवास राव ने कहा कि यह चयन फर्म की फोरेंसिक जाँच में विशेषज्ञता और भारत के पूंजी बाजार में पारदर्शिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राव ने कहा, 'सेबी के पैनल में शामिल होना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। यह हमारी टीम की गहरी विशेषज्ञता और फोरेंसिक उत्कृष्टता के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है।' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी फर्म आवश्यकता पड़ने पर स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रतिभूति बाजार बनाए रखने के सेबी के प्रयासों में योगदान देने के लिए तत्पर है।

आगे क्या होगा

पैनल के विस्तार के साथ सेबी के पास अब फोरेंसिक जाँच के लिए अधिक व्यापक और विविध विशेषज्ञता उपलब्ध होगी। यह ऐसे समय में आया है जब नियामक बाजार में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपनी निगरानी क्षमताओं को लगातार सुदृढ़ कर रहा है। आने वाले समय में इन फर्मों की तैनाती उन मामलों में होगी जहाँ सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय विवरणों में अनियमितता की आशंका हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन फर्मों की तैनाती कितनी स्वतंत्र और निष्पक्ष रहेगी — खासकर तब जब वही फर्में कई बड़े कॉरपोरेट समूहों की नियमित ऑडिटर भी हैं। हितों के टकराव की संभावना को लेकर सेबी के पास स्पष्ट प्रोटोकॉल होना ज़रूरी है, अन्यथा पैनल का विस्तार महज संख्यात्मक वृद्धि बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेबी के फोरेंसिक ऑडिट पैनल में नई फर्में क्यों जोड़ी गई हैं?
सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों में वित्तीय अनियमितताओं की जाँच की क्षमता बढ़ाने के लिए पैनल का विस्तार किया है। यह कदम नवंबर 2025 में जारी पब्लिक प्रोक्योरमेंट नोटिस के तहत चयन प्रक्रिया के बाद उठाया गया है।
सेबी के नए फोरेंसिक ऑडिट पैनल में कौन-सी प्रमुख फर्में शामिल हैं?
पैनल में EY एलएलपी, केपीएमजी एश्योरेंस एंड कंसल्टिंग सर्विसेज एलएलपी, जेडएक्स ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी और नांगिया एंड कंपनी एलएलपी जैसी प्रमुख फर्में शामिल हैं। इसके अलावा 14 अन्य छोटी और मध्यम आकार की ऑडिट फर्में भी पैनल का हिस्सा बनी हैं।
सेबी के फोरेंसिक ऑडिट पैनल की वैधता कितने समय तक रहेगी?
नई फर्मों का पैनल में शामिल होना नवीनतम सूची के प्रकाशन की तारीख से तीन वर्षों तक वैध रहेगा। इससे पहले अप्रैल 2025 में फोरेंसिक ऑडिटरों की एक सूची प्रकाशित की गई थी, जिसमें ये नई फर्में जोड़ी गई हैं।
फोरेंसिक ऑडिट पैनल का निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा?
इस विस्तार से सूचीबद्ध कंपनियों में वित्तीय धोखाधड़ी या अनियमितताओं की जाँच अधिक कुशलता से हो सकेगी, जिससे पूंजी बाजार की विश्वसनीयता बढ़ेगी और निवेशकों के हितों की बेहतर सुरक्षा होगी। पारदर्शिता बढ़ने से बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।
सेबी के फोरेंसिक ऑडिट पैनल में फर्मों का चयन कैसे होता है?
सेबी पब्लिक प्रोक्योरमेंट नोटिस जारी करके प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य फर्मों को पैनल में शामिल करता है। चुनी गई फर्मों को वित्तीय अनियमितताओं की आशंका वाले मामलों में स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट करने का अधिकार दिया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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