सेंसेक्स 303 अंक टूटकर 74,346 पर बंद, TCS 8.43% लुढ़का; IT शेयरों में भारी बिकवाली
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स बुधवार, 3 जून को 303.67 अंक या 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,346.17 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 77.95 अंक या 0.33 प्रतिशत फिसलकर 23,405.60 पर बंद हुआ। दिन भर के उतार-चढ़ाव के बीच IT शेयरों में भारी बिकवाली ने बाज़ार को दबाव में रखा, हालाँकि सत्र के आख़िर में बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से निचले स्तरों से कुछ रिकवरी हुई।
मुख्य घटनाक्रम
सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी IT 5.57 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ दिन का सबसे बड़ा लूज़र रहा। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में 1.39 प्रतिशत, निफ्टी FMCG में 1.01 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.81 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 0.59 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज में 0.35 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज में 0.18 प्रतिशत की कमज़ोरी दर्ज की गई।
बैंकिंग शेयरों ने दिया सहारा
बाज़ार को निचले स्तरों से उबारने का काम बैंकिंग शेयरों ने किया। निफ्टी बैंक 0.88 प्रतिशत की मज़बूती के साथ बंद हुआ। निफ्टी हेल्थकेयर में 0.54 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस में 0.38 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.38 प्रतिशत की बढ़त रही — जो दिन के टॉप गेनिंग सेक्टर थे।
टॉप लूज़र और गेनर
सेंसेक्स पैक में TCS 8.43 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 6.23 प्रतिशत, HCL टेक 5.25 प्रतिशत, इन्फोसिस 3.82 प्रतिशत और ITC 2.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ शीर्ष पाँच लूज़र रहे। दूसरी ओर इंडिगो 1.57 प्रतिशत, SBI 1.43 प्रतिशत, ICICI बैंक 1.30 प्रतिशत, ट्रेंट 1.13 प्रतिशत और पावर ग्रिड 1.01 प्रतिशत की मज़बूती के साथ टॉप गेनर में शामिल रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी असर
लार्जकैप के साथ-साथ व्यापक बाज़ार में भी कमज़ोरी का रुझान रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,687.20 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 20.25 अंक या 0.11 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 18,032.05 पर बंद हुआ।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार जानकारों के अनुसार, दिन के दौरान निचले स्तरों से उछाल मुख्यतः बैंकिंग शेयरों में आई तेज़ी से आया, जबकि मुनाफ़ावसूली और वैश्विक अनिश्चितताओं ने IT शेयरों पर सबसे अधिक दबाव बनाया। विश्लेषकों का यह भी कहना है कि विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए सहायक नीतिगत उपायों की उम्मीदों ने व्यापक धारणा को सकारात्मक बनाए रखा। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेतों और IT सेक्टर की रिकवरी पर निवेशकों की नज़र बनी रहेगी।