21 जुलाई 2026
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शहीद दिवस पर राजनीति का आरोप: इंद्रनील खान बोले — ममता ने 15 साल में 1993 की जांच क्यों नहीं कराई?

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शहीद दिवस पर राजनीति का आरोप: इंद्रनील खान बोले — ममता ने 15 साल में 1993 की जांच क्यों नहीं कराई?

सारांश

21 जुलाई के शहीद दिवस से पहले BJP मंत्री डॉ. इंद्रनील खान ने ममता बनर्जी और कांग्रेस पर एक साथ निशाना साधा। केंद्रीय सवाल: 15 साल की सत्ता और गृह विभाग हाथ में होने के बावजूद 1993 की घटना की जांच क्यों नहीं हुई? शहीदों की स्मृति बनाम राजनीतिक मंच — यह बहस पश्चिम बंगाल में एक बार फिर केंद्र में है।

मुख्य बातें

इंद्रनील खान ने 20 जुलाई को ममता बनर्जी और कांग्रेस पर शहीद दिवस का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
उन्होंने सवाल उठाया कि ममता बनर्जी ने 15 वर्षों के शासन और गृह विभाग के नियंत्रण के बावजूद 1993 की घटना की जांच क्यों नहीं कराई।
शुभेंदु अधिकारी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि संदिग्ध मामलों में पुरानी फाइलें दोबारा खोली जाएंगी।
कांग्रेस पर आरोप — जिन दलों पर शहीदों पर गोली चलाने के आरोप थे, उन्हीं के साथ राजनीतिक गठबंधन कर रही है।
कथित कोयला घोटाला, पशु तस्करी और भर्ती घोटाले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है; मदन मित्र और अभिषेक बनर्जी के बयानों पर TMC को सफाई देने की मांग।

पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई के शहीद दिवस से ठीक एक दिन पहले राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मंत्री डॉ. इंद्रनील खान ने 20 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दोनों दलों ने शहीदों की स्मृति को राजनीतिक हथियार में तब्दील कर दिया है। उनका केंद्रीय सवाल यह रहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 15 वर्षों के शासन में 1993 की घटना की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई।

15 साल का सवाल: जांच क्यों नहीं हुई?

डॉ. इंद्रनील खान ने कहा कि ममता बनर्जी लगातार 15 वर्षों तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं और गृह विभाग भी उन्हीं के पास था। उनके अनुसार, यदि मंशा होती तो 1993 की घटना की जांच कभी भी संभव थी, लेकिन ऐसा कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने नंदीग्राम और सिंगूर का हवाला देते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने बड़े-बड़े वादे किए, परंतु उन्हें पूरा नहीं किया।

मंत्री ने यह भी जोड़ा कि शुभेंदु अधिकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जिन मामलों में संदेह है, उनकी जांच होगी और आवश्यकता पड़ने पर पुरानी फाइलें दोबारा खोली जाएंगी।

शहीद दिवस: श्रद्धांजलि या राजनीतिक मंच?

21 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर डॉ. खान ने कहा कि यह आयोजन मूल रूप से कांग्रेस का था, जिसे बाद में तृणमूल कांग्रेस ने अपने राजनीतिक उत्सव में बदल दिया। उनके अनुसार, शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बजाय इस दिन का उपयोग राजनीतिक भाषणों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रमों में मनोरंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर अत्यधिक जोर दिया जाता है, जबकि शहीदों के सम्मान पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जाती।

कांग्रेस पर सीधा हमला

कोलकाता में विभिन्न दलों द्वारा अलग-अलग शहीद दिवस मनाने के सवाल पर डॉ. इंद्रनील खान ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज उन दलों के साथ राजनीतिक सहयोग कर रही है, जिन पर कभी शहीदों पर गोली चलाने के आरोप लगाए जाते थे। उनका तर्क था कि यदि कांग्रेस वास्तव में शहीदों का सम्मान करती, तो ऐसे राजनीतिक गठबंधन नहीं करती।

तृणमूल कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के पास कोई स्पष्ट विचारधारा या दीर्घकालिक राजनीतिक दृष्टि नहीं है और उसने शहीद दिवस को केवल एक राजनीतिक आयोजन तक सीमित कर दिया है।

TMC के आंतरिक विवाद और जांच एजेंसियां

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं मदन मित्र और अभिषेक बनर्जी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. इंद्रनील खान ने कहा कि पार्टी के भीतर नेता एक-दूसरे पर जो गंभीर आरोप लगा रहे हैं, उनका जवाब उन्हें सार्वजनिक रूप से देना चाहिए। उन्होंने कथित कोयला घोटाला, कथित पशु तस्करी और भर्ती घोटाले जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच एजेंसियां इन मामलों में कार्रवाई कर रही हैं और कानून अपना काम करेगा।

गौरतलब है कि शहीद परिवारों की ओर से भी यह आवाज़ उठती रही है कि उनके नाम पर राजनीति की जा रही है। इस पर डॉ. खान ने माना कि वर्षों से शहीदों के नाम पर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास होता रहा है — और इसमें कांग्रेस तथा तृणमूल कांग्रेस दोनों शामिल हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि क्या 1993 की घटना की जांच का मुद्दा केवल चुनावी बयानबाजी बनकर रह जाता है या इस पर ठोस कदम उठाए जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर दल ने उसे अपने-अपने राजनीतिक कैलेंडर के अनुसार इस्तेमाल किया है। असली परीक्षा यह है कि क्या 1993 की फाइलें दोबारा खोलने का वादा चुनावी मौसम के बाद भी जीवित रहता है — या यह भी नंदीग्राम और सिंगूर जैसे वादों की सूची में जुड़ जाता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 जुलाई का शहीद दिवस पश्चिम बंगाल में क्यों मनाया जाता है?
21 जुलाई 1993 को कोलकाता में हुई एक घटना की याद में यह दिन मनाया जाता है, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। मूल रूप से यह कांग्रेस का कार्यक्रम था, जिसे बाद में तृणमूल कांग्रेस ने अपने प्रमुख राजनीतिक आयोजन के रूप में अपना लिया।
डॉ. इंद्रनील खान ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
डॉ. इंद्रनील खान ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने 15 वर्षों के मुख्यमंत्री काल में, जब गृह विभाग भी उनके पास था, 1993 की घटना की कोई निष्पक्ष जांच नहीं कराई। उनका कहना है कि नंदीग्राम और सिंगूर जैसे मुद्दों पर किए गए वादों की तरह यह मुद्दा भी अधूरा छोड़ दिया गया।
कांग्रेस पर क्या आपत्ति जताई गई?
डॉ. इंद्रनील खान ने कहा कि कांग्रेस उन दलों के साथ राजनीतिक गठबंधन कर रही है जिन पर कभी शहीदों पर गोली चलाने के आरोप लगाए जाते थे। उनके अनुसार यह गठबंधन शहीदों के सम्मान के साथ विरोधाभास है।
1993 की घटना की फाइलें दोबारा खोलने को लेकर क्या स्थिति है?
शुभेंदु अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि संदिग्ध मामलों में पुरानी फाइलें दोबारा खोली जाएंगी। हालांकि, अभी तक इस दिशा में कोई औपचारिक जांच आदेश जारी नहीं हुआ है।
TMC के आंतरिक विवाद पर इंद्रनील खान ने क्या कहा?
मदन मित्र और अभिषेक बनर्जी के परस्पर आरोपों पर डॉ. खान ने कहा कि पार्टी के भीतर के इन आरोपों का जवाब TMC नेताओं को खुद सार्वजनिक रूप से देना चाहिए। उन्होंने कथित कोयला घोटाला, पशु तस्करी और भर्ती घोटाले में जांच एजेंसियों की चल रही कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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