कल्याण बनर्जी का भाजपा पर बड़ा हमला: TMC कार्यकर्ताओं पर झूठे मामले, पुलिस ज्यादती का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने 29 मई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि पश्चिम बंगाल में BJP नेताओं के दबाव में पुलिस का एक हिस्सा TMC कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित और बेबुनियाद एफआईआर दर्ज कर रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
बनर्जी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'राज्य के अलग-अलग हिस्सों से कई शिकायतें आ रही हैं कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामलों में फंसाया जा रहा है। BJP नेताओं और विधायकों के दबाव में पुलिस का एक हिस्सा बेबुनियाद एफआईआर दर्ज कर कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रहा है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर TMC कार्यकर्ताओं को हथकड़ियों में परेड कराया गया और कुछ की कमर में रस्सियाँ बाँधी गईं, जिसे उन्होंने 'पुलिस ज्यादती और सरकारी सत्ता के दुरुपयोग' की मिसाल करार दिया।
जमानत का हवाला, कमज़ोर मामलों का तर्क
बनर्जी ने तर्क दिया कि कई गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को शीघ्र जमानत मिल जाना इन मामलों की कमज़ोर कानूनी नींव को उजागर करता है। हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ कार्यकर्ता अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं के परिवारों और शुभचिंतकों से उन्होंने अपील की कि वे प्रमाणित एफआईआर कॉपी और अदालती आदेश लेकर उनसे सीधे संपर्क करें।
कानूनी लड़ाई का संकल्प
सांसद बनर्जी ने स्पष्ट किया, 'मैं अपनी पूरी क्षमता से और कानून के दायरे में रहते हुए उच्च न्यायालय में उनके केस लड़ने और उचित कानूनी उपचार दिलाने का हर संभव प्रयास करूंगा।' उन्होंने ज़ोर दिया कि न्याय की यह लड़ाई हमेशा लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से ही लड़ी जानी चाहिए।
भाजपा की प्रतिक्रिया और राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि BJP इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है और पलटवार करते हुए TMC पर ही हिंसा और भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है। पश्चिम बंगाल में हाल के महीनों में दोनों दलों के बीच यह आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। यह पहली बार नहीं है जब किसी दल ने प्रतिद्वंद्वी पार्टी पर पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाया हो — राज्य में चुनावी मौसम के दौरान इस तरह की शिकायतें दोनों पक्षों से आती रही हैं।
आगे क्या
कल्याण बनर्जी के इस सार्वजनिक आह्वान के बाद अब यह देखना होगा कि कितने प्रभावित परिवार उनसे संपर्क करते हैं और कलकत्ता उच्च न्यायालय में कितने मामले दायर होते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम TMC के लिए चुनाव-पूर्व जमीनी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।