15 जुलाई 2026
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कल्याण बनर्जी का भाजपा पर बड़ा हमला: TMC कार्यकर्ताओं पर झूठे मामले, पुलिस ज्यादती का आरोप

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कल्याण बनर्जी का भाजपा पर बड़ा हमला: TMC कार्यकर्ताओं पर झूठे मामले, पुलिस ज्यादती का आरोप

सारांश

TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने एक्स पर लंबी पोस्ट में BJP पर पश्चिम बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया। हथकड़ी परेड और रस्सी से बाँधने के दावों के साथ उन्होंने उच्च न्यायालय में कानूनी लड़ाई का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने 29 मई 2026 को एक्स पर पोस्ट कर BJP और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
आरोप: BJP नेताओं और विधायकों के दबाव में पुलिस TMC कार्यकर्ताओं के खिलाफ बेबुनियाद एफआईआर दर्ज कर रही है।
कई कार्यकर्ताओं को हथकड़ियों में परेड कराने और कमर में रस्सियाँ बाँधने का दावा किया गया।
बनर्जी ने शीघ्र जमानत को मामलों की कमज़ोर कानूनी नींव का प्रमाण बताया।
प्रभावित परिवारों से एफआईआर कॉपी और अदालती आदेश लेकर संपर्क करने की अपील; कलकत्ता उच्च न्यायालय में कानूनी लड़ाई का संकल्प।
BJP ने इन आरोपों को खारिज कर TMC पर हिंसा और भ्रष्टाचार का पलटवार किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने 29 मई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि पश्चिम बंगाल में BJP नेताओं के दबाव में पुलिस का एक हिस्सा TMC कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित और बेबुनियाद एफआईआर दर्ज कर रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

बनर्जी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'राज्य के अलग-अलग हिस्सों से कई शिकायतें आ रही हैं कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामलों में फंसाया जा रहा है। BJP नेताओं और विधायकों के दबाव में पुलिस का एक हिस्सा बेबुनियाद एफआईआर दर्ज कर कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रहा है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर TMC कार्यकर्ताओं को हथकड़ियों में परेड कराया गया और कुछ की कमर में रस्सियाँ बाँधी गईं, जिसे उन्होंने 'पुलिस ज्यादती और सरकारी सत्ता के दुरुपयोग' की मिसाल करार दिया।

जमानत का हवाला, कमज़ोर मामलों का तर्क

बनर्जी ने तर्क दिया कि कई गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को शीघ्र जमानत मिल जाना इन मामलों की कमज़ोर कानूनी नींव को उजागर करता है। हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ कार्यकर्ता अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं के परिवारों और शुभचिंतकों से उन्होंने अपील की कि वे प्रमाणित एफआईआर कॉपी और अदालती आदेश लेकर उनसे सीधे संपर्क करें।

कानूनी लड़ाई का संकल्प

सांसद बनर्जी ने स्पष्ट किया, 'मैं अपनी पूरी क्षमता से और कानून के दायरे में रहते हुए उच्च न्यायालय में उनके केस लड़ने और उचित कानूनी उपचार दिलाने का हर संभव प्रयास करूंगा।' उन्होंने ज़ोर दिया कि न्याय की यह लड़ाई हमेशा लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से ही लड़ी जानी चाहिए।

भाजपा की प्रतिक्रिया और राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि BJP इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है और पलटवार करते हुए TMC पर ही हिंसा और भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है। पश्चिम बंगाल में हाल के महीनों में दोनों दलों के बीच यह आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है। यह पहली बार नहीं है जब किसी दल ने प्रतिद्वंद्वी पार्टी पर पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाया हो — राज्य में चुनावी मौसम के दौरान इस तरह की शिकायतें दोनों पक्षों से आती रही हैं।

आगे क्या

कल्याण बनर्जी के इस सार्वजनिक आह्वान के बाद अब यह देखना होगा कि कितने प्रभावित परिवार उनसे संपर्क करते हैं और कलकत्ता उच्च न्यायालय में कितने मामले दायर होते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम TMC के लिए चुनाव-पूर्व जमीनी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हथकड़ी परेड और रस्सी से बाँधने जैसे विशिष्ट दावे गंभीर हैं और स्वतंत्र सत्यापन की माँग करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि जमानत मिलना मामले की कमज़ोरी का प्रमाण नहीं है — अदालतें कई कारणों से जमानत देती हैं। असली जवाबदेही तब तय होगी जब उच्च न्यायालय इन मामलों की सुनवाई करे।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल्याण बनर्जी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में BJP नेताओं और विधायकों के दबाव में पुलिस का एक हिस्सा TMC कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठी और राजनीतिक रूप से प्रेरित एफआईआर दर्ज कर रहा है। उन्होंने हथकड़ियों में परेड और कमर में रस्सियाँ बाँधने जैसी घटनाओं को पुलिस ज्यादती का उदाहरण बताया।
कल्याण बनर्जी ने प्रभावित TMC कार्यकर्ताओं के लिए क्या कदम उठाने का ऐलान किया?
बनर्जी ने घोषणा की कि वे कानून के दायरे में रहते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में प्रभावित कार्यकर्ताओं के मामले लड़ेंगे। उन्होंने परिवारों से प्रमाणित एफआईआर कॉपी और अदालती आदेश लेकर उनसे संपर्क करने की अपील की।
क्या जमानत मिलना इन मामलों की कमज़ोरी साबित करता है?
कल्याण बनर्जी का तर्क है कि कई गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को शीघ्र जमानत मिलना इन मामलों की कमज़ोर कानूनी नींव को दर्शाता है। हालाँकि यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि जमानत कई कारणों से दी जाती है और यह अपने आप में दोष या निर्दोषता का प्रमाण नहीं है।
पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच मौजूदा तनाव की वजह क्या है?
विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा है। TMC का आरोप है कि BJP पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर विपक्षी कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है, जबकि BJP इन आरोपों को खारिज कर TMC पर हिंसा और भ्रष्टाचार का पलटवार करती है।
कल्याण बनर्जी ने यह बयान कहाँ दिया?
कल्याण बनर्जी ने 29 मई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए पूरे राज्य के TMC कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों को संबोधित करते हुए ये आरोप लगाए।
राष्ट्र प्रेस
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