वडोदरा की एगेट कलाकार शाहीना गांधी ने PM मोदी को भेंट की राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की अनूठी पत्थर कलाकृति
सारांश
मुख्य बातें
वडोदरा की प्रसिद्ध एगेट स्टोन कलाकार शाहीना सिकंदर गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राकृतिक रंगों वाले एगेट पत्थरों से निर्मित एक विशेष कलाकृति भेंट की, जिसमें राष्ट्रीय एकता दिवस परेड और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जीवंत रूप से उकेरा गया है। गुजरात के वडोदरा से ताल्लुक रखने वाली शाहीना पिछले 40 वर्षों से इस दुर्लभ कला शैली को साधती आ रही हैं और अब तक 500 से 600 कलाकृतियाँ तैयार कर चुकी हैं।
कलाकृति में क्या है खास
इस कलाकृति में पूरी राष्ट्रीय एकता दिवस रैली के दृश्य को एगेट पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़ों से उकेरा गया है। साथ ही एक प्राकृतिक परिदृश्य के बीच स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भी इसमें स्थान दिया गया है। शाहीना के अनुसार, इस रचना की प्रेरणा उन्हें राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित परेड से मिली थी। कलाकृति की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि इसमें पत्थरों के प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता है — किसी भी कृत्रिम रंग का प्रयोग नहीं किया जाता।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नामांकन
शाहीना गांधी को दुनिया की पहली एगेट चिप्स वॉल आर्टवर्क बनाने के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नामांकन प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया, 'यह देखा गया कि क्या किसी अन्य व्यक्ति ने इस तरह की कला बनाई है। जाँच के बाद मुझे इस कला शैली को सबसे पहले बनाने के लिए सम्मानित किया गया।' यह नामांकन उनके चार दशक के अथक परिश्रम और मौलिक सृजन का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात का सफर
शाहीना गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि उस समय उन्होंने भारत के नक्शे पर आधारित एगेट कलाकृति भेंट करने का प्रयास किया था, जिसमें प्रत्येक राज्य की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाया गया था। प्रधानमंत्री ने उसकी सराहना की, परंतु आकार बहुत बड़ा होने के कारण उसे उस समय स्वीकार नहीं कर सके। उस विशेष कलाकृति को तैयार करने में शाहीना को एक वर्ष का समय लगा था।
इसके बाद भारत पर्व 2026 में सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज की पहल के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री से दोबारा मिलने का अवसर मिला। इस अवसर पर उन्होंने अपनी नई कलाकृति भेंट की, जिसे प्रधानमंत्री ने सराहते हुए स्वीकार किया। प्रधानमंत्री ने इस भेंट से जुड़ी तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया, जिसमें शाहीना कलाकृति थामे खड़ी हैं और प्रधानमंत्री उसे ध्यान से देख रहे हैं।
कलाकार का परिचय और कार्यशैली
शाहीना गांधी ने यह कला कहीं से औपचारिक रूप से नहीं सीखी — उनका कहना है कि उन्होंने इसे स्वयं के प्रयासों से विकसित किया। उन्होंने कहा, 'अल्लाह की कृपा से मैंने यह कला कहीं से नहीं सीखी। मैंने इसे खुद सीखा है।' किसी कलाकृति को पूरा करने में लगने वाला समय उसके आकार और बारीक काम पर निर्भर करता है। उनकी कलाकृतियों की कीमत ₹5,000 से लेकर ₹5 लाख तक होती है। उनका घर चार दशक के कलात्मक सफर की गवाही देता है — दीवारों पर विभिन्न संस्थाओं से मिले पुरस्कार और सम्मान सजे हैं।
कला और विरासत का संगम
एगेट स्टोन कला में पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़ों को जोड़कर पूरी रचना तैयार की जाती है, जिसमें असाधारण धैर्य और सटीकता की आवश्यकता होती है। शाहीना गांधी की कलाकृतियाँ प्राकृतिक सामग्री, परिश्रमपूर्ण कारीगरी और भारत की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को एक साथ प्रस्तुत करती हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देशज शिल्पकलाओं को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास तेज हो रहे हैं।