शाइना एनसी के नाम पर साइबर ठगी: 9 पीड़ितों से ₹4.90 लाख की धोखाधड़ी, मुंबई पुलिस ने ₹3.15 लाख बचाए
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस ने शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता शाइना एनसी के नाम का दुरुपयोग कर की गई साइबर ठगी के मामले का पर्दाफाश किया है, जिसमें 9 लोगों से कुल ₹4.90 लाख की धोखाधड़ी की गई थी। तीन महीने की सघन जाँच के बाद पुलिस ने इस रकम में से ₹3.15 लाख सफलतापूर्वक सुरक्षित कर लिए हैं। यह मामला मुंबई के गावदेवी पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत पर आधारित है।
ठगी का तरीका
साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर शाइना एनसी के मोबाइल फोन तक पहुँच बना ली और उनकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में दर्ज परिचितों को उनके नाम से संदेश भेजे। इन संदेशों में ₹49,000 की तत्काल आवश्यकता बताई गई और यह आश्वासन दिया गया कि पैसा दो घंटे के भीतर लौटा दिया जाएगा।
संदेश किसी परिचित व्यक्ति के नाम से आया प्रतीत होने के कारण 9 लोगों ने बिना पुष्टि किए रकम ट्रांसफर कर दी, जिससे कुल ₹4.90 लाख की ठगी हो गई। गौरतलब है कि यह 'इम्पर्सोनेशन' या पहचान की चोरी पर आधारित साइबर अपराध का एक प्रचलित तरीका है, जिसमें पीड़ित को नाम की विश्वसनीयता के आधार पर धोखा दिया जाता है।
जाँच और कार्रवाई
सहायक पुलिस निरीक्षक वीरेंद्र सिंह खंडाडे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पीड़ितों के बैंक खातों का विश्लेषण किया और पाया कि ठगी की रकम भंडारा और बिहार के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई थी। इसके बाद टीम ने दोनों राज्यों में छापेमारी की।
भंडारा से ₹1.68 लाख नकद जब्त किए गए, जबकि बिहार से ₹98,000 बरामद हुए। इसके अलावा एक पीड़ित पंकज जैन ने समय रहते अपने बैंक को सूचना दी, जिससे बैंक ने ट्रांजैक्शन को फ्रीज कर उनके ₹49,000 सुरक्षित कर लिए।
कुल रिकवरी का ब्यौरा
तीन महीने की जाँच के बाद पुलिस ने कुल ₹3.15 लाख की रिकवरी की, जो ठगी की कुल रकम ₹4.90 लाख का लगभग 64 प्रतिशत है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सेलिब्रिटी और नेताओं के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
शाइना एनसी ने मुंबई के गावदेवी पुलिस स्टेशन में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर जाँच शुरू हुई।
आम जनता पर असर और सावधानी
यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि डिजिटल युग में किसी परिचित व्यक्ति के नाम से आए पैसे के अनुरोध को बिना फोन पर सीधे पुष्टि किए स्वीकार नहीं करना चाहिए। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, 'अर्जेंट मनी रिक्वेस्ट' वाले संदेश अधिकतर धोखाधड़ी के संकेत होते हैं।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार के किसी भी संदेश की पुष्टि सीधे संबंधित व्यक्ति से करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर दें। आगे इस मामले में और जाँच जारी है।