शाइना एनसी का व्हाट्सऐप हैक: साइबर ठगों ने 8 परिचितों से ₹3.92 लाख की ठगी की
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी का व्हाट्सऐप अकाउंट साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया और उनके नाम पर 8 परिचितों से कुल ₹3.92 लाख की ठगी की। पुलिस के अनुसार यह घटना 16-17 जुलाई 2026 के बीच मुंबई में हुई, जहाँ ठगों ने हैक किए गए अकाउंट से संदेश भेजकर प्रत्येक व्यक्ति से ₹49,000 ट्रांसफर करवाए।
ठगी का तरीका
साइबर अपराधियों ने शाइना एनसी के व्हाट्सऐप अकाउंट पर कब्ज़ा करने के बाद उनके कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल लोगों को 'कुछ मदद चाहिए' लिखकर संदेश भेजे। इसके बाद प्रत्येक व्यक्ति से ₹49,000 की तत्काल मांग की गई और भरोसा दिलाया गया कि रकम दो घंटे के भीतर लौटा दी जाएगी। परिचितों ने संदेश को वास्तविक मानते हुए पैसे ट्रांसफर कर दिए।
शिकायत और पुलिस कार्रवाई
जैसे ही शाइना एनसी को हैकिंग की जानकारी मिली, उन्होंने दोपहर 1:58 बजे पुलिस को शिकायत दर्ज कराई और हैकर के GPay अकाउंट को ब्लॉक करने का अनुरोध किया। हालाँकि, शिकायत के बावजूद ठग कई घंटों तक सक्रिय रहे और शाम करीब 6 बजे तक पैसे ट्रांसफर होते रहे। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
शाइना एनसी की सार्वजनिक चेतावनी
16 जुलाई को शाइना एनसी ने एक्स पर पोस्ट कर अपने फॉलोअर्स को सतर्क किया। उन्होंने लिखा, 'मेरा व्हाट्सऐप हैक हो गया है। अगर आपको मेरे नंबर से पैसे की मदद या पैसे ट्रांसफर करने के लिए कोई मैसेज मिलता है, तो कृपया उसे पूरी तरह नजरअंदाज करें, वह मैं नहीं हूँ। अभी मेरे नंबर से आने वाले किसी भी मैसेज का जवाब न दें, किसी लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई पैसे ट्रांसफर करें।'
राजनेताओं पर बढ़ता साइबर खतरा
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश के प्रमुख राजनीतिक नेता लगातार साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय और सार्वजनिक रूप से पहचाने जाने वाले नेताओं के अकाउंट हैकरों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं, क्योंकि उनके परिचितों का दायरा व्यापक होता है और उनके नाम पर भरोसा भी अधिक होता है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, 'इम्पर्सोनेशन फ्रॉड' के ऐसे मामलों में हैकर पहले अकाउंट पर नियंत्रण लेते हैं, फिर परिचितों की भावनात्मक निर्भरता का फायदा उठाते हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। ठगों के GPay अकाउंट को ट्रेस करने की कोशिश जारी है। साइबर अपराध विशेषज्ञ नागरिकों को सलाह देते हैं कि किसी भी परिचित के मैसेज पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले उस व्यक्ति को सीधे फोन पर संपर्क करके पुष्टि अवश्य करें।