शांगरी-ला संवाद 2025: चीनी PLA विशेषज्ञ मंग श्यांगछिंग ने युद्धोत्तर विश्व व्यवस्था की रक्षा का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
सिंगापुर में आयोजित 23वें शांगरी-ला संवाद में चीनी जन मुक्ति सेना (PLA) के विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मंग श्यांगछिंग ने 31 मई को कहा कि वैश्विक समुदाय को युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को कमज़ोर करने वाले किसी भी प्रयास के विरुद्ध सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने चीन की वैश्विक सुरक्षा पहल को विश्व के लिए एक व्यावहारिक समाधान के रूप में प्रस्तुत किया।
मुख्य घटनाक्रम
एक समानांतर सत्र को संबोधित करते हुए मंग श्यांगछिंग ने कहा कि दुनिया इस समय कई गंभीर संकटों से जूझ रही है — इनमें महाशक्तियों की वर्चस्ववादी नीतियाँ, परमाणु संघर्ष का बढ़ता जोखिम, परमाणु अप्रसार व्यवस्था का क्षरण और वैश्विक शासन प्रणाली में बढ़ती अव्यवस्था शामिल हैं। उनके अनुसार, चीन की वैश्विक सुरक्षा पहल साझा, व्यापक, सहयोगात्मक और सतत सुरक्षा की अवधारणा पर आधारित है।
टोक्यो ट्रिब्यूनल की 80वीं वर्षगांठ का संदर्भ
मंग ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सैन्य न्यायाधिकरण (टोक्यो ट्रिब्यूनल) की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस न्यायाधिकरण ने जापानी सैन्यवाद के अपराधों को उजागर किया था और युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ ताकतें युद्ध अपराधों को छिपाने और इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने कहा, 'मुझे गंभीर संदेह है कि जिस देश ने सैन्यवाद के विषैले प्रभावों को पूरी तरह समाप्त नहीं किया है, क्या वह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रक्षा सहयोग की बात करने का नैतिक अधिकार रखता है?' यह टिप्पणी कथित तौर पर जापान की ओर संकेत करती है, हालाँकि मंग ने किसी देश का नाम नहीं लिया।
वैश्विक शासन और AI पर चीन का रुख
मंग ने सभी देशों से समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देने और एक निष्पक्ष एवं प्रभावी वैश्विक सुरक्षा शासन प्रणाली के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने शस्त्र नियंत्रण, परमाणु अप्रसार और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े जोखिमों के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत पर बल दिया। गौरतलब है कि चीन ने संयुक्त राष्ट्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सैन्य उपयोग से संबंधित सिद्धांतों पर आधारित एक दस्तावेज़ भी प्रस्तुत किया है।
सम्मेलन का परिदृश्य
23वाँ शांगरी-ला संवाद शुक्रवार शाम सिंगापुर में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में 40 से अधिक देशों के 550 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। चीनी विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल आमंत्रण पर इस कार्यक्रम में शामिल हुआ है। यह संवाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण रक्षा नीति मंचों में से एक माना जाता है।
क्या होगा आगे
विशेषज्ञों के अनुसार, शांगरी-ला संवाद में चीन की सक्रिय उपस्थिति और उसके द्वारा उठाए गए मुद्दे आने वाले महीनों में एशिया-प्रशांत सुरक्षा संवाद की दिशा तय कर सकते हैं। चीन की वैश्विक सुरक्षा पहल और AI सैन्य उपयोग पर उसके प्रस्ताव को लेकर अन्य देशों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।