शनिदेव जयंती पर काशीपुर के शीतला माता मंदिर में नवग्रह हवन, मुस्लिम पिता ने लापता बेटी के लिए माँगी मन्नत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शनिदेव जयंती पर काशीपुर के शीतला माता मंदिर में नवग्रह हवन, मुस्लिम पिता ने लापता बेटी के लिए माँगी मन्नत

सारांश

काशीपुर के प्राचीन शीतला माता मंदिर में शनिदेव जयंती पर नवग्रह हवन और महाआरती के बीच एक अलग ही दृश्य उभरा — उत्तर प्रदेश के मुस्लिम पिता अब्दुल शकूर ने 27 फरवरी से लापता अपनी बेटी की वापसी के लिए माता के दरबार में अर्जी लगाई। आस्था ने यहाँ मज़हब की दीवारें तोड़ दीं।

मुख्य बातें

16 मई 2026 को काशीपुर के प्राचीन श्री शीतला माता मंदिर में शनिदेव जयंती और शनि मंदिर की 13वीं वर्षगांठ पर भव्य धार्मिक आयोजन हुआ।
मंदिर के पीठाधीश पं.
संदीप मिश्रा ने सुबह 10 बजे रुद्राभिषेक, तेल महाभिषेक, नवग्रह हवन-पूजन और महाआरती संपन्न कराई।
हवन के मुख्य यजमान ज्योति मेहरोत्रा-मनोज मेहरोत्रा और प्रीति सिंह-तीरथ सिंह रहे; सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित हुए।
उत्तर प्रदेश के अब्दुल शकूर ने 27 फरवरी से लापता अपनी बेटी की सकुशल वापसी के लिए माता के दरबार में अर्जी लगाई और मन्नत माँगी।
आयोजन में प्रसाद वितरण, खिचड़ी भंडारा और कन्या भोज भी संपन्न हुए।

काशीपुर (ऊधम सिंह नगर) के प्राचीन श्री शीतला माता मंदिर में 16 मई 2026 को शनिदेव जयंती और शनि मंदिर की 13वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। नवग्रह हवन-पूजन, महाआरती और प्रसाद वितरण के इस पर्व में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शनिदेव महाराज के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसी आयोजन में एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश से आए एक मुस्लिम पिता ने अपनी लापता बेटी की सकुशल वापसी के लिए माता के दरबार में अर्जी लगाई।

मुख्य धार्मिक आयोजन

कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार सुबह 10 बजे शनिदेव के रुद्राभिषेक से हुई। मंदिर के पीठाधीश एवं प्रबंधक पं. संदीप मिश्रा ने विधि-विधान के साथ तेल महाभिषेक, महास्नान, हवन-पूजन और महाआरती संपन्न कराई। इसके उपरांत श्रद्धालुओं में प्रसाद और खिचड़ी भंडारे का वितरण किया गया।

हवन के मुख्य यजमान के रूप में ज्योति मेहरोत्रा-मनोज मेहरोत्रा और प्रीति सिंह-तीरथ सिंह उपस्थित रहे। पीठाधीश पं. संदीप मिश्रा ने बताया कि सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और कन्याओं को भोजन कराया गया।

भावुक दृश्य: मुस्लिम पिता की मन्नत

आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में उस समय एक भावपूर्ण माहौल बन गया जब उत्तर प्रदेश से आए अब्दुल शकूर ने माता के दरबार में अपनी लापता बेटी की सकुशल बरामदगी के लिए अर्जी लगाई और मन्नत माँगी। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया, 'मुझे जानकारी हुई कि गुम बच्चे का यहाँ पता लग जाता है, इसलिए मैं यहाँ अर्जी देने आया था।'

अब्दुल शकूर के अनुसार उनकी बेटी 27 फरवरी से लापता है और तब से लगातार खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा, 'बेटी अभी नहीं मिली है, उसकी जानकारी के लिए मैंने यहाँ अर्जी लगाई है।' यह दृश्य उपस्थित श्रद्धालुओं को भावुक कर गया और आस्था की सांप्रदायिक सीमाओं से परे एकता का संदेश दिया।

मंदिर का महत्व और पृष्ठभूमि

काशीपुर स्थित प्राचीन श्री शीतला माता मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस वर्ष शनि मंदिर की 13वीं वर्षगांठ भी एक साथ मनाई गई, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया। पं. संदीप मिश्रा ने बताया कि प्रतिवर्ष शनिदेव जयंती पर यहाँ विशेष धार्मिक अनुष्ठान होते हैं और दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

श्रद्धालुओं का उत्साह

पीठाधीश पं. संदीप मिश्रा के अनुसार इस बार आयोजन में भक्तों का उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला। उन्होंने कहा, 'सभी भक्त सेवा कर रहे हैं और सुबह से ही भारी भीड़ है।' यह आयोजन धार्मिक सद्भाव और सामूहिक आस्था का प्रतीक बना, जहाँ विभिन्न समुदायों के लोग एकजुट हुए।

आगामी वर्षों में भी इस मंदिर में इसी प्रकार के भव्य आयोजनों की परंपरा जारी रहने की संभावना है, जो क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं यह घटना सामाजिक सद्भाव की उस जीवंत परत को उजागर करती है जो जमीनी स्तर पर आज भी मौजूद है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काशीपुर के शीतला माता मंदिर में शनिदेव जयंती पर क्या हुआ?
16 मई 2026 को काशीपुर स्थित प्राचीन श्री शीतला माता मंदिर में शनिदेव जयंती और शनि मंदिर की 13वीं वर्षगांठ के अवसर पर नवग्रह हवन-पूजन, महाआरती और खिचड़ी भंडारे का आयोजन हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शनिदेव महाराज के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
अब्दुल शकूर कौन हैं और वे मंदिर क्यों आए?
अब्दुल शकूर उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जिनकी बेटी 27 फरवरी से लापता है। उन्हें जानकारी मिली कि इस मंदिर में अर्जी लगाने से गुम बच्चों का पता चलता है, इसलिए वे माता के दरबार में बेटी की सकुशल वापसी के लिए मन्नत माँगने आए।
शनि मंदिर की 13वीं वर्षगांठ का क्या महत्व है?
काशीपुर के इस मंदिर में स्थापित शनि मंदिर इस वर्ष अपनी 13वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह अवसर शनिदेव जयंती के साथ एक साथ आया, जिससे इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से भव्य रहा।
हवन-पूजन का संचालन किसने किया?
मंदिर के पीठाधीश एवं प्रबंधक पं. संदीप मिश्रा ने सुबह 10 बजे रुद्राभिषेक से शुरू होकर तेल महाभिषेक, महास्नान, हवन-पूजन और महाआरती विधि-विधान के साथ संपन्न कराई। हवन के मुख्य यजमान ज्योति मेहरोत्रा-मनोज मेहरोत्रा और प्रीति सिंह-तीरथ सिंह रहे।
क्या इस मंदिर में सभी धर्मों के लोग आते हैं?
इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुस्लिम निवासी अब्दुल शकूर का मंदिर में अर्जी लगाना इस बात का प्रमाण है कि यह मंदिर सभी समुदायों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। पीठाधीश पं. संदीप मिश्रा के अनुसार भक्तों में काफी उत्साह रहता है और दूर-दूर से लोग यहाँ आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 9 घंटे पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले