शरद पवार–एकनाथ शिंदे मुलाकात पर संजय देशमुख बोले: राजनीतिक चश्मे से न देखें
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना सांसद संजय देशमुख ने 15 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई मुलाकात को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा के अनुरूप बताया।
वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात पर देशमुख का रुख
देशमुख ने कहा कि शरद पवार देश के सर्वाधिक सम्मानित वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और उनका आदर केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश में है। उनके अनुसार, जब कोई वरिष्ठ नेता किसी भी दल के नेता से मिलता है, तो उसका सम्मानपूर्वक स्वागत करना भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने इस मुलाकात को राजनीतिक षड्यंत्र या गठबंधन की अटकल से जोड़ने से इनकार किया।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर समर्थन
महिला आरक्षण के मुद्दे पर शरद पवार गुट की ओर से समर्थन की अटकलों के संदर्भ में देशमुख ने कहा कि महिलाओं को राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना समय की माँग है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, खेल और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी काबिलियत साबित की है, इसलिए राजनीति में समान भागीदारी स्वाभाविक है। सुप्रिया सुले द्वारा महिला आरक्षण और परिसीमन पर सकारात्मक निर्णय लेने की स्थिति में उसका स्वागत किया जाना चाहिए — यह देशमुख का स्पष्ट मत रहा।
अमित शाह से मुलाकात: विकास परियोजनाएँ एजेंडे में
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक का उल्लेख करते हुए देशमुख ने बताया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व का समर्थन करने वाले छह शिवसेना सांसदों ने सामूहिक रूप से यह मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य राजनीतिक चर्चा नहीं, बल्कि अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं और लंबित समस्याओं को केंद्र सरकार के समक्ष रखना था। इसमें वर्धा, यवतमाल और नांदेड़ से जुड़ी महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाएँ प्रमुख रूप से उठाई गईं।
गृह मंत्री का सकारात्मक आश्वासन
देशमुख के अनुसार, अमित शाह ने सांसदों की माँगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया। क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता और योजनाओं पर भी सार्थक चर्चा हुई। देशमुख ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं पर जल्द प्रगति देखने को मिलेगी।
आगे क्या
महाराष्ट्र की राजनीति में वरिष्ठ नेताओं के बीच इस तरह की मुलाकातें भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें बढ़ाती रहती हैं। हालाँकि देशमुख ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन संवादों को सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार के रूप में देखा जाना चाहिए। महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर विभिन्न दलों के बीच बनती सहमति की दिशा आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट होगी।