शत्रुघ्न सिन्हा ने महिला आरक्षण विधेयक को 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया
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आसनसोल, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद एवं अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने महिला आरक्षण बिल (संविधान 131वां संशोधन विधेयक) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणियों और राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इसे 'राजनीतिक ड्रामा' और 'झूठ का पुलिंदा' करार दिया।
आसनसोल के जमुड़िया विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी के उम्मीदवार हरेराम सिंह के समर्थन में चुनावी रैली के बाद संवाददाताओं से बातचीत में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री एक 'शानदार अभिनेता' हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी का भावनात्मक भाषण और राष्ट्र के नाम संबोधन केवल चुनावी लाभ के लिए किया गया नौटंकी है।
सिन्हा ने कहा, "महिला आरक्षण बिल को 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया गया था। अब इसमें परिसीमन का मुद्दा जोड़कर जानबूझकर देरी की जा रही है। प्रधानमंत्री इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। यह एक साजिश है, जो अब उजागर हो चुकी है।"
उन्होंने प्रधानमंत्री पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया। सिन्हा ने कहा, "चुनाव के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के सामने खड़े होकर ऐसे राजनीतिक बयान देना अनुचित है।"
शत्रुघ्न सिन्हा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति इतने चिंतित हैं, तो उन्हें अपना पद छोड़कर किसी महिला नेता को जिम्मेदारी सौंप देनी चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए कहा कि ममता जी राज्य को प्रभावी ढंग से संभाल रही हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सिन्हा ने मोदी के भावनात्मक अपील को 'मगरमच्छ के आंसू' बताया और आरोप लगाया कि यह बड़े मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पिछले प्रयासों में भी बहुमत की कमी के कारण बिल पास नहीं हो सका था।
यह प्रहार ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावी प्रचार तेज हो चुका है। शत्रुघ्न सिन्हा टीएमसी के लिए प्रचार कर रहे हैं और आसनसोल क्षेत्र में सक्रिय हैं।