शिक्षा मंत्री पर बेबुनियाद आरोप: भाजपा सांसद मनोज टिग्गा ने राहुल-प्रियंका से माँगी सार्वजनिक माफी
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद मनोज टिग्गा ने 29 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के विरुद्ध कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की टिप्पणी और उसका समर्थन करने वाले विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। टिग्गा ने माँग की कि दोनों नेताओं को सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। इसी दौरान बिहार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने भी राहुल गांधी और नीट विवाद पर अपनी बात रखी।
टिग्गा की माफी की माँग
मनोज टिग्गा ने कहा, 'उन्हें निश्चित रूप से माफी माँगनी चाहिए। संसद जैसी पवित्र संस्था में, खासकर शिक्षा मंत्री के खिलाफ ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाना उचित नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राय में जिन लोगों ने ये आरोप लगाए हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए।
नीट पेपर लीक और सीबीआई चार्जशीट पर प्रतिक्रिया
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने पर टिग्गा ने कहा, 'हमारी सरकार और प्रधानमंत्री छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। इसीलिए नीट परीक्षा 45 दिनों के भीतर आयोजित की गई और नतीजे भी जल्द घोषित किए गए।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद ने पिछले वर्ष पूरे देश में बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलनों को जन्म दिया था, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस मामले पर गंभीर टिप्पणियाँ की थीं।
जायसवाल का राहुल गांधी पर हमला
बिहार सरकार में मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने राहुल गांधी को 'बेचैन आत्मा' बताते हुए कहा कि उन्होंने 'पूरे देश में अशांति फैलाने की कोशिश की है और छात्र आंदोलन को बदनाम करने का काम भी किया है।' जायसवाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने छात्रों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया और अब जब नीट एवं परीक्षाओं को लेकर नया कानून लाया जा रहा है, तो वे उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'छात्र और देश, दोनों ही उनका असली चेहरा पहचान रहे हैं।'
बिहार उपचुनाव और नीतीश कुमार पर बयान
जायसवाल ने बांकीपुर उपचुनाव को लेकर दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) यह चुनाव बड़े अंतर से जीतेगी और भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा की भारी जीत तय है। उन्होंने तेजस्वी यादव को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 'बरगद के पेड़ की तरह' एक वरिष्ठ और वैचारिक नेता हैं, और उन पर टिप्पणी करना किसी के लिए भी शोभनीय नहीं है।
आगे क्या
संसद में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच यह वाकयुद्ध ऐसे समय में तेज हुआ है जब नीट सुधारों पर नया विधायी ढाँचा तैयार होने की चर्चा है। आलोचकों का कहना है कि इस राजनीतिक बहस के बीच छात्रों की मूल चिंताओं — परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही — पर ध्यान केंद्रित रहना आवश्यक है।