पार्क जमीन विवाद: शिवकुमार का पलटवार — 'यू-टर्न नहीं, भाजपा के कार्यकाल का रिकॉर्ड जारी करूंगा'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 4 सितंबर को बेंगलुरु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा पलटवार किया, जब BJP उस प्रस्तावित विधेयक को वापस लेने का श्रेय लेने की कोशिश कर रही थी जिसमें पार्क की जमीन का 5 प्रतिशत तक हिस्सा सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे के लिए उपयोग करने का प्रावधान था। शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि यह कोई यू-टर्न नहीं था, बल्कि सभी पक्षों को विस्तृत चर्चा के लिए आमंत्रण था।
मुख्य घटनाक्रम
शिवकुमार ने कहा कि वे यू-टर्न नहीं ले रहे, बल्कि चिंताओं को सामने रख रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में इस मामले पर चर्चा नहीं की गई। उनका कहना था कि सार्वजनिक जमीन से जुड़े फैसले अलग-अलग समय पर, उस दौर की जरूरतों के अनुसार, अलग-अलग सरकारों ने लिए हैं।
उन्होंने घोषणा की कि वे बीएस येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई के कार्यकाल में पार्क भूमि से जुड़े फैसलों की सूची सार्वजनिक करेंगे। शिवकुमार ने कहा, 'इस पर चर्चा होनी चाहिए।'
भाजपा पर आरोप
शिवकुमार ने BJP पर बेंगलुरु की विकास परियोजनाओं का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि जब सिद्धारमैया के कार्यकाल में स्टील ब्रिज का प्रस्ताव आया था, तब भी इन्हीं BJP नेताओं ने उसका विरोध किया था।
उन्होंने कहा, 'अगर बेंगलुरु पर किसी तरह का अभिशाप है, तो उसके लिए BJP जिम्मेदार है। मुझे कोई एक ऐसी बड़ी परियोजना बताएं जो उन्होंने अपने कार्यकाल में बेंगलुरु के लिए शुरू की हो।'
प्रस्ताव का बचाव
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद पार्क की जमीन बेचना नहीं, बल्कि बुनियादी ढाँचे की जरूरतों के लिए एक सामान्य नीतिगत रूपरेखा तैयार करना था। उन्होंने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) को जमीन हस्तांतरण का उदाहरण देते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर उद्देश्य से किसी सरकारी एजेंसी को जमीन ट्रांसफर करना उसे बेचना नहीं है।
उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण भी गिनाए — एलएच बिल्डिंग, हाई कोर्ट पार्किंग, प्रेस सुविधाएँ, इंदिरा गांधी फाउंटेन और बसव भवन — जो पार्क क्षेत्रों से जुड़ी जमीन पर बनाए गए थे।
विपक्षी नेताओं पर संयमित रुख
शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए वे विपक्ष के नेता आर. अशोक, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और BJP के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र पर व्यक्तिगत हमले नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, 'यह पद मुझे राज्य की जनता और मेरी पार्टी ने दिया है और वे सम्मान के हकदार हैं।'
आगे क्या होगा
शिवकुमार ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलकर काम करने की अपील की और कहा कि वे इस मुद्दे पर सुझावों के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए वास्तव में जरूरी परियोजनाओं पर उचित विचार-विमर्श के बाद काम किया जा सकता है। यह मामला अब बेंगलुरु में शहरी भूमि नीति और विकास परियोजनाओं की व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है।