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शिवराज सिंह चौहान की 'मामा कोचिंग क्लासेस' पहल: रायसेन के छात्रों को मिलेगी मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग

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शिवराज सिंह चौहान की 'मामा कोचिंग क्लासेस' पहल: रायसेन के छात्रों को मिलेगी मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग

सारांश

शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में 'मामा कोचिंग क्लासेस' की घोषणा कर एक नई मिसाल पेश की — जहाँ महँगी कोचिंग की जगह जिले में ही मुफ्त तैयारी का इंतज़ाम होगा। 5 अक्टूबर से शुरू होने वाली इस पहल में MPPSC, SSC और बैंकिंग परीक्षाएँ शामिल हैं।

मुख्य बातें

शिवराज सिंह चौहान ने 24 अगस्त 2026 को रायसेन में 'मामा कोचिंग क्लासेस' की घोषणा की।
आवेदन 10–15 सितंबर , लिखित परीक्षा 20 सितंबर और कक्षाएँ 5 अक्टूबर से शुरू होंगी।
कोचिंग में MPPSC, SSC, बैंकिंग तथा केंद्र-राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाएँ शामिल होंगी।
₹38.38 करोड़ की लागत से निर्मित संदीपनी स्कूल का लोकार्पण किया गया।
मेधावी छात्रों को लैपटॉप वितरित किए गए; अजीम प्रेमजी फाउंडेशन बालिका छात्रवृत्ति आवेदन कार्यक्रम में भी भागीदारी।
सीधे प्रवेश न पाने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग विकल्प पर विचार किया जाएगा।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए 'मामा कोचिंग क्लासेस' शुरू करने की घोषणा की। इस पहल का लक्ष्य है कि छात्रों को उनके अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण कोचिंग मिले, जिससे वे महँगी निजी संस्थाओं पर निर्भर न रहें।

घोषणा का अवसर और मुख्य कार्यक्रम

चौहान ने यह ऐलान रायसेन में आयोजित प्रेम सुंदर मेधावी छात्र सम्मान समारोह के दौरान किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप वितरित किए। इसके साथ ही उन्होंने संदीपनी स्कूल का लोकार्पण किया और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन बालिका छात्रवृत्ति योजना के आवेदन कार्यक्रम में भी भागीदारी की।

आवेदन और चयन प्रक्रिया

'मामा कोचिंग क्लासेस' के लिए आवेदन 10 से 15 सितंबर के बीच आमंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद 20 सितंबर को लिखित परीक्षा होगी और चयन व साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 अक्टूबर से नियमित कक्षाएँ शुरू की जाएंगी। यह कोचिंग कार्यक्रम एमपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग तथा राज्य और केंद्र सरकार की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराएगा।

चौहान ने स्पष्ट किया, 'व्यक्तिगत छात्रों की फीस भरने के बजाय हमने रायसेन में ही बेहतर कोचिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। जो छात्र सीधे प्रवेश नहीं पा सकेंगे, उनके लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा।'

संदीपनी स्कूल और शिक्षा सुविधाएँ

रायसेन में निर्मित संदीपनी स्कूल पर लगभग ₹38.38 करोड़ की लागत आई है। चौहान ने कहा कि ऐसे विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, स्मार्ट कक्षाएँ, खेल मैदान और संगीत, नृत्य तथा चित्रकला जैसी गतिविधियों की सुविधाएँ होनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'सरकारी स्कूल सिर्फ भवन नहीं होने चाहिए, बल्कि ऐसे संस्थान बनने चाहिए जहाँ बच्चे अपने सपनों को साकार कर सकें।'

कौशल प्रशिक्षण और रोज़गार की पहल

केंद्रीय मंत्री ने युवाओं को उद्योगों की ज़रूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हर युवा को सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है, इसलिए रोज़गार के अन्य अवसरों के लिए उन्हें तैयार करना आवश्यक है। इस पहल में आईटीआई और निजी प्रशिक्षण संस्थानों की सहायता ली जाएगी तथा प्रशिक्षण के बाद रोज़गार मेलों के ज़रिए युवाओं को नौकरी से जोड़ा जाएगा।

छात्रों को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, 'हर बच्चे में अपार बुद्धिमत्ता, प्रतिभा और सफल होने की क्षमता होती है। चाहे लड़का हो या लड़की, कोई भी बच्चा कमज़ोर नहीं है। जरूरत सिर्फ आत्मविश्वास, सही मार्गदर्शन और अवसर की है।' रायसेन दौरे के दौरान उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। आने वाले हफ्तों में आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही इस पहल की व्यापकता और असर का असली परीक्षण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्षमता, शिक्षकों की गुणवत्ता और दीर्घकालिक वित्त पोषण का खाका अभी स्पष्ट नहीं है। मध्य प्रदेश में सरकारी कोचिंग योजनाओं का इतिहास मिला-जुला रहा है — कई पहलें शुरुआती उत्साह के बाद क्रियान्वयन में पिछड़ी हैं। ₹38.38 करोड़ के संदीपनी स्कूल जैसे बुनियादी ढाँचे का निर्माण स्वागत योग्य है, पर असली कसौटी यह होगी कि कोचिंग के परिणाम — चयन दर और नौकरी — पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक किए जाएँ।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मामा कोचिंग क्लासेस' क्या है और यह किसके लिए है?
'मामा कोचिंग क्लासेस' मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में शुरू की जाने वाली एक मुफ्त कोचिंग पहल है, जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 अगस्त 2026 को की। यह उन छात्रों के लिए है जो MPPSC, SSC, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं।
मामा कोचिंग क्लासेस में आवेदन कैसे करें और कब से शुरू होंगी कक्षाएँ?
आवेदन 10 से 15 सितंबर के बीच आमंत्रित किए जाएंगे। 20 सितंबर को लिखित परीक्षा होगी और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 अक्टूबर से नियमित कक्षाएँ शुरू होंगी।
क्या ऑनलाइन कोचिंग का भी विकल्प होगा?
हाँ, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जो छात्र सीधे प्रवेश नहीं पा सकेंगे, उनके लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। हालाँकि इसका विस्तृत ढाँचा अभी घोषित नहीं किया गया है।
रायसेन में संदीपनी स्कूल क्या है और इस पर कितनी लागत आई?
संदीपनी स्कूल रायसेन में नवनिर्मित एक सरकारी विद्यालय है, जिसका लोकार्पण शिवराज सिंह चौहान ने इसी कार्यक्रम में किया। इसकी निर्माण लागत लगभग ₹38.38 करोड़ है और इसमें आधुनिक प्रयोगशालाएँ, स्मार्ट कक्षाएँ व खेल सुविधाएँ शामिल हैं।
इस पहल में कौशल प्रशिक्षण का क्या प्रावधान है?
केंद्रीय मंत्री ने युवाओं को उद्योगों की ज़रूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने की भी घोषणा की, जिसमें ITI और निजी प्रशिक्षण संस्थानों की मदद ली जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोज़गार मेलों के ज़रिए युवाओं को नौकरी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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