31 जुलाई 2026
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अनंतनाग के कोकेरनाग में एसओजी जवान गलती से चली गोली से घायल, पैर में लगी गोली

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अनंतनाग के कोकेरनाग में एसओजी जवान गलती से चली गोली से घायल, पैर में लगी गोली

सारांश

अनंतनाग के कोकेरनाग में पेट्रोलिंग के दौरान एसओजी जवान की सर्विस गन अचानक चल गई और गोली उनके पैर में लगी। घायल जवान मोहम्मद अल्ताफ खान को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, अनंतनाग रेफर किया गया है।

मुख्य बातें

31 जुलाई को अनंतनाग के कोकेरनाग में पेट्रोलिंग के दौरान एसओजी जवान की सर्विस गन गलती से चल गई।
घायल जवान की पहचान मोहम्मद अल्ताफ खान (पुत्र हबीबुल्लाह खान ) के रूप में हुई; गोली पैर में लगी।
प्राथमिक उपचार कोकेरनाग सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में दिया गया, बाद में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, अनंतनाग रेफर किया गया।
एसओजी की स्थापना 1994 में हुई थी; इसमें 4,000 विशेष प्रशिक्षित जवान हैं।
अधिकारियों ने घटना की जाँच के आदेश दिए हैं।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में 31 जुलाई को पेट्रोलिंग के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) का एक जवान अपनी सर्विस गन से गलती से चली गोली से घायल हो गया। गोली उसके पैर में लगी और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुँचाया गया।

घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, कोकेरनाग क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान एसओजी जवान मोहम्मद अल्ताफ खान (पुत्र हबीबुल्लाह खान) की सर्विस गन अचानक चल गई और गोली उनके पैर में जा लगी। यह एक आकस्मिक दुर्घटना थी।

घायल जवान को सबसे पहले कोकेरनाग सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार दिया गया। स्थिति को देखते हुए उन्हें बाद में अनंतनाग शहर स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।

एसओजी: भूमिका और महत्व

स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष टेक्टिकल इकाई है, जो उग्रवाद-विरोधी, विद्रोह-विरोधी और आतंकवाद-विरोधी अभियानों में दक्ष है। इसकी स्थापना 1994 में इस उद्देश्य से की गई थी कि जम्मू-कश्मीर पुलिस को आतंकवाद-रोधी अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाए और इन ऑपरेशनों को एक स्थानीय स्वरूप दिया जाए।

यह यूनिट जम्मू-कश्मीर पुलिस के 1 लाख से अधिक जवानों में से चुने गए लगभग 4,000 विशेष प्रशिक्षित जवानों से मिलकर बनी है। एसओजी की ज़िम्मेदारियों में उग्रवाद-विरोधी अभियान, हथियारबंद अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, बंधक मुक्ति, संकट प्रबंधन, गुप्त ऑपरेशन, वीआईपी सुरक्षा और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों में काम करना शामिल है।

एसओजी जवानों पर खतरा

गौरतलब है कि एसओजी के जवान उग्रवादी समूहों और स्थानीय अलगाववादी तत्वों के निशाने पर रहते हैं। इसके बावजूद इस यूनिट ने अपनी स्थापना के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को कमज़ोर करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। यह ऐसे समय में आया है जब घाटी में सुरक्षा बलों की सतर्कता और गश्त की तीव्रता पहले से बढ़ी हुई है।

आगे क्या

अधिकारियों ने इस घटना की जाँच के आदेश दिए हैं। घायल जवान मोहम्मद अल्ताफ खान का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, अनंतनाग में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सुरक्षा बलों में हथियार-संचालन प्रशिक्षण और गश्त के दौरान सतर्कता प्रोटोकॉल पर सवाल ज़रूर उठाती है। एसओजी जैसी अग्रिम पंक्ति की यूनिट, जो पहले से ही उग्रवादियों के निशाने पर रहती है, के जवानों का आत्म-चोटिल होना प्रशिक्षण की नियमित समीक्षा की ज़रूरत को रेखांकित करता है। ऐसी घटनाओं की पारदर्शी जाँच और रिपोर्टिंग न केवल जवानों की सुरक्षा के लिए, बल्कि जनता के भरोसे के लिए भी ज़रूरी है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंतनाग के कोकेरनाग में एसओजी जवान कैसे घायल हुआ?
31 जुलाई को कोकेरनाग में पेट्रोलिंग के दौरान एसओजी जवान मोहम्मद अल्ताफ खान की सर्विस गन गलती से चल गई और गोली उनके पैर में लगी। यह एक आकस्मिक दुर्घटना थी, किसी बाहरी हमले या मुठभेड़ का मामला नहीं।
घायल एसओजी जवान का नाम और इलाज कहाँ हो रहा है?
घायल जवान का नाम मोहम्मद अल्ताफ खान है, जो हबीबुल्लाह खान के पुत्र हैं। उन्हें पहले कोकेरनाग सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, अनंतनाग रेफर किया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस का एसओजी क्या है?
स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष टेक्टिकल इकाई है, जिसकी स्थापना 1994 में की गई थी। इसमें लगभग 4,000 विशेष प्रशिक्षित जवान हैं और यह उग्रवाद-विरोधी, आतंकवाद-विरोधी तथा विद्रोह-रोधी अभियानों में माहिर है।
क्या इस घटना की जाँच होगी?
अधिकारियों ने इस आकस्मिक गोलीबारी की जाँच के आदेश दिए हैं। जाँच का उद्देश्य यह स्थापित करना है कि गश्त के दौरान हथियार-संचालन में कोई चूक हुई या नहीं।
एसओजी जवानों को किन खतरों का सामना करना पड़ता है?
एसओजी के जवान उग्रवादी समूहों और स्थानीय अलगाववादी तत्वों के प्राथमिक निशाने पर रहते हैं। इसके अलावा, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में गश्त के दौरान आकस्मिक दुर्घटनाओं का जोखिम भी बना रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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