मजीद मेमन ने सोनम वांगचुक की हिरासत पर उठाए सवाल, पूछा- सबूत कहां हैं?
सारांश
Key Takeaways
- सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
- मजीद मेमन ने भाजपा पर चुनावों में दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
- लोकतंत्र में स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा महत्वपूर्ण है।
मुंबई, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गृह मंत्रालय द्वारा लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत को रद्द किए जाने पर वरिष्ठ वकील और पूर्व सांसद मजीद मेमन ने सवाल उठाया, "यह हिरासत किस आधार पर की गई थी? क्या सबूत अचानक गायब हो गए? इसके अलावा, उन्होंने भाजपा पर आगामी विधानसभा चुनावों में जबरदस्ती जीतने का आरोप लगाया।
टीएमसी नेता मजीद मेमन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यदि कोई सामाजिक कार्यकर्ता या विरोधी सरकार की इच्छा के खिलाफ कुछ कहता है, तो उस पर एनएसए लगा दिया जाता है, जिसमें कोई सुनवाई नहीं होती। बिना सुनवाई के हिरासत में लिया जाता है और फिर इसे अचानक वापस ले लिया जाता है, तो यह स्थिति क्या थी कि आपको इसे वापस लेना पड़ा? क्या परिस्थितियां बदल गई हैं?"
मेमन ने आगे कहा, "हम देख रहे हैं कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री समेत भाजपा के बड़े नेता वहां सक्रिय हैं और खुलेआम कह रहे हैं कि वे ममता दीदी की सरकार को हर हाल में गिरा देंगे। यह संदेश दिया जा रहा है कि वे किसी भी हाल में चुनाव जीतना चाहते हैं, चाहे सही हो या गलत, और इसके लिए वे एजेंसियों और चुनाव आयोग का भी दुरुपयोग कर सकते हैं।"
मजीद मेमन ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी का सपना है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले आगामी चुनावों में भी वे इन राज्यों पर कब्जा कर लें। उनका मानना है कि उन्होंने देश के अधिकांश राज्यों को अपने नियंत्रण में कर लिया है। अब वे बाकी राज्यों को भी अपने अधीन लाना चाहते हैं ताकि पूरा देश भगवा रंग में रंग जाए।"