कुमामोटो भूकंप के बाद सोनी का सेमीकंडक्टर प्लांट बंद, 7.1 तीव्रता के झटके में 13 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
जापान के कुमामोटो क्षेत्र में मंगलवार, 29 जुलाई को शाम 4:27 बजे स्थानीय समय पर 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने के बाद सोनी सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस ने अपने कुमामोटो टेक्नोलॉजी सेंटर में परिचालन तत्काल रोक दिया है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के अनुसार इस आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं।
प्लांट बंद: क्या हुआ और कहाँ
भूकंप के तुरंत बाद किकुयो कस्बे स्थित सोनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन के प्लांट में उत्पादन रोक दिया गया। कंपनी के अनुसार, कुमामोटो टेक्नोलॉजी सेंटर की इमारतों और उत्पादन उपकरणों पर भूकंप के प्रभाव का आकलन अभी जारी है। परिचालन पुनः कब शुरू होगा, इसकी कोई समय-सीमा फिलहाल नहीं बताई गई है।
अन्य केंद्रों में स्थिति सामान्य
सोनी ने स्पष्ट किया कि उसके नागासाकी, ओइता और कागोशिमा टेक्नोलॉजी सेंटरों में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। इन केंद्रों पर भूकंप के समय मौजूद किसी भी कर्मचारी के घायल होने की खबर नहीं है, जो राहत की बात है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर संभावित असर
सोनी सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और औद्योगिक क्षेत्रों में उपयोग होने वाले इमेज सेंसर और अन्य सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स की प्रमुख वैश्विक आपूर्तिकर्ता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला पहले से ही दबाव में है। कुमामोटो प्लांट की बंदी कितने समय तक रहती है, यह इस क्षेत्र के उत्पादन पर असर का पैमाना तय करेगा।
बचाव अभियान और सरकारी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ताकाइची ने पत्रकारों से कहा, 'अब भी कई लोग बचाव का इंतजार कर रहे हैं। हम अधिक से अधिक लोगों को बचाने और राहत पहुंचाने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे।' बचाव दल ढही हुई इमारतों के मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं, जबकि अधिकारी नुकसान का व्यापक आकलन कर रहे हैं।
भारत ने जताई एकजुटता
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'जापान के कुमामोटो प्रांत में आए भूकंप की खबर से गहरी चिंता हुई। इस कठिन समय में हम जापान की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता और समर्थन व्यक्त करते हैं। भूकंप से प्रभावित लोगों की सुरक्षा और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।' गौरतलब है कि जापान और भारत के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को देखते हुए यह भावना महत्वपूर्ण है।