30 जुलाई 2026
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सुकांत मजूमदार का दावा: पश्चिम बंगाल से लगभग 5,000 बांग्लादेशी नागरिक वापस भेजे गए

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सुकांत मजूमदार का दावा: पश्चिम बंगाल से लगभग 5,000 बांग्लादेशी नागरिक वापस भेजे गए

सारांश

पश्चिम बंगाल में BJP सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि लगभग 5,000 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है। साथ ही TMC में बढ़ती दरारें, फर्जी हस्ताक्षर की CID जांच और परीक्षा पारदर्शिता के वादे — बंगाल की राजनीति एक उथल-पुथल भरे दौर में है।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने 14 जून 2026 को कहा कि पश्चिम बंगाल से लगभग 5,000 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है।
राज्य सरकार डिटेक्शन, डिलीशन और डिपोर्टेशन की नीति अपना रही है; मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी समय-समय पर अपडेट देते रहेंगे।
फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी जांच जारी है; TMC के भीतर से भी आरोप उठे हैं।
पूर्व मंत्री मानस रंजन भुनिया ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी; मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी पर पार्टी को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
मजूमदार ने युवाओं को आश्वासन दिया कि आगामी परीक्षाएँ निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होंगी।

केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने 14 जून 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल से अब तक लगभग 5,000 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार 'पहचान, नाम हटाना और वापस भेजना' — यानी डिटेक्शन, डिलीशन और डिपोर्टेशन — की नीति पर काम कर रही है।

मुख्य घटनाक्रम

मजूमदार ने बताया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले ही इस संख्या की पुष्टि कर चुके हैं। उन्होंने कहा, 'यह प्रक्रिया जारी रहेगी और समय-समय पर मुख्यमंत्री वापस भेजे गए लोगों की संख्या के बारे में जानकारी देते रहेंगे।' यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार घुसपैठियों की पहचान और निष्कासन को प्राथमिकता दे रही है।

फर्जी हस्ताक्षर मामले में जांच

मजूमदार ने फर्जी हस्ताक्षर मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीआईडी जांच कर रही है और यह आरोप तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर से भी उठे हैं कि उनके हस्ताक्षर फर्जी थे। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की जांच की जाएगी।

टीएमसी में टूट और मानस रंजन भुनिया का इस्तीफा

पूर्व मंत्री मानस रंजन भुनिया के तृणमूल कांग्रेस छोड़ने पर मजूमदार ने कहा कि भुनिया पहले कांग्रेस में थे, फिर TMC में शामिल हुए। उनके अनुसार, कथित गुंडागर्दी के कारण एक समय भुनिया को खेतों से होकर भागना पड़ा था। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे 'भरोसा इन, धरना आउट, भय आउट' का असर बताया।

गौरतलब है कि TMC में यह टूट केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं है — विधानसभा के बाद अब संसद में भी दरारें सामने आई हैं। बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके 'धृतराष्ट्र जैसे स्नेह' ने पार्टी को कमज़ोर और विभाजित कर दिया है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर ममता के अत्यधिक भरोसे को TMC के पतन की मुख्य वजह बताया।

परीक्षाओं में पारदर्शिता का आश्वासन

मजूमदार ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि पिछली सरकार के दौर में परीक्षाओं में जो गड़बड़ियाँ होती थीं, वह अब नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से बातचीत के आधार पर वे आश्वस्त हैं कि परीक्षाएँ निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएंगी।

आगे क्या

डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जारी रहने और TMC में बढ़ती आंतरिक उठापटक के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर है। BJP सरकार के लिए घुसपैठ-विरोधी अभियान एक प्रमुख राजनीतिक एजेंडा बना हुआ है, जबकि विपक्षी TMC आंतरिक संकट से जूझ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 वापस भेजे गए' का दावा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है — न कोई आधिकारिक सूची, न कोई तारीख-वार डेटा सार्वजनिक किया गया है। डिटेक्शन, डिलीशन और डिपोर्टेशन की नीति सुनने में सुव्यवस्थित लगती है, पर बिना पारदर्शी सत्यापन तंत्र के यह केवल चुनावी बयानबाजी बन सकती है। TMC की आंतरिक टूट BJP के लिए अवसर ज़रूर है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सत्ता-परिवर्तन के बाद बंगाल में संस्थागत सुधार हो रहे हैं या सिर्फ विपक्ष की जगह नई सत्ता का वर्चस्व स्थापित हो रहा है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुकांत मजूमदार ने 5,000 बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने 14 जून 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल से लगभग 5,000 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि यह आँकड़ा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में डिटेक्शन, डिलीशन और डिपोर्टेशन नीति क्या है?
यह BJP सरकार की तीन-चरणीय नीति है — पहले घुसपैठियों की पहचान (डिटेक्शन), फिर सरकारी दस्तावेजों से नाम हटाना (डिलीशन), और अंत में वापस भेजना (डिपोर्टेशन)। मजूमदार के अनुसार यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।
फर्जी हस्ताक्षर मामले में जांच कौन कर रही है?
सुकांत मजूमदार के अनुसार इस मामले में सीआईडी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि यह आरोप तृणमूल कांग्रेस के भीतर से भी उठे हैं और दोनों पक्षों की जांच की जाएगी।
मानस रंजन भुनिया ने तृणमूल कांग्रेस क्यों छोड़ी?
सुकांत मजूमदार के अनुसार पूर्व मंत्री मानस रंजन भुनिया पर कथित गुंडागर्दी का दबाव था और उन्हें एक समय खेतों से भागना पड़ा था। मजूमदार ने उनके पार्टी छोड़ने को प्रधानमंत्री मोदी के 'भरोसा इन, भय आउट' नारे का प्रभाव बताया।
अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ममता बनर्जी के अभिषेक बनर्जी पर अत्यधिक स्नेह ने तृणमूल कांग्रेस को कमज़ोर और विभाजित कर दिया है। उन्होंने कहा कि TMC के टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं और पार्टी की कोई स्पष्ट नीति या दर्शन नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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