केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने 'केशरी हत्या' नाटक में निभाया अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने अपनी राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच समय निकालकर रविवार, 2 नवंबर 2026 को 'केशरी हत्या' नामक नाटक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका निभाई। यह नाटक भारतीय जनसंघ (BJS) के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और मृत्यु पर आधारित है। मंत्री ने इसी नाटक में सूत्रधार (नैरेटर) की भूमिका भी एक साथ निभाई।
मंच पर कदम रखने की वजह
मजूमदार ने मीडिया को बताया कि उन्हें यह भूमिका ऑफर की गई थी और उन्होंने इसे सहर्ष स्वीकार किया। उनके शब्दों में, 'हर बंगाली के अंदर अभिनय करने की एक दबी हुई इच्छा होती है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके आधिकारिक कामकाज के बीच ही रिहर्सल होती थी और जब भी समय मिलता, वे उसमें शामिल हो जाते थे।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की समृद्ध नाट्य परंपरा एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में आई है। गौरतलब है कि सक्रिय केंद्रीय मंत्री के रूप में मंच पर अभिनय करना असाधारण माना जाता है, क्योंकि इसके लिए — विशेष रूप से रिहर्सल के लिए — पर्याप्त समय और प्रतिबद्धता आवश्यक होती है।
बंगाल की नाट्य-राजनीतिक परंपरा
लगभग पाँच दशकों से पश्चिम बंगाल की पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सौम्य बंदोपाध्याय ने कहा, 'अजीतदा और सुकांतबाबू के अलावा, मुझे पश्चिम बंगाल का कोई और केंद्रीय मंत्री याद नहीं आता जिसने किसी नाटक में अभिनय किया हो।' उन्होंने दिवंगत नेता सुब्रत मुखर्जी और वर्तमान मंत्री ब्रत्या बसु का उल्लेख किया, जिन्होंने मंच और सिनेमा — दोनों में अभिनय किया है, लेकिन वे केंद्रीय मंत्री नहीं रहे।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री अजीत पांजा ने 'नटी बिनोदिनी' नाटक में श्री रामकृष्ण परमहंस का किरदार निभाकर व्यापक प्रशंसा पाई थी — और यह दो दशक से भी पहले की बात है। मजूमदार की यह कोशिश उसी दुर्लभ परंपरा को आगे बढ़ाती है।
विशेषज्ञों की राय
बंदोपाध्याय की बात से सहमति जताते हुए वरिष्ठ पत्रकार गौतम होर ने कहा कि थिएटर के प्रति जुनून ही अन्य पेशों से जुड़े लोगों को शौकिया अभिनय की ओर खींच लाता है। उन्होंने कहा, 'थिएटर से प्यार करने वाला कोई भी व्यक्ति मंच पर अभिनय कर सकता है, लेकिन एक मंत्री के पद पर रहते हुए ऐसा करना वाकई खास बात है — इसके लिए काफी समय चाहिए होता है, खासकर रिहर्सल के लिए।'
नाटक की पृष्ठभूमि
'केशरी हत्या' नाटक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और उनकी विवादास्पद मृत्यु पर केंद्रित है, जो भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। नाटक में अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वाजपेयी स्वयं जनसंघ से जुड़े और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख नेता बने।
सुब्रत मुखर्जी और ब्रत्या बसु — बंगाल के अभिनेता-राजनेता
सुब्रत मुखर्जी (1946–2021) पश्चिम बंगाल की राजनीति में पाँच दशकों से अधिक सक्रिय रहे। वे पहले कांग्रेस और बाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता रहे तथा कोलकाता के मेयर भी बने। 57 वर्षीय ब्रत्या बसु मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं और उनकी अभिनय प्रतिभा पहले से ही सुपरिचित रही है। हालाँकि, दोनों में से कोई भी केंद्रीय मंत्री नहीं था — यही तथ्य मजूमदार की इस पहल को विशिष्ट बनाता है।
बंगाल की नाट्य परंपरा और राजनीति के इस अनूठे संगम ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि राज्य की सांस्कृतिक जड़ें कितनी गहरी हैं — और सत्ता के गलियारों में भी कला के लिए जगह बनाई जा सकती है।