21 जुलाई 2026
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पश्चिम बंगाल में बिजली चोरी रोकने के लिए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने लॉन्च किया 'विद्युत प्रहरी ऐप'

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पश्चिम बंगाल में बिजली चोरी रोकने के लिए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने लॉन्च किया 'विद्युत प्रहरी ऐप'

सारांश

पश्चिम बंगाल में बिजली चोरी रोकने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है — सीएम सुवेंदु अधिकारी ने 'विद्युत प्रहरी ऐप' लॉन्च कर नागरिकों को सीधी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार दिया। साथ ही कमर्शियल बकाया पर जीरो टॉलरेंस और भर्ती में पारदर्शिता का वादा — यह राज्य के बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव का संकेत है।

मुख्य बातें

सीएम सुवेंदु अधिकारी ने 21 जुलाई को कोलकाता के विद्युत भवन से ' विद्युत प्रहरी ऐप ' लॉन्च किया।
ऐप के ज़रिए नागरिक बिजली चोरी की शिकायतें तुरंत दर्ज करा सकेंगे और त्वरित समाधान का वादा किया गया है।
कमर्शियल प्रतिष्ठानों के बकाया बिजली बिलों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी; नोटिस भेजे जाएंगे।
बिजली विभाग की भर्ती प्रक्रिया अब पब्लिक सर्विस कमीशन के अधीन होगी।
घरेलू उपभोक्ताओं के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए गए।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 21 जुलाई को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित विद्युत भवन से 'विद्युत प्रहरी ऐप' का उद्घाटन किया, जो नागरिकों को बिजली चोरी की शिकायतें सीधे और तत्काल दर्ज कराने की सुविधा देगा। इसी अवसर पर उन्होंने बिजली विभाग में बड़े पैमाने पर पारदर्शी भर्ती अभियान की भी घोषणा की।

विद्युत प्रहरी ऐप क्या है और कैसे काम करेगा

राज्य सरकार द्वारा लॉन्च किया गया यह ऐप आम नागरिकों को बिजली चोरी की घटनाएँ रिपोर्ट करने का एक सीधा और तेज़ माध्यम देता है। अब तक कोलकाता के आसपास के जिलों और दूरदराज के गाँवों में बिजली चोरी की शिकायतें तो दर्ज होती थीं, लेकिन उनके समाधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था। इस ऐप के ज़रिए शिकायतों के त्वरित निपटारे का वादा किया गया है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा

उद्घाटन के दौरान अधिकारी ने स्पष्ट किया, 'आप ऐप के ज़रिए बिजली चोरी से जुड़ी सभी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इनका जल्द समाधान किया जाएगा। बिजली विभाग बहुत महत्वपूर्ण है। भविष्य में कई और काम भी किए जाएंगे।' उन्होंने दो-टूक कहा कि बिजली चोरी को शून्य तक लाना होगा और कमर्शियल बिल्डिंग्स के बकाया बिजली बिलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू होगी।

अधिकारी ने यह भी माना कि कई कमर्शियल प्रतिष्ठानों के मालिक राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों के करीबी हैं, जिसके कारण बकाया वसूली में ढिलाई बरती जाती रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नोटिस भेजे जाएँ और बकाया वसूला जाए, हालाँकि घरेलू उपभोक्ताओं के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की भी हिदायत दी।

भर्ती में पारदर्शिता की माँग

मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग में भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त अनियमितताओं पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'भर्ती का एक नियम होना चाहिए। अगर कोई मंत्री आकर किसी से कहता है कि मेरे लोगों को देखो, तो कोई उसे रोक नहीं सकता। लेकिन मैं नहीं चाहता कि भर्ती इस तरह हो। पढ़ाई पूरी करने के बाद हर किसी को सही तरीके से नौकरी मिलनी चाहिए।' उन्होंने घोषणा की कि अब बिजली विभाग की भर्ती का समस्त कार्य पब्लिक सर्विस कमीशन को सौंपा जाएगा।

आम जनता पर असर

यह ऐप विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है जहाँ बिजली चोरी सामान्य घटना बन चुकी है और ईमानदार उपभोक्ताओं पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ता है। गौरतलब है कि बिजली चोरी से राज्य के राजस्व को भारी नुकसान होता है, जो अंततः बुनियादी ढाँचे के विकास को प्रभावित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

राज्य सरकार के अनुसार, बकाया बिलों की वसूली के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी और पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से भर्ती का विस्तृत कार्यक्रम भी जल्द घोषित किया जाएगा। अधिकारी ने संकेत दिया कि बिजली विभाग में और भी सुधारों पर चर्चा जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है — पश्चिम बंगाल में बिजली चोरी की समस्या दशकों पुरानी है और केवल एक ऐप से इसे जड़ से नहीं उखाड़ा जा सकता। मुख्यमंत्री का यह स्वीकार करना कि राजनीतिक दबाव के कारण बकाया वसूली में ढिलाई होती रही है, व्यवस्थागत समस्या की गहराई को उजागर करता है। भर्ती को पब्लिक सर्विस कमीशन को सौंपना एक सुधारवादी कदम है, लेकिन यह देखना होगा कि क्या यह इरादा नीतिगत बदलाव में बदलता है या केवल घोषणा तक सीमित रहता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विद्युत प्रहरी ऐप क्या है और इसे कैसे इस्तेमाल करें?
विद्युत प्रहरी ऐप पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा लॉन्च किया गया एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके ज़रिए नागरिक बिजली चोरी की शिकायतें सीधे और तुरंत दर्ज करा सकते हैं। सीएम सुवेंदु अधिकारी ने वादा किया है कि इन शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में बिजली विभाग की भर्ती अब कैसे होगी?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की है कि बिजली विभाग की भर्ती का समस्त कार्य अब पब्लिक सर्विस कमीशन को सौंपा जाएगा। यह कदम भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और राजनीतिक हस्तक्षेप रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कमर्शियल बिल्डिंग्स के बकाया बिजली बिलों पर क्या कार्रवाई होगी?
सीएम अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कमर्शियल प्रतिष्ठानों के बकाया बिजली बिलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और नोटिस भेजकर वसूली की जाएगी। हालाँकि, घरेलू उपभोक्ताओं के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्युत प्रहरी ऐप का उद्घाटन कहाँ और कब हुआ?
इस ऐप का उद्घाटन 21 जुलाई को कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित विद्युत भवन से किया गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्वयं इसका लोकार्पण किया।
पश्चिम बंगाल में बिजली चोरी की समस्या कितनी गंभीर है?
कोलकाता के आसपास के जिलों और दूरदराज के गाँवों में बिजली चोरी अभी भी आम समस्या है। शिकायतें दर्ज होने के बावजूद समाधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा है, जिसे दूर करने के लिए राज्य सरकार ने यह तकनीकी पहल की है।
राष्ट्र प्रेस
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