तहसीन पूनावाला का इथेनॉल पॉलिसी पर बड़ा आरोप, 'टीम भारत' ने सीबीआई में दर्ज कराई शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने 21 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार की इथेनॉल पॉलिसी को 'घोटाला' करार देते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की। उनके संगठन 'टीम भारत' ने इस संबंध में सीबीआई में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पूनावाला का आरोप है कि इस नीति के कारण देश में चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं और आम जनता को सीधा नुकसान हो रहा है।
मुख्य आरोप और शिकायत का आधार
पूनावाला ने कहा, 'अभी-अभी 'टीम भारत' ने सीबीआई में चीनी घोटाले की जांच की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है; हमने यही अर्जी दी है। चीनी घोटाला देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक है और इसकी आड़ में इथेनॉल घोटाला भी बढ़ता जा रहा है।'
उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल डिस्टिलरी और चीनी मिलें कथित तौर पर राजनेताओं और उनके परिवारों द्वारा संचालित की जा रही हैं। उनके अनुसार, पीएसयू बैंकों से इन मिलों को 'लाखों करोड़ रुपए' के ऋण दिए गए हैं।
ई-20 नीति पर सवाल
पूनावाला ने ई-20 इथेनॉल पॉलिसी को समय से पहले लागू किए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इस नीति के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा अभी तैयार नहीं है, जबकि देश में अधिकांश वाहन इथेनॉल-10 मानक पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि ई-20 के जबरन इस्तेमाल से वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है।
चीनी आपूर्ति और आम जनता पर असर
पूनावाला के अनुसार, गन्ने को इथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़े जाने से देश में चीनी की कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि जो भारत पहले चीनी निर्यात से विदेशी मुद्रा कमाता था, आज उसे चीनी आयात करनी पड़ रही है। इसका सबसे ज्यादा असर त्योहारी सीजन में दिखता है, जब आम उपभोक्ताओं को बढ़े हुए दामों पर चीनी खरीदनी पड़ती है।
सीबीआई से मांग और अगला कदम
पूनावाला ने स्पष्ट किया कि यदि सीबीआई शिकायत दर्ज नहीं करती और एफआईआर नहीं होती, तो 'टीम भारत' न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने मांग की कि इस नीति के तहत कथित भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर गर्माने की संभावना है।