ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर जयपुर में तीनों सेनाओं का संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन, राजनाथ सिंह होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 7-8 मई को राजस्थान के जयपुर में आयोजित होने वाले तीनों सेनाओं — भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना — के संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सैन्य कमांडर्स मौजूदा परिचालन स्थिति की समीक्षा भी करेंगे।
सम्मेलन का मुख्य विषय और एजेंडा
यह कमांडर्स सम्मेलन 'नए क्षेत्रों में सैन्य क्षमता' विषय पर केंद्रित है। वरिष्ठ सैन्य अधिकारी आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भविष्य की रणनीतिक चुनौतियों पर गहन मंथन करेंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आज का युद्ध पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर तकनीक-आधारित और कहीं अधिक जटिल हो चुका है।
सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मानव रहित प्रणालियों (अनमैन्ड सिस्टम्स), तथा साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक युद्ध जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन नए आयामों में सैन्य क्षमता विकास, रणनीति निर्माण और भविष्य के लिए सुदृढ़ सैन्य बल तैयार करने की रूपरेखा तय की जाएगी।
आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण पर जोर
सम्मेलन के एजेंडे में रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके तहत नवाचार को बढ़ावा देने, घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करने और सिविल-मिलिट्री तालमेल को बेहतर बनाने पर विशेष ज़ोर रहेगा। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एक मजबूत रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य है।
सम्मेलन के दौरान रक्षा बलों द्वारा विकसित अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। साथ ही, भविष्य के युद्ध से जुड़े नए सिद्धांतों और परिचालन रणनीतियों से संबंधित दस्तावेज़ भी जारी किए जाएंगे।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर को भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और सैन्य क्षमता का प्रतीक माना जाता है, जिसमें सटीक और निर्णायक कार्रवाई देखने को मिली थी। इस सम्मेलन में सैन्य कमांडर्स ऑपरेशन के एक वर्ष बाद की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत जानकारी देंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी समग्र सैन्य रणनीति को नए खतरों के अनुरूप ढालने पर लगातार काम कर रहा है।
भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग
इसी बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार, 6 मई को नई दिल्ली में वियतनाम के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई गई। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं और हाल के घटनाक्रम द्विपक्षीय सहयोग में सकारात्मक प्रगति को दर्शाते हैं। उन्होंने भविष्य में इस रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की आशा भी व्यक्त की।
आगे क्या होगा
सम्मेलन के समापन पर जारी होने वाले दस्तावेज़ और तकनीकी प्रदर्शन भारत की भावी सैन्य रणनीति की दिशा तय करेंगे। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि AI और साइबर युद्ध के क्षेत्र में उठाए जाने वाले कदम आने वाले वर्षों में भारतीय सेना की परिचालन क्षमता को नई ऊँचाई दे सकते हैं।