राहुल गांधी की 'चाय पर चर्चा' पर तेलंगाना BJP का कटाक्ष: 'मोदी की नकल, खुद की पार्टी को भरोसा नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 7 नवंबर 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की 'चाय पर चर्चा' बैठक पर तीखा कटाक्ष किया। तेलंगाना BJP के अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रसिद्ध कार्यक्रम की नकल कर रहे हैं और उनकी अपनी पार्टी के नेता भी उनके दावों पर यकीन नहीं करते।
क्या है पूरा विवाद
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीते शुक्रवार को अपने आवास पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के वरिष्ठ नेताओं के साथ 'दीवाली मिलन' कार्यक्रम आयोजित किया। इस बैठक में कांग्रेस-शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, अनेक सांसद और राज्य इकाइयों के प्रमुख नेता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने बाद में स्पष्ट किया कि यह एक पारंपरिक दीवाली मिलन था, जिसमें कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था।
BJP का पलटवार: 'मोदी के कार्यक्रम की कॉपी'
रामचंद्र राव ने कहा, 'भले ही इस देश की जनता राहुल गांधी की बातों पर विश्वास नहीं कर रही है, फिर भी वे बार-बार बैठकें करके झूठा नैरेटिव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। अब वे अपने नेताओं को 'चाय पे चर्चा' के लिए बुला रहे हैं, जो नरेंद्र मोदी जी से कॉपी किया गया है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि 'चाय पे चर्चा' मूल रूप से प्रधानमंत्री मोदी का ही कार्यक्रम है।
राव ने यह भी कहा, 'इस तरह की बैठकों के ज़रिए झूठा नैरेटिव फैलाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।' यह बयान उन्होंने हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।
कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल
तेलंगाना BJP अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की अपनी पार्टी के नेता भी 'वोट चोरी' और अन्य आरोपों पर अब यकीन नहीं करते। उनके अनुसार, 'जनता अब सब समझ चुकी है।' राव ने गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, BJP अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और नेता नितिन नवीन का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता देशभर में जनता के बीच जा रहे हैं।
राव ने कहा, 'यही वजह है कि इस मुद्दे के बाद भी हर चुनाव में BJP जीत रही है।' यह बयान उन्होंने ऐसे समय में दिया है जब कांग्रेस अपनी संगठनात्मक बैठकों को दल-निर्माण की कवायद बता रही है।
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस नेताओं ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि यह महज एक दीवाली मिलन था और इसमें कोई राजनीतिक पहलू नहीं था। पार्टी के प्रवक्ताओं ने इसे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ एक साधारण मुलाकात बताया।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि 'चाय पे चर्चा' कार्यक्रम नरेंद्र मोदी ने 2014 के आम चुनाव प्रचार के दौरान शुरू किया था, जब उन्होंने टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया था। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष संसदीय सत्र से पहले अपनी रणनीति मज़बूत करने में जुटा है। आने वाले महीनों में दोनों दलों के बीच राजनीतिक तकरार और तेज़ होने के संकेत हैं।