10 अगस्त 2026
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तेलंगाना में 'वरुण यज्ञ': नागार्जुन सागर में पानी 145 TMC, पिछले साल था 310 TMC

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तेलंगाना में 'वरुण यज्ञ': नागार्जुन सागर में पानी 145 TMC, पिछले साल था 310 TMC

सारांश

तेलंगाना सरकार ने बारिश के लिए 'वरुण यज्ञ' का सहारा लिया — और कारण स्पष्ट है। नागार्जुन सागर में पानी 145 TMC है, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 310 TMC था। 108 ऋत्विक, 11 होम कुंड और मंत्रिमंडल की मौजूदगी — यज्ञ बड़ा था, लेकिन जलाशय अभी भी आधे खाली हैं।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार ने 10 अगस्त 2026 को राज्यभर में 'वरुण यज्ञ' आयोजित किया, जिसमें 108 ऋत्विक और 11 होम कुंड शामिल थे।
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने नागार्जुन सागर बांध के किनारे यज्ञ में भाग लिया; मुख्यमंत्री ए.
रेवंत रेड्डी 'पूर्णाहुति' में शामिल होने वाले थे।
नागार्जुन सागर में वर्तमान जलस्तर 518 फीट और भंडारण 145.65 टीएमसी — अधिकतम क्षमता 312.045 टीएमसी का लगभग आधा।
पिछले वर्ष 9 अगस्त को इसी जलाशय में 310.25 टीएमसी पानी था और जलस्तर 589.40 फीट था।
दक्षिण-पश्चिम मानसून में बारिश की कमी घटकर 5 प्रतिशत हुई, लेकिन कृष्णा और गोदावरी बेसिन में अपेक्षित जलप्रवाह अभी नहीं आया।

तेलंगाना सरकार ने 10 अगस्त 2026 को राज्यभर में अच्छी बारिश और जलाशयों में पर्याप्त जलभराव के लिए 'वरुण यज्ञ' का आयोजन किया। यदागिरिगुट्टा स्थित श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के पुजारियों और वैदिक विद्वानों ने इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए शुभ तिथि और समय निर्धारित किया था। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब राज्य के प्रमुख जलाशय नागार्जुन सागर में जलस्तर पिछले वर्ष की तुलना में आधे से भी कम है।

अनुष्ठान का स्वरूप और प्रतिभागी

इस 'वरुण यज्ञ' में 108 ऋत्विक और 11 होम कुंड शामिल किए गए। सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और उनकी पत्नी ने नलगोंडा जिले में कृष्णा नदी पर स्थित नागार्जुन सागर बांध के किनारे सोमवार सुबह यज्ञ में भाग लिया।

मंत्री कोंडा सुरेखा, कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी समेत अन्य मंत्री, सांसद, एमएलसी और विधायक भी इन अनुष्ठानों में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 'पूर्णाहुति' (समापन अनुष्ठान) समारोह में भाग लेने वाले थे।

सरकार की मंशा और प्रार्थना

सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि यह यज्ञ राज्य और देश के लोगों की सर्वांगीण भलाई, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि कृष्णा और गोदावरी नदियों के पर्याप्त प्रवाह के लिए भी प्रार्थना की गई, ताकि नागार्जुन सागर सहित राज्यभर के सभी जलाशय और तालाब भर सकें।

मंत्री ने यह भी कहा कि तेलंगाना को 'अल नीनो' के प्रतिकूल प्रभाव से मुक्त रखने की भी कामना की गई है।

जलाशयों की वर्तमान स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, नागार्जुन सागर में इस समय 145.65 टीएमसी पानी है, जबकि इसकी कुल भंडारण क्षमता 312.045 टीएमसी है। जलाशय का वर्तमान जलस्तर लगभग 518 फीट है, जबकि अधिकतम जलस्तर 590 फीट है।

तुलनात्मक रूप से, पिछले वर्ष 9 अगस्त को इसी जलाशय में 310.25 टीएमसी पानी था और जलस्तर 589.40 फीट था — यानी लगभग अधिकतम क्षमता के बराबर। यह अंतर स्पष्ट करता है कि इस मानसून सीजन में राज्य के प्रमुख जलस्रोत अभी भी दबाव में हैं।

मानसून की स्थिति

जुलाई के दूसरे पखवाड़े और अगस्त की शुरुआत में हुई वर्षा ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बारिश की कमी को घटाकर 5 प्रतिशत तक ला दिया है। हालांकि, कृष्णा और गोदावरी नदी बेसिन के जलाशयों में अपेक्षित जलप्रवाह अभी तक नहीं आया है।

गौरतलब है कि राज्य की सिंचाई व्यवस्था इन्हीं दो नदी प्रणालियों पर निर्भर है, और इनमें पर्याप्त प्रवाह के बिना खरीफ फसलों पर संकट गहरा सकता है। आने वाले हफ्तों में मानसून की चाल यह तय करेगी कि तेलंगाना के किसानों और जल प्रबंधन पर दबाव बढ़ता है या कम होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे छिपा जल संकट कहीं अधिक गंभीर है — नागार्जुन सागर में पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम पानी है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार धार्मिक आयोजन के साथ-साथ जल प्रबंधन और सिंचाई अवसंरचना पर उतनी ही ऊर्जा लगा रही है। 'अल नीनो' का खतरा और कृष्णा-गोदावरी बेसिन में कमज़ोर प्रवाह खरीफ फसलों के लिए संकेत अच्छे नहीं हैं, और इस पर ठोस नीतिगत जवाब की दरकार है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में 'वरुण यज्ञ' क्या है और इसे क्यों आयोजित किया गया?
'वरुण यज्ञ' एक वैदिक अनुष्ठान है जो वर्षा देवता वरुण की कृपा के लिए किया जाता है। तेलंगाना सरकार ने 10 अगस्त 2026 को राज्य में अच्छी बारिश, नदियों में पर्याप्त प्रवाह और जलाशयों में जलभराव सुनिश्चित करने की प्रार्थना के लिए यह यज्ञ आयोजित किया।
नागार्जुन सागर में अभी कितना पानी है और पिछले साल से कितना कम है?
अधिकारियों के अनुसार, नागार्जुन सागर में इस समय 145.65 टीएमसी पानी है और जलस्तर लगभग 518 फीट है। पिछले साल 9 अगस्त को यहाँ 310.25 टीएमसी पानी था और जलस्तर 589.40 फीट था — यानी इस साल भंडारण पिछले साल के आधे से भी कम है।
तेलंगाना में मानसून 2026 की स्थिति कैसी है?
जुलाई के दूसरे पखवाड़े और अगस्त की शुरुआत में हुई बारिश के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून में कमी घटकर 5 प्रतिशत रह गई है। हालांकि कृष्णा और गोदावरी नदी बेसिन के जलाशयों में अभी भी पर्याप्त जलप्रवाह नहीं आया है।
वरुण यज्ञ में कौन-कौन से वरिष्ठ नेता शामिल हुए?
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और उनकी पत्नी नागार्जुन सागर बांध के किनारे यज्ञ में शामिल हुए। मंत्री कोंडा सुरेखा, कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, सांसद, एमएलसी और विधायक भी उपस्थित रहे, जबकि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी 'पूर्णाहुति' समारोह में शामिल होने वाले थे।
'अल नीनो' का तेलंगाना के जलाशयों पर क्या असर पड़ रहा है?
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना को 'अल नीनो' के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के लिए भी प्रार्थना की गई। 'अल नीनो' की स्थिति मानसून को कमज़ोर कर सकती है, जिसका सीधा असर नदियों के प्रवाह और जलाशयों के भंडारण पर पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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