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तेलंगाना में वरुण यज्ञ: 10 अगस्त को नागार्जुन सागर के किनारे होगा अनुष्ठान, CM रेवंत रेड्डी होंगे शामिल

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तेलंगाना में वरुण यज्ञ: 10 अगस्त को नागार्जुन सागर के किनारे होगा अनुष्ठान, CM रेवंत रेड्डी होंगे शामिल

सारांश

तेलंगाना सरकार 10 अगस्त को नागार्जुन सागर के किनारे 'वरुण यज्ञ' करा रही है — 108 ऋत्विक, 11 होम कुंड और CM रेवंत रेड्डी की मौजूदगी के साथ। यह ऐसे समय में है जब राज्य में मानसून की कमी 61% से घटकर 5% पर आ चुकी है।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार 10 अगस्त को नागार्जुन सागर बांध के किनारे 'वरुण यज्ञ' आयोजित करेगी।
यज्ञ में 108 ऋत्विक और 11 होम कुंड शामिल होंगे; अनुष्ठान यदागिरिगुट्टा मंदिर के पुजारी संपन्न कराएंगे।
रेवंत रेड्डी दोपहर 3:24 बजे 'पूर्णाहुति' समारोह में भाग लेंगे।
राज्य में मानसून की कमी 16 जुलाई को 61% थी, जो अब घटकर 5% रह गई है।
1 जून से 31 जुलाई के बीच 339.6 मिमी बारिश दर्ज, सामान्य 357.9 मिमी के मुकाबले।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य में अच्छी बारिश, नदियों में जलस्तर की बहाली और किसानों की समृद्धि के लिए 10 अगस्त को 'वरुण यज्ञ' आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह धार्मिक अनुष्ठान कृष्णा नदी पर स्थित नागार्जुन सागर बांध के किनारे विजय विहार परिसर में संपन्न होगा।

अनुष्ठान की तैयारियाँ

मुख्यमंत्री के निर्देश पर यदागिरिगुट्टा श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी देवस्थानम के पुजारियों और वैदिक विद्वानों ने 10 अगस्त को इस यज्ञ के लिए शुभ मुहूर्त तय किया। एंडोमेंट्स डिपार्टमेंट की देखरेख में यह पूरा आयोजन संपन्न कराया जाएगा।

इस यज्ञ में 108 ऋत्विक (यजमान), 11 होम कुंड और वैदिक विद्वानों एवं पुजारियों की एक बड़ी टीम भाग लेगी। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी स्वयं दोपहर 3:24 बजे होने वाले 'पूर्णाहुति' (समापन अनुष्ठान) समारोह में उपस्थित रहेंगे।

सरकार के उद्देश्य

सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए बताया कि यह यज्ञ राज्य और देश के लोगों की सर्वांगीण भलाई, भरपूर बारिश, कृष्णा और गोदावरी नदियों में प्रवाह की बहाली, नागार्जुन सागर जलाशय सहित राज्य के सभी जलाशयों व तालाबों के भरने और तेलंगाना को अल-नीनो के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रकृति की कृपा, किसान समुदाय की भलाई, पशुपालन की उन्नति और राज्य की समग्र समृद्धि के लिए यह 'वरुण यागम' अत्यंत आवश्यक है।

मानसून की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति में हाल के हफ्तों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 16 जुलाई तक राज्य में बारिश की कमी 61 प्रतिशत तक पहुँच गई थी, लेकिन महीने के दूसरे पखवाड़े में हुई अच्छी बारिश ने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया।

तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी के आँकड़ों के अनुसार, जुलाई में राज्य में 224.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 227.6 मिमी है — यानी केवल 1 प्रतिशत की मामूली कमी। 1 जून से 31 जुलाई के बीच कुल 339.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य आँकड़ा 357.9 मिमी है, और कुल कमी घटकर अब 5 प्रतिशत रह गई है।

आम जनता और किसानों पर असर

तेलंगाना की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्त्वपूर्ण भूमिका है और कृष्णागोदावरी नदियाँ सिंचाई का प्रमुख स्रोत हैं। जलाशयों का जलस्तर खरीफ फसल की सफलता के लिए निर्णायक माना जाता है। यह यज्ञ किसानों में आशा जगाने और राज्य सरकार की कृषि-हितैषी छवि को मजबूत करने के दोहरे उद्देश्य से देखा जा रहा है।

आगे क्या

10 अगस्त को होने वाले इस अनुष्ठान के बाद राज्य सरकार मानसून की प्रगति पर नज़र बनाए रखेगी। यदि जलाशयों का भराव संतोषजनक नहीं रहा, तो सरकार अतिरिक्त सिंचाई उपायों पर विचार कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कदम तब उठाया गया है जब तेलंगाना में मानसून की कमी पहले ही 61% से घटकर 5% पर आ चुकी है — यानी संकट काफी हद तक टल चुका है। सवाल यह है कि क्या यह आयोजन वाकई किसानों की चिंता को संबोधित करता है, या यह कृषि संकट के बीच सरकार की राजनीतिक छवि-निर्माण का हिस्सा है। अल-नीनो के खतरे को देखते हुए दीर्घकालिक जल-प्रबंधन और जलाशय संरक्षण की नीतियाँ ज़्यादा ज़रूरी हैं — जिन पर ध्यान इस घोषणा में नहीं दिखता।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में वरुण यज्ञ क्या है और यह कब होगा?
वरुण यज्ञ एक वैदिक अनुष्ठान है जो वर्षा के देवता वरुण को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। तेलंगाना सरकार यह यज्ञ 10 अगस्त को नागार्जुन सागर बांध के किनारे विजय विहार परिसर में आयोजित करेगी।
वरुण यज्ञ में कौन भाग लेगा?
यदागिरिगुट्टा मंदिर के 108 ऋत्विक और वैदिक विद्वान 11 होम कुंडों के साथ यह अनुष्ठान संपन्न करेंगे। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी दोपहर 3:24 बजे 'पूर्णाहुति' समारोह में स्वयं उपस्थित रहेंगे।
तेलंगाना में मानसून की मौजूदा स्थिति क्या है?
तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी के अनुसार 1 जून से 31 जुलाई के बीच 339.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य 357.9 मिमी है। 16 जुलाई को 61% की भारी कमी थी, जो अब घटकर 5% रह गई है।
सरकार ने वरुण यज्ञ क्यों कराने का फैसला किया?
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी के अनुसार यह यज्ञ कृष्णा और गोदावरी नदियों में जलप्रवाह की बहाली, नागार्जुन सागर सहित सभी जलाशयों के भरने, किसानों की भलाई और तेलंगाना को अल-नीनो के असर से बचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
वरुण यज्ञ की देखरेख कौन करेगा?
यह अनुष्ठान एंडोमेंट्स डिपार्टमेंट की देखरेख में संपन्न होगा। यदागिरिगुट्टा श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी देवस्थानम के पुजारियों और वैदिक विद्वानों ने 10 अगस्त की शुभ तिथि तय की है।
राष्ट्र प्रेस
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