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टीईटी घोटाला 2018-19 में फडणवीस कार्यकाल में हुआ, सीएम गलत बयान दे रहे हैं: सुषमा अंधारे

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टीईटी घोटाला 2018-19 में फडणवीस कार्यकाल में हुआ, सीएम गलत बयान दे रहे हैं: सुषमा अंधारे

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) की सुषमा अंधारे ने सीएम फडणवीस के टीईटी बयान को सीधे चुनौती दी — घोटाला 2018-19 में उन्हीं के कार्यकाल में हुआ था। साथ ही छात्र आंदोलन, लाठीचार्ज और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर भी तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

सुषमा अंधारे ने दावा किया कि टीईटी घोटाला 2018-19 में हुआ, जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री और विनोद तावड़े शिक्षा मंत्री थे।
जीए शॉफ्टवेयर कंपनी को ठेका विनोद तावड़े के कार्यकाल में दिया गया था — यह अंधारे का आरोप।
इस मामले में जेल जा चुके अभिषेक सावरीकर को बाद में BJP में शामिल किया गया।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त, लेकिन अंधारे ने कहा — आंदोलन जारी रहेगा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँग बरकरार।
अंधारे ने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज में बिना वर्दी-नेमप्लेट वाले लोगों ने छात्रों पर हमला किया।
PM मोदी के 24 दिन बाद आए वीडियो संदेश पर सवाल — 'देर से आई प्रतिक्रिया राजनीतिक दबाव का संकेत।'

शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने 24 जुलाई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के टीईटी घोटाले संबंधी बयान को तथ्यहीन करार देते हुए पलटवार किया। अंधारे ने स्पष्ट किया कि यह घोटाला 2018-19 में हुआ था, जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री और विनोद तावड़े शिक्षा मंत्री थे — न कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान।

मुख्य आरोप: घोटाले की समयरेखा

अंधारे के अनुसार, मुख्यमंत्री फडणवीस ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि सबसे बड़ा टीईटी घोटाला उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में हुआ। अंधारे ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे सरकार ने सत्ता में आने के बाद पूरे मामले की जाँच कराई और घोटाले का पर्दाफाश करने का प्रयास किया। उस दौरान अधिकारियों को निष्पक्ष जाँच की पूरी स्वतंत्रता दी गई थी।

ठेका और आरोपियों पर सवाल

अंधारे ने दावा किया कि जीए शॉफ्टवेयर कंपनी को दिया गया ठेका तत्कालीन शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े के कार्यकाल में दिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में जेल जा चुके अभिषेक सावरीकर को बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल किया गया। इसके अलावा, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुशील खोडवेकर को सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

सोनम वांगचुक और छात्र आंदोलन

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर अंधारे ने कहा कि उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए यह सही कदम है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र अब भी इस आंदोलन से जुड़े हैं और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते। अभिजीत दीपके समेत आंदोलनरत छात्रों के साथ शिवसेना (यूबीटी) के खड़े रहने की बात उन्होंने दोहराई।

लाठीचार्ज और 'नकली पुलिसकर्मियों' का आरोप

प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर अंधारे ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ में ऐसे लोग मौजूद थे जिनके पास पुलिस की वर्दी, नेमप्लेट या निर्धारित पहचान नहीं थी, फिर भी वे छात्रों पर डंडों से हमला कर रहे थे। अंधारे ने कहा कि सरकार ने छात्रों पर कार्रवाई के लिए बाहरी लोगों का इस्तेमाल किया।

PM के वीडियो संदेश और BJP के आरोपों पर पलटवार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरुवार देर रात जारी वीडियो संदेश पर अंधारे ने सवाल उठाया कि यदि सरकार को यही बात कहनी थी तो 24 दिन का इंतजार क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से मामला नहीं सुलझेगा — माँग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। BJP के इस आरोप पर कि प्रदर्शन में छात्र नहीं बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ता हैं, अंधारे ने पूछा कि यदि ऐसा है तो गृह विभाग और दिल्ली पुलिस उनकी पहचान क्यों नहीं कर पा रहे — यह सरकार की विफलता को उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीईटी घोटाला कब और किसके कार्यकाल में हुआ?
शिवसेना (यूबीटी) की सुषमा अंधारे के अनुसार, टीईटी घोटाला 2018-19 में हुआ, जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री और विनोद तावड़े शिक्षा मंत्री थे। उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस मामले की जाँच कराई थी।
जीए शॉफ्टवेयर कंपनी का टीईटी घोटाले से क्या संबंध है?
अंधारे का आरोप है कि जीए शॉफ्टवेयर कंपनी को ठेका तत्कालीन शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े के कार्यकाल में दिया गया था। इस ठेके को घोटाले की जड़ बताया जा रहा है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म होने के बाद भी आंदोलन क्यों जारी है?
अंधारे ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल स्वास्थ्य कारणों से समाप्त हुई, लेकिन आंदोलन की मुख्य माँग — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा — अभी भी बरकरार है। देशभर के छात्र इस माँग से जुड़े हुए हैं।
छात्रों पर लाठीचार्ज में 'नकली पुलिसकर्मियों' का आरोप क्या है?
अंधारे ने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज के दौरान भीड़ में ऐसे लोग थे जिनके पास वर्दी, नेमप्लेट या पहचान नहीं थी, फिर भी वे छात्रों पर डंडों से हमला कर रहे थे। उनका दावा है कि सरकार ने बाहरी लोगों का इस्तेमाल किया।
PM मोदी के वीडियो संदेश पर शिवसेना (यूबीटी) का क्या रुख है?
अंधारे ने सवाल उठाया कि यदि सरकार को यही बात कहनी थी तो 24 दिन का इंतजार क्यों किया गया। उनका कहना है कि केवल बयान देने से मामला नहीं सुलझेगा और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही एकमात्र स्वीकार्य कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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