तिरुपति एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज 2026 सफलतापूर्वक संपन्न
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने 3 सितंबर 2026 को तिरुपति एयरपोर्ट पर वार्षिक एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज (एएचएमई 2026) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस अभ्यास में हाइजैक किए गए विमान की आपात लैंडिंग जैसी स्थिति का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अनुकरण किया गया। सीआईएसएफ ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर इस अभ्यास की जानकारी साझा की।
मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य
यह अभ्यास तिरुपति एयरपोर्ट पर निर्धारित आपातकालीन और एंटी-हाइजैकिंग एक्सरसाइज योजना के तहत आयोजित किया गया। इसका प्राथमिक लक्ष्य वास्तविक संकट की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की परिचालन तैयारी का आकलन करना था। साथ ही सुरक्षा से जुड़े नए और उभरते खतरों का प्रभावी ढंग से सामना करने की क्षमता को परखना भी इस अभ्यास का अहम हिस्सा था।
भाग लेने वाली एजेंसियाँ
इस बहु-एजेंसी अभ्यास में सीआईएसएफ, राज्य पुलिस, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), संबंधित एयरलाइंस, फायर सर्विस, बीडीडीएस, मेडिकल टीम और अन्य सहयोगी एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी की। एरोड्रोम कमेटी ने अभ्यास के समापन पर निष्कर्ष निकाला कि निर्धारित सभी उद्देश्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिए गए।
दिल्ली में भी हुई थी संयुक्त मॉक एक्सरसाइज
गौरतलब है कि इससे महज दो दिन पहले, 1 सितंबर 2026 को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई एयरपोर्ट), नई दिल्ली के टर्मिनल-2 के निकट पुराने एटीसी भवन पर भी आतंकवाद-रोधी संयुक्त मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई थी। उस अभ्यास में सीआईएसएफ, दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), डीएफएस, बीसीएएस, डीजीसीए, एआरएफएफ, आरएक्सए, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) और अन्य संबंधित एजेंसियाँ शामिल हुई थीं।
अभ्यास से क्या हासिल हुआ
सीआईएसएफ के अनुसार, इस अभ्यास से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, संकट के समय त्वरित कार्रवाई और प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र को और सुदृढ़ किया गया। वास्तविक समय में संसाधन जुटाने की क्षमता का भी परीक्षण किया गया। इस प्रकार के नियमित अभ्यास भारत के प्रमुख हवाई अड्डों पर सुरक्षा ढाँचे को चाक-चौबंद रखने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
यह अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब देश भर के हवाई अड्डों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा करने पर जोर दिया जा रहा है। आगामी महीनों में अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी इसी तरह के अभ्यास आयोजित किए जाने की संभावना है।