इंदौर एयरपोर्ट पर CISF की एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल, 242 प्रतिभागियों ने परखी विमानन सुरक्षा तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने 18 जून 2026 को इंदौर एयरपोर्ट पर वार्षिक एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज और मोबिलाइजेशन ड्रिल का आयोजन किया, जिसमें 242 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास का मकसद विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी समन्वय को कसौटी पर परखना था।
मॉक ड्रिल का स्वरूप और उद्देश्य
अभ्यास के दौरान एक काल्पनिक हाइजैकिंग परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें किसी विमान के अपहरण की स्थिति का अनुकरण किया गया। इसके ज़रिये सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली, कमान-नियंत्रण ढाँचे और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय तंत्र की प्रभावशीलता को आँका गया। CISF के अनुसार, इस तरह के संयुक्त अभ्यास बदलती विमानन सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र सभी हितधारकों की तैयारियों को और पुख्ता करते हैं।
किन एजेंसियों ने लिया हिस्सा
इस संयुक्त अभ्यास में CISF, स्थानीय पुलिस, सीमा सुरक्षा बल (BSF), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), एयरपोर्ट ऑपरेटर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC), फायर सर्विसेज और विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधि शामिल रहे। सभी एजेंसियों ने समन्वित तरीके से कार्रवाई करते हुए आपात प्रबंधन क्षमता का प्रदर्शन किया।
सफदरजंग एयरपोर्ट की ज़िम्मेदारी भी CISF को
गौरतलब है कि 17 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित सफदरजंग एयरपोर्ट की सुरक्षा जिम्मेदारी भी CISF ने औपचारिक रूप से संभाल ली। आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी पैटर्न (ISDP) के तहत सौंपी गई इस जिम्मेदारी के साथ सफदरजंग एयरपोर्ट CISF की सुरक्षा छतरी के अंतर्गत आने वाला देश का 73वाँ हवाई अड्डा बन गया है।
CISF की विस्तृत होती भूमिका
CISF देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा में लगातार अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। बल ने कहा है कि वह उच्चतम सुरक्षा मानकों, सतर्कता, पेशेवर दक्षता और समर्पण के साथ विमानन क्षेत्र सहित सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करता रहेगा। यह अभ्यास ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर विमानन सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है।