3 अगस्त 2026
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इंदौर एयरपोर्ट पर CISF की एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल, 242 प्रतिभागियों ने परखी विमानन सुरक्षा तैयारी

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इंदौर एयरपोर्ट पर CISF की एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल, 242 प्रतिभागियों ने परखी विमानन सुरक्षा तैयारी

सारांश

इंदौर एयरपोर्ट पर CISF ने 18 जून को वार्षिक एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल में 242 प्रतिभागियों के साथ 9 एजेंसियों की समन्वय क्षमता परखी — ठीक एक दिन बाद जब सफदरजंग एयरपोर्ट देश का 73वाँ CISF-सुरक्षित हवाई अड्डा बना।

मुख्य बातें

CISF ने 18 जून 2026 को इंदौर एयरपोर्ट पर वार्षिक एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज और मोबिलाइजेशन ड्रिल आयोजित की।
अभ्यास में 242 प्रतिभागी शामिल रहे, जिनमें CISF, BSF, NSG, BCAS, IB, ATC, फायर सर्विसेज और एयरलाइंस प्रतिनिधि थे।
एक काल्पनिक हाइजैकिंग परिदृश्य में सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया प्रणाली और अंतर-एजेंसी समन्वय को परखा गया।
17 जून 2026 को सफदरजंग एयरपोर्ट CISF सुरक्षा कवरेज के तहत देश का 73वाँ हवाई अड्डा बना।
सफदरजंग की जिम्मेदारी आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी पैटर्न (ISDP) के तहत CISF को सौंपी गई।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने 18 जून 2026 को इंदौर एयरपोर्ट पर वार्षिक एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज और मोबिलाइजेशन ड्रिल का आयोजन किया, जिसमें 242 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास का मकसद विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी समन्वय को कसौटी पर परखना था।

मॉक ड्रिल का स्वरूप और उद्देश्य

अभ्यास के दौरान एक काल्पनिक हाइजैकिंग परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें किसी विमान के अपहरण की स्थिति का अनुकरण किया गया। इसके ज़रिये सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली, कमान-नियंत्रण ढाँचे और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय तंत्र की प्रभावशीलता को आँका गया। CISF के अनुसार, इस तरह के संयुक्त अभ्यास बदलती विमानन सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र सभी हितधारकों की तैयारियों को और पुख्ता करते हैं।

किन एजेंसियों ने लिया हिस्सा

इस संयुक्त अभ्यास में CISF, स्थानीय पुलिस, सीमा सुरक्षा बल (BSF), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), एयरपोर्ट ऑपरेटर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC), फायर सर्विसेज और विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधि शामिल रहे। सभी एजेंसियों ने समन्वित तरीके से कार्रवाई करते हुए आपात प्रबंधन क्षमता का प्रदर्शन किया।

सफदरजंग एयरपोर्ट की ज़िम्मेदारी भी CISF को

गौरतलब है कि 17 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित सफदरजंग एयरपोर्ट की सुरक्षा जिम्मेदारी भी CISF ने औपचारिक रूप से संभाल ली। आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी पैटर्न (ISDP) के तहत सौंपी गई इस जिम्मेदारी के साथ सफदरजंग एयरपोर्ट CISF की सुरक्षा छतरी के अंतर्गत आने वाला देश का 73वाँ हवाई अड्डा बन गया है।

CISF की विस्तृत होती भूमिका

CISF देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा में लगातार अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। बल ने कहा है कि वह उच्चतम सुरक्षा मानकों, सतर्कता, पेशेवर दक्षता और समर्पण के साथ विमानन क्षेत्र सहित सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करता रहेगा। यह अभ्यास ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर विमानन सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वागतयोग्य है। लेकिन सवाल यह है कि इन अभ्यासों के निष्कर्ष सार्वजनिक होते हैं या नहीं — कमियाँ मिलीं तो क्या सुधार हुआ, इसकी जवाबदेही की कोई पारदर्शी प्रणाली नहीं दिखती। 73 हवाई अड्डों की सुरक्षा के साथ CISF पर कार्यभार भी बढ़ रहा है; केवल संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रत्येक अड्डे पर पर्याप्त जनशक्ति और उपकरण सुनिश्चित करना भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर एयरपोर्ट पर CISF की एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल क्या थी?
यह 18 जून 2026 को इंदौर एयरपोर्ट पर आयोजित एक वार्षिक सुरक्षा अभ्यास था, जिसमें विमान अपहरण की काल्पनिक स्थिति बनाकर 242 प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया क्षमता और अंतर-एजेंसी समन्वय को परखा गया। इसमें CISF, NSG, BSF, BCAS समेत नौ एजेंसियाँ शामिल थीं।
इस मॉक ड्रिल में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
अभ्यास में CISF, स्थानीय पुलिस, BSF, NSG, BCAS, IB, एयरपोर्ट ऑपरेटर, ATC, फायर सर्विसेज और विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधि — कुल 242 प्रतिभागी शामिल रहे। सभी ने समन्वित तरीके से आपात स्थिति से निपटने का प्रदर्शन किया।
सफदरजंग एयरपोर्ट को CISF की सुरक्षा में कब शामिल किया गया?
17 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित सफदरजंग एयरपोर्ट की सुरक्षा जिम्मेदारी CISF ने औपचारिक रूप से संभाली। इसके साथ यह CISF सुरक्षा कवरेज के तहत देश का 73वाँ हवाई अड्डा बन गया।
CISF एंटी-हाइजैकिंग ड्रिल क्यों आयोजित करती है?
इस तरह के अभ्यास सुरक्षा एजेंसियों की परिचालन तैयारियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को जाँचने के लिए किए जाते हैं। CISF के अनुसार ये अभ्यास बदलती विमानन सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने की तैयारियों को मजबूत बनाते हैं।
CISF अभी देश के कितने हवाई अड्डों की सुरक्षा करती है?
सफदरजंग एयरपोर्ट को शामिल करने के बाद CISF अब देश के 73 हवाई अड्डों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रही है। सफदरजंग को ISDP के तहत CISF को सौंपा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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