राहुल गांधी बहस में बोलकर भाग जाते हैं, जवाब नहीं सुनते: भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता टीआर श्रीनिवास ने 6 नवंबर 2026 को हैदराबाद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि भाजपा हर विषय पर संसदीय बहस के लिए तैयार है, लेकिन राहुल गांधी अपनी बात कहने के बाद सदन छोड़ देते हैं और विपक्ष का जवाब सुनने की ज़हमत नहीं उठाते। श्रीनिवास ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें थरूर ने संसद के मानसून सत्र को फिर से बुलाने की संभावना का समर्थन किया था।
राहुल गांधी पर बहस छोड़ने का आरोप
टीआर श्रीनिवास ने कहा, 'डॉ. शशि थरूर ने कहा है कि संसद का मानसून सत्र पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है — वह सही हैं। संविधान में प्रावधान है कि मानसून सत्र फिर से बुलाया जा सकता है। राहुल गांधी बहस चाहते हैं — हमने कब मना किया? हम हमेशा चाहते थे कि वह बहस करें और हमारी बात सुनें। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है और रिकॉर्ड भी यही बताते हैं कि जब भी वह बोलकर समाप्त करते हैं, चले जाते हैं।' उन्होंने थरूर से आग्रह किया कि वह राहुल गांधी को 'इटली और दूसरी जगहों' पर जाने के बजाय संसद में रहकर जवाब सुनने की सलाह दें।
श्रीनिवास ने कहा कि भाजपा बोफोर्स घोटाले से लेकर वॉरेन एंडरसन प्रकरण तक, हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है।
दिग्विजय सिंह और सनातन धर्म पर प्रहार
भाजपा नेता ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को सनातन धर्म पर 'प्रमाणपत्र' देने की नसीहत देने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'दिग्विजय सिंह, हमें आपके प्रमाणपत्र की ज़रूरत नहीं है। जिस पार्टी ने 2008 में यूपीए कार्यकाल में राम को 'काल्पनिक' बताया, वही अब सनातन धर्म की परिभाषा दे रही है।' श्रीनिवास ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावों के हिसाब से राहुल गांधी की धार्मिक पहचान बदलती रहती है।
झारखंड मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा नेता ने झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी के उस कथित बयान को लेकर कड़ी निंदा की जिसमें — उनके अनुसार — अंसारी ने कहा था कि 'राहुल गांधी ने 40 लाख युवाओं को रोक दिया, वरना यहाँ भी वही हो गया होता जो बांग्लादेश में हुआ।' श्रीनिवास ने इस बयान को 'आईएसआईएस जैसा' करार दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब माँगा। उन्होंने कहा, 'संविधान की शपथ लेने के बाद ऐसी बात कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। क्या आप भारत को टुकड़ों में बाँटना चाहते हैं?'
गौरतलब है कि इरफान अंसारी झारखंड सरकार में मंत्री हैं और उनका यह कथित बयान राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।
केरल में 'जंतर-मंतर' पर चेतावनी
श्रीनिवास ने केरल के मुख्यमंत्री को भी आगाह किया कि कोच्चि में प्रस्तावित एक प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई अराजकता होती है तो इसके लिए भाजपा-नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को दोष न दिया जाए।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह बयान ऐसे समय में आया है जब झारखंड में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हैं और संसद के अगले सत्र को लेकर विभिन्न दलों के बीच रणनीतिक बयानबाज़ी जारी है। भाजपा का यह हमला स्पष्ट संकेत देता है कि पार्टी संसद में बहस के मुद्दे को आक्रामक रूप से उठाती रहेगी। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।