त्रिपुरा के सभी 8 जिला सभाधिपति कार्यालय मई अंत तक सौर ऊर्जा से होंगे संचालित: ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाथ
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाथ ने शुक्रवार, 15 मई को घोषणा की कि राज्य के सभी आठ जिला सभाधिपति कार्यालय इस महीने के अंत तक सौर ऊर्जा से पूरी तरह संचालित होने लगेंगे। यह घोषणा अगरतला में आयोजित त्रिपुरा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (TREDA) की 29वीं शासी निकाय बैठक के बाद की गई।
बैठक में क्या हुआ
मंत्री नाथ ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सभी आठों जिला सभाधिपति, ऊर्जा विभाग के सचिव और TREDA के निदेशक उपस्थित रहे। बैठक में पिछली बैठक के निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी चरण की कार्ययोजना तैयार की गई। मंत्री ने कहा कि विद्युत क्षेत्र और नवीकरणीय ऊर्जा पहलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री की 'मन की बात' में त्रिपुरा की सराहना
नाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में TREDA और त्रिपुरा की सौर ऊर्जा पहलों की सफलता का विशेष उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने राज्य के रियांग आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सौर माइक्रोग्रिड प्रणालियों के माध्यम से बिजली पहुँचाने के कार्य की सराहना की। यह उन दूरदराज के इलाकों के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है जहाँ परंपरागत बिजली ग्रिड तक पहुँच अब भी सीमित है।
PM-KUSUM योजना में त्रिपुरा देश में अव्वल
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM) योजना के तहत त्रिपुरा वर्तमान में देश में शीर्ष स्थान पर है। मंत्री नाथ ने बताया कि 10,000 सौर पंप स्थापित करने के लक्ष्य के सापेक्ष TREDA ने अब तक 5,000 पंप स्थापित करने का कार्य पूरा कर लिया है।
गौरतलब है कि इस योजना का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। मंत्री ने एक किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि PM-KUSUM के तहत मिली सिंचाई सुविधा और बिजली सहायता से वह अब विभिन्न प्रकार की सब्जियों की सफलतापूर्वक खेती कर पा रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि खेती योग्य भूमि का एक भी टुकड़ा बेकार पड़ा रहे।
आगे की योजनाएँ
नाथ, जो कृषि और संसदीय कार्य मंत्रालय का भी कार्यभार संभालते हैं, ने कहा कि राज्य सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। PM-KUSUM योजना में देश में प्रथम स्थान बनाए रखना राज्य की प्राथमिकता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावाट तक पहुँचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।