त्रिपुरा के सभी 8 जिला सभाधिपति कार्यालय मई अंत तक सौर ऊर्जा से होंगे संचालित: ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाथ

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त्रिपुरा के सभी 8 जिला सभाधिपति कार्यालय मई अंत तक सौर ऊर्जा से होंगे संचालित: ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाथ

सारांश

त्रिपुरा मई के अंत तक अपने सभी 8 जिला सभाधिपति कार्यालयों को सौर ऊर्जा से जोड़ने जा रहा है। PM-KUSUM योजना में देश में पहले स्थान पर खड़े इस छोटे पूर्वोत्तर राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा अब प्रशासनिक दफ्तरों तक पहुँच चुकी है।

मुख्य बातें

ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाथ ने 15 मई 2025 को घोषणा की कि सभी 8 जिला सभाधिपति कार्यालय मई अंत तक सौर ऊर्जा से संचालित होंगे।
TREDA की 29वीं शासी निकाय बैठक में पिछले निर्णयों की प्रगति समीक्षा और अगले चरण की योजना तैयार की गई।
PM-KUSUM योजना के तहत 10,000 सौर पंपों के लक्ष्य में से 5,000 पंप स्थापित किए जा चुके हैं।
PM-KUSUM में त्रिपुरा देशभर में शीर्ष स्थान पर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में रियांग आदिवासी क्षेत्रों में सौर माइक्रोग्रिड के ज़रिए बिजली पहुँचाने की सराहना की।

त्रिपुरा के ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाथ ने शुक्रवार, 15 मई को घोषणा की कि राज्य के सभी आठ जिला सभाधिपति कार्यालय इस महीने के अंत तक सौर ऊर्जा से पूरी तरह संचालित होने लगेंगे। यह घोषणा अगरतला में आयोजित त्रिपुरा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (TREDA) की 29वीं शासी निकाय बैठक के बाद की गई।

बैठक में क्या हुआ

मंत्री नाथ ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सभी आठों जिला सभाधिपति, ऊर्जा विभाग के सचिव और TREDA के निदेशक उपस्थित रहे। बैठक में पिछली बैठक के निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी चरण की कार्ययोजना तैयार की गई। मंत्री ने कहा कि विद्युत क्षेत्र और नवीकरणीय ऊर्जा पहलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री की 'मन की बात' में त्रिपुरा की सराहना

नाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में TREDA और त्रिपुरा की सौर ऊर्जा पहलों की सफलता का विशेष उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने राज्य के रियांग आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सौर माइक्रोग्रिड प्रणालियों के माध्यम से बिजली पहुँचाने के कार्य की सराहना की। यह उन दूरदराज के इलाकों के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है जहाँ परंपरागत बिजली ग्रिड तक पहुँच अब भी सीमित है।

PM-KUSUM योजना में त्रिपुरा देश में अव्वल

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM) योजना के तहत त्रिपुरा वर्तमान में देश में शीर्ष स्थान पर है। मंत्री नाथ ने बताया कि 10,000 सौर पंप स्थापित करने के लक्ष्य के सापेक्ष TREDA ने अब तक 5,000 पंप स्थापित करने का कार्य पूरा कर लिया है।

गौरतलब है कि इस योजना का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। मंत्री ने एक किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि PM-KUSUM के तहत मिली सिंचाई सुविधा और बिजली सहायता से वह अब विभिन्न प्रकार की सब्जियों की सफलतापूर्वक खेती कर पा रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि खेती योग्य भूमि का एक भी टुकड़ा बेकार पड़ा रहे।

आगे की योजनाएँ

नाथ, जो कृषि और संसदीय कार्य मंत्रालय का भी कार्यभार संभालते हैं, ने कहा कि राज्य सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। PM-KUSUM योजना में देश में प्रथम स्थान बनाए रखना राज्य की प्राथमिकता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावाट तक पहुँचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 5,000 स्थापित सौर पंपों से किसानों की आय और फसल उत्पादकता में कितना मापनीय सुधार आया है। सभाधिपति कार्यालयों का सौरीकरण एक प्रतीकात्मक कदम है — सरकारी भवनों से आगे बढ़कर ग्रामीण और आदिवासी घरों तक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना ही इस नीति की वास्तविक परीक्षा होगी। शेष 5,000 पंपों की स्थापना की समयसीमा और गुणवत्ता पर नज़र रखना ज़रूरी है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा के सभाधिपति कार्यालयों को सौर ऊर्जा से कब तक जोड़ा जाएगा?
ऊर्जा मंत्री रतन लाल नाथ के अनुसार, राज्य के सभी 8 जिला सभाधिपति कार्यालयों को मई 2025 के अंत तक सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। यह घोषणा 15 मई को TREDA की 29वीं शासी निकाय बैठक के बाद की गई।
TREDA क्या है और इसकी बैठक में क्या निर्णय लिए गए?
TREDA यानी त्रिपुरा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की नोडल संस्था है। 29वीं शासी निकाय बैठक में पिछले निर्णयों की प्रगति समीक्षा की गई और विद्युत व नवीकरणीय ऊर्जा पहलों के अगले चरण की योजना बनाई गई।
PM-KUSUM योजना में त्रिपुरा की क्या उपलब्धि है?
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM) योजना के तहत त्रिपुरा वर्तमान में देशभर में पहले स्थान पर है। 10,000 सौर पंप स्थापित करने के लक्ष्य में से TREDA 5,000 पंप स्थापित कर चुकी है।
रियांग आदिवासी क्षेत्रों में सौर माइक्रोग्रिड का क्या महत्व है?
त्रिपुरा के दूरदराज रियांग आदिवासी बहुल क्षेत्रों में परंपरागत बिजली ग्रिड की पहुँच सीमित है। सौर माइक्रोग्रिड प्रणालियों के ज़रिए इन इलाकों में बिजली पहुँचाई जा रही है, जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में सराहना की।
किसानों को PM-KUSUM योजना से कैसे फायदा हो रहा है?
PM-KUSUM के तहत सौर पंप मिलने से किसानों को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा और बिजली सहायता मिल रही है। मंत्री नाथ ने बताया कि एक किसान अब इस योजना की मदद से विभिन्न प्रकार की सब्जियों की सफलतापूर्वक खेती कर पा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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